(आलोक तिवारी)
(मथुरा)
धरातल पर उलट दिखाई दे रहे परिणाम
प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ श्री कृष्ण की जन्मस्थली मथुरा सहित संपूर्ण ब्रज की तस्वीर बदलने के लिए सैकड़ों योजनाओं को मुख्यमंत्री कार्यालय में बैठ कर बना रहे हैं जिससे ब्रज में पर्यटन को बढ़ावा मिले साथ ही आने वाले श्रद्धालुओं को आनंद की अनुभूति मिल सके पर वास्तविकता इसके उलट दिखाई देती हैं।
संपूर्ण ब्रज मंडल में लगा प्रशासनिक अमला मुख्यमंत्री की इच्छा के विपरीत ब्रज की तस्वीर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए कूड़े और गंदगी के ढेर, चहुओर जाम, पार्किंग व्यवस्था के नाम पर लूट के तौर पर प्रस्तुत कर रहे हैं, चाहे नगर निगम क्षेत्र का प्रशासनिक अमला हो या जिला प्रशासन हर कोई बड़े बड़े दावे करते सुनाई देगे जिसके चलते आने वाले श्रद्धालुओं सहित ब्रज के निवासियों को अब प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भरोसा ना के बराबर रह गया है।
सब से ज्यादा स्थिति मथुरा वृंदावन नगर निगम क्षेत्र की खराब है जबकि यहां वर्ष में करोड़ों श्रद्धालुओं देश विदेश से श्रद्धा और विश्वास के साथ आते हैं पर गंदगी, जाम और पार्किंग की लूट से त्रस्त होकर मथुरा से जाते समय उत्तर प्रदेश सरकार के मुखिया योगी आदित्यनाथ की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिन्ह लगाते हुए सुनाई देते हैं।
मथुरा में गंदगी का आलम यह है कि शहर में जगह जगह कूड़े के ढेर और नालियों में गंदगी के चलते बेशुमार मच्छर पनप रहे हैं, मथुरा की मुख्य सड़कों पर जाम के चलते पैदल राहगीरों का निकलना दुश्वार है, वही पार्किंग की लूट के चलते आए दिन यात्रियों के साथ अभद्र व्यवहार देखने सुनने को मिलता है, ना मथुरा के प्रशासनिक अधिकारियों के पास कूड़ा निस्तारण की कोई ठोस उपाय दिखाई देता है ना ही सीवर समस्या के निस्तारण में कोई रुचि दिखाई देती है जबकि सरकार द्वारा हर बजट में मथुरा की सीवर समस्या के लिए राशि आबंटित की जाती है पर धरातल पर कार्य शून्य होता दिखाई देता है।
पार्टी कार्यकर्ता खुद इस तस्वीर से व्यथित दिखाई देते हैं पर मथुरा जनपद का शीर्ष नेतृत्व मथुरा की हकीकत को मुख्यमंत्री कार्यालय तक बताने में असफल दिखाई देता है या अधिकारियों के भरोसे बैठे मुख्यमंत्री मथुरा के पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं की बात को अनसुना कर अधिकारियों की रिपोर्ट को तवज्जो देकर कार्य करने में व्यस्त है।



