(आलोक तिवारी)
(मथुरा)
योगी आदित्यनाथ मलूकदास महाराज के जयंती महोत्सव में हुए शामिल और कहा भारत के सनातन राजा राम हैं
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को वृंदावन पहुंचे जहां उन्होंने श्रीमद्जगदगुरु द्वाराचार्य मलूकदास महाराज के 452वें जयंती महोत्सव में भाग लिया। मुख्यमंत्री योगी के पहुंचने पर ब्रज के संतो ने उनका स्वागत, अभिनंदन किया।
महोत्सव में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज से 452 साल पहले भारत का मध्यकाल विदेशी आक्रांताओं की बर्बरता और सनातन धर्म पर छा रहे अंधकार का दौर था। ऐसे समय में एक दिव्य पुंज के रूप में भक्ति की अलग धारा लेकर जनचेतना को जागृत करने तथा सांस्कृतिक राष्ट्रधारणा को स्थापित करने का संकल्प लिया गया। उसी दिव्य ज्योति का प्राकट्य प्रयागराज की धरती पर श्रीकरणाधाम में हुआ। आज प्रयागराज हमारे लिए पावन तीर्थस्थल है। दुनिया का सबसे बड़ा आध्यात्मिक और सांस्कृतिक जनसैलाब आज भी यदि कहीं उमड़ता है, तो वह प्रयागराज की धरती पर महाकुंभऔर कुंभ के अवसर पर देखने को मिलता है।
सीएम योगी ने कहा कि भारत के सनातन राजा राम हैं और कोई नहीं। उन्होंने कहा कि जगद्गुरु मलूकदास महाराज ने अपनी जीवंत परंपरा को आगे बढ़ाया। जिस वैष्णव परंपरा, विशेषकर रामानंदी संप्रदाय में वे दीक्षित हुए, उस पावन परंपरा को उन्होंने अलंकृत किया। प्रयागराज की धरती का यह भी सौभाग्य है कि वहीं जगद्गुरु रामानंदाचार्य जी की पावन जन्मभूमि है। प्रयागराज की इसी धरती पर जन्म लेकर उन्होंने देश के विभिन्न तीर्थों ब्रज, अयोध्या धाम, चित्रकूट, प्रयागराज, काशी और जगन्नाथ पुरी में जाकर आध्यात्मिक और सांस्कृतिक चेतना जागृत करने का कार्य अपने हाथों में लिया।
सीएम योगी ने कहा कि विकास तभी सार्थक है, जब विरासत भी सुरक्षित रहे। इसी वजह से दोनों काम साथ-साथ चल रहे हैं। आपने काशी में देखा होगा कि काशी विश्वनाथ धाम कितना भव्य और दिव्य बन गया है। उन्होंने कहा कि 2017 में जब मुझे काशी में दर्शन का अवसर मिला, तो उस समय 50 लोग भी एक साथ नहीं जा सकते थे, लेकिन आज 50 हजार लोग एक साथ दर्शन कर सकते हैं। यह डबल इंजन सरकार का ही प्रयास है। उन्होंने कहा कि अयोध्या में भी 2017 से पहले तीन घंटे बिजली मिलती थी, संकरी गलियां थीं और दुर्घटना का डर बना रहता था। आज अयोध्या जाएं तो वहां का स्वरूप त्रेता युग की याद दिलाता है। यह संतों की साधना और संघर्ष का परिणाम है। अगर संतों की एकता में इतनी ताकत है, तो पूरा सनातन समाज एकजुट होकर किसी भी विधर्मी या हिंदू विरोधी षड्यंत्र को सफल नहीं होने देगा। इस यात्रा को रुकने नहीं देना है, बल्कि इसे निरंतर आगे बढ़ाते रहना है।
सीएम योगी ने कहा कि सनातन धर्म से बड़ा कोई नहीं हो सकता। अयोध्या में हमने राम जन्मभूमि को मुक्त होते देखा है और भव्य प्राण-प्रतिष्ठा का साक्षी बने हैं। साल 2026 चल रहा है। साल 1526 में संभल में हरिहर मंदिर को बाबर के अनुयायियों ने तोड़ा था। वहां 67 तीर्थ और 19 कूप थे। साल 1976 और 1978 में दंगे हुए, जिनमें सैकड़ों हिंदू मारे गए। बाद में सपा सरकार में मुकदमे वापस करा दिए गए। अब वहां सड़क बन रही है, धर्मशाला बन रही है और परिक्रमा भी शुरू हो रही है। 1528 में बाबर के सिपहसालार ने राम मंदिर को तोड़ा था। 500 वर्ष पूरे होने से पहले ही हमने उसे वापस प्राप्त कर लिया।
इससे पूर्व मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर पवन हंस हेलीपैड पर उतरा। जहां मुख्यमंत्री का स्वागत योग गुरु बाबा रामदेव, कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण, राज्यसभा सांसद तेजवीर सिंह, विधायक राजेश चौधरी, पूरन प्रकाश, ठाकुर मेघश्याम, योगेश नौहवार, महापौर विनोद अग्रवाल, पूर्व मेयर मुकेश आर्य बंधु, भाजपा जिलाध्यक्ष निर्भय पांडे, महानगर अध्यक्ष राजू यादव, उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के उपाध्यक्ष शैलजा कांत मिश्रा तथा जिलाधिकारी सीपी सिंह सहित अन्य अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों द्वारा किया गया।



