(मुकेश सेठ)
(मुम्बई)
बांग्लादेशी घुसपैठियों और पाक समर्थन से मुंबई का महापौर बनाने चले ‘उबाठा’ का सपना मुंबईकरों ने किया चकनाचूर कहा मीडिया विभाग प्रमुख ने
बीजेपी नेता ने कहा मतदाताओं ने विकास सुशासन और पारदर्शिता को देखकर ही बीजेपी महायुति को दिया है जनादेश
विकास, सुशासन और पारदर्शिता को प्राथमिकता देते हुए मतदाताओं ने महापालिका चुनावों में भाजपा–महायुति को स्पष्ट जनादेश दिया है।
उक्त दावा महाराष्ट्र बीजेपी प्रदेश कार्यालय में मीडिया माध्यम प्रमुख व नवनिर्वाचित नगरसेवक नवनाथ बन ने पत्रकार वार्ता में किया।
उन्होंने आगे कहा कि संजय राऊत अनावश्यक रूप से नगरसेवकों की तोड़फोड़ और महापौर कौन बनेगा, इस पर संदेह का माहौल बना रहे हैं, जबकि भाजपा के वरिष्ठ नेताओं द्वारा बार-बार स्पष्ट करने के बाद भी कि मुंबई का महापौर हिंदू और मराठी होगा, संजय राऊत सौदेबाज़ी की ‘उबाठा’ गुट की परंपरा को कायम रखे हुए हैं।
बन ने कहा कि बीएमसी में उबाठा गुट, बांग्लादेशी घुसपैठियों और पाक समर्थन के सहारे मुंबई का महापौर बैठाने का सपना देख रही किन्तु मतदाताओं ने उबाठा का सपना धूल में मिला दिया।
आगे कहा कि कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में भाजपा–महायुति की सरकार महाराष्ट्र और मुंबई के विकास की रफ़्तार को आगे बढ़ा रही है।
बीजेपी नेता ने संजय राउत पर तंज कसते हुए कहा कि दिल्ली में भाजपा–महायुति के कौन-कौन से नेता गए, इस पर बोलने के बजाय संजय राऊत को यह आत्ममंथन करना चाहिए कि मुंबई महानगरपालिका में 25 वर्षों तक सत्ता में रहने के बावजूद उबाठा गुट अपना महापौर बनाने लायक नगरसेवक क्यों नहीं जिता सकी। बन ने कहा कि भाजपा–महायुति के नेता यदि दिल्ली जाते हैं तो इसमें गलत क्या है।
बालासाहेब ठाकरे के विचारों, विरासत और हिंदुत्व से दूर जाकर अजान प्रतियोगिता आयोजित करने तथा पत्राचाळ घोटाले जैसे मामलों पर बालासाहेब होते तो राऊत को कभी का पार्टी से निकाल बाहर किए होते।उन्होंने कहा कि बालासाहेब ठाकरे का नाम लेने का भी संजय राऊत को कोई अधिकार नहीं है। उनके विचारों से विश्वासघात करने वालों को महाराष्ट्र के मतदाताओं ने महापालिका चुनावों में उनकी जगह दिखा दी है।
बीजेपी नेता ने कहा कि महानगरपालिका चुनावों में मतदाताओं ने भाजपा–महायुति की विकास नीति को स्पष्ट जनादेश देकर विजयी बनाया है,भाजपा कभी भी जीत का उन्माद नहीं करती।




