(आलोक तिवारी)
(मथुरा)
जगमोहन विवाद में हुई नारेबाजी और ‘तालाबंदी’ की खबरों से नाराज होकर हाईपावर्ड कमेटी ने कवरेज पर लगाई पूर्ण रोक
विश्व प्रसिद्ध ठाकुर श्री बांके बिहारी मंदिर की आंतरिक व्यवस्थाओं को लेकर चल रही खींचतान अब आर-पार की जंग में तब्दील हो गई है। मंदिर में बीते दिनों हुई नारेबाजी और गर्भगृह पर कथित तालाबंदी की खबरों से देश-विदेश में मंदिर की छवि धूमिल होने पर ‘श्री बांके बिहारी मंदिर हाईपावर्ड मैनेजमेंट कमेटी’ ने बड़ा एक्शन लिया है। गुरुवार को हुई आकस्मिक बैठक के बाद कमेटी ने मंदिर प्रांगण के भीतर मीडिया कवरेज पर तत्काल प्रभाव से पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है।
समिति के सदस्य और पूर्व जिला जज मुकेश मिश्रा ने मंदिर की तुलना पोलिंग बूथ से करते हुए स्पष्ट किया कि अब पत्रकार मंदिर के भीतर किसी का इंटरव्यू नहीं ले सकेंगे। उन्होंने कहा, “जिस तरह मतदाता के बाहर आने पर उसका बयान लिया जाता है, उसी तरह मीडियाकर्मी भक्तों के बाहर आने के बाद ही कवरेज करें। मंदिर के अंदर मीडिया की मौजूदगी से अव्यवस्था फैलती है।”
कमेटी ने व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद करने के लिए नया नियम लागू किया है। अब जगमोहन (ठाकुर जी के ठीक सामने का चबूतरा) में केवल वही गोस्वामी जा सकेंगे, जिनकी उस समय ‘सेवा’ होगी। अन्य किसी भी व्यक्ति या सेवायत का प्रवेश वहां प्रतिबंधित रहेगा।
विवाद की मुख्य जड़ ठाकुर जी को जगमोहन में विराजमान कर दर्शन कराने की है। हाईपावर्ड कमेटी चाहती है कि भीड़ के दबाव को कम करने के लिए ठाकुर जी को बाहर विराजमान किया जाए, ताकि श्रद्धालु दूर से ही सुगमता से दर्शन कर सकें। हालांकि, सेवाधिकारी सुनील गोस्वामी, गोपी गोस्वामी, आभास और आदित्य गोस्वामी ने स्पष्ट किया है कि जब तक समिति इसके लिए लिखित ‘आदेश’ जारी नहीं करती, वे इसे लागू नहीं करेंगे। वहीं समिति का कहना है कि वे परंपराओं का सम्मान करते हुए केवल ‘अनुरोध’ करेंगे, आदेश नहीं।
समिति ने जगमोहन में नारेबाजी कर हंगामा करने वालों को कड़ी चेतावनी दी है। पूर्व जज मुकेश मिश्रा ने कहा कि हंगामा करने वालों को चिन्हित किया जा रहा है और समय आने पर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



