(मुकेश सेठ)
(मुम्बई)
यूपी शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष वसीम रिज़वी से जितेन्द्र नारायण सिंह बन चुके ने लगाया गंभीर आरोप कहा दोनों बोर्ड बन चुके कट्टरपंथियों के ग़ुलाम
पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री समेत अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ़ विभाग को पत्र लिखकर की है जाँच की मांग
उत्तर प्रदेश वक्फ बोर्डो के लिए बनाए गए उम्मीद पोर्टल पर शिया,सुन्नी वक्फ बोर्ड के मुतवल्ली, वक्फ संपत्ति के साथ-साथ दूसरों की निजी संपत्तियां भी अवैध रूप से वक्फ में दर्ज कर रहे, जिसमें हिंदुओं की और बेनामी संपत्तियों को निशाना बनाया जा रहा है।
उक्त गंभीर आरोप लगाते हुए उत्तर प्रदेश के शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष वसीम रिज़वी जो कि अब जितेन्द्र नारायण सिंह बन चुके हैं ने लगाया है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के शिया, सुन्नी वक्फ बोर्ड कट्टरपंथियों के गुलाम है।
पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि जब वक्फ अधिनियम संशोधन 2025 पूरे भारत में लागू हो चुका है और संशोधन में स्पष्ट लिखा है कि संशोधन 2025 लागू होने के बाद पूर्व मे गठित किए गए वक्फ बोर्ड में सिर्फ निर्वाचित सदस्य ही अपना निर्धारित कार्यकाल पूरा करेंगे।
इस से यह स्पष्ट है कि वक्फ अधिनियम में हुए 2025 संशोधन के बाद नामित किए गए सदस्यों की सदस्यता शून्य हो गई है ,नामित सदस्यों की जो व्यवस्था संशोधन 2025 में सुनिश्चित की गई है संशोधन के लागू होने के बाद सभी वक्फ बोर्ड में नई व्यवस्था के अनुसार सदस्य नामित किए जाने चाहिए,पूर्व नामित सदस्यों को इस संशोधन के बाद बोर्ड में कार्य करने का कोई भी अधिकार प्राप्त नहीं है।
उन्होंने बताया कि इस संबंध में मैंने एक पत्र शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी व सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी को भेजा है कि बिना सरकार की अनुमति के पूर्व नामित सदस्यों को कोई भी आदेश निर्देश और वक्फ बोर्ड की मीटिंग बुलाया जाना गैर कानूनी होगा।
पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि मेरे संज्ञान में आया है कि आगामी 13 अक्टूबर को शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड में बोर्ड की बैठक होने जा रही है, इसमें वह नामित सदस्य जो वर्ष 2021 में नामित किए गए थे वह भी शामिल होने जा रहे हैं, शिया वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष, शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड में वर्ष 2021 में नामित किए गए सदस्य है।शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड में वर्तमान में मात्र श्रीमती बेगम नूर बानो रामपुर निवासी निर्वाचित सदस्य है ,इनके अतिरिक्त शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड उत्तर प्रदेश मे बोर्ड के अध्यक्ष सहित सभी सदस्य की सदस्यता वक्फ अधिनियम में संशोधन 2025 होने के पश्चात समाप्त हो चुकी है।
पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक विभाग को इस मामले का संज्ञान लेना चाहिए, तथा मेरे द्वारा मुख्यमंत्री तथा अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ विभाग को पत्र लिखकर स्थिति से अवगत कराया गया है क्योंकि यह मामला अति गंभीर है।




