(मुकेश सेठ)
(मुम्बई)
अकिंचन फाउंडेशन ने हैनीमैन होमियो सैंटर पर भारत राजीव दीक्षित की मनाई 15 पुण्यतिथि
30 नवम्बर को स्वदेशी आंदोलन के प्रणेता और महान विचारक भाई राजीव दीक्षित की 15वीं पुण्यतिथि लाइन बाजार स्थित हैनिमैन होमियो सेंटर पर श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता समाजसेविका श्रीमती रेखा तिवारी ने की।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता कमलेश सिंह ने भाई राजीव दीक्षित के विचारों और उनके जीवन दर्शन पर विस्तृत प्रकाश डालते हुए बताया कि उन्होंने भारतीय संस्कृति, स्वदेशी उत्पादों तथा मिट्टी के बर्तनों के उपयोग को पुनर्जीवित करने का महत्वपूर्ण अभियान चलाया। उन्होंने बताया कि राजीव जी ने विदेशी कंपनियों और विदेशी जीवन शैली से होने वाले नुकसान के बारे में लोगों को जागरूक किया और भारतीय सभ्यता–संस्कृति के संरक्षण के लिए आजादी बचाओ आंदोलन से लेकर भारत स्वाभिमान तक कई महत्वपूर्ण अभियान चलाए।
उन्होंने भाई राजीव दीक्षित के बारे में प्रमुख 10 बातों पर प्रकाश डाला कि
- वे एक प्रखर सामाजिक कार्यकर्ता और स्वदेशी आंदोलन के प्रमुख चेहरा थे।
- जन्म: 30 नवंबर 1967, अलवर (राजस्थान)।
- 1991 में आजादी बचाओ आंदोलन की शुरुआत की।
- स्वदेशी उत्पादों और भारतीय उद्योगों के समर्थन में व्यापक जनजागरण किया।
- आयुर्वेद और भारतीय चिकित्सा पद्धति के पुनरुत्थान पर उनका विशेष बल रहा।
- गौ माता के आर्थिक एवं सांस्कृतिक महत्व को समाज के सामने रखा।
- उन्होंने भारतीय गुरुकुल शिक्षा प्रणाली का समर्थन किया।
- विदेशी शिक्षा पद्धति की कमियों व उसके दुष्प्रभावों पर खुलकर आवाज उठाई।
- भारत स्वाभिमान ट्रस्ट की स्थापना कर स्वावलंबन और स्वाभिमान पर जोर दिया।
- उनका निधन 30 नवंबर 2010 को हुआ, परंतु उनके विचार आज भी लाखों लोगों को प्रेरणा देते हैं।
कार्यक्रम में उल्लेखनीय उपस्थित प्रमुख शुक्ला, पंकज सिंह, चंचल पाठक लक्ष्मी नारायण तिवारी, तथा डॉ. ज्ञान प्रकाश सहित अनेक लोग की रही।
यह आयोजन अकिंचन फाउंडेशन द्वारा सफलतापूर्वक संपन्न किया गया।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. अमरनाथ पांडे ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया और अध्यक्षता कर रही श्रीमती रेखा तिवारी को अंग-वस्त्र व बुके प्रदान कर सम्मानित किया।
इस प्रकार पूरा कार्यक्रम राजीव दीक्षित के स्वदेशी विचारों एवं राष्ट्रहित की भावना के प्रति समर्पण को याद करते हुए संपन्न हुआ।




