सत्रहवीं लोकसभा के लिए गुरुवार को हुए पहले चरण के मतदान के साथ ही चार राज्यों के असेंबली चुनावों के लिए भी वोटिंग हुई है। इन राज्यों में एक है आंध्र प्रदेश, जहां इस बार राजनीतिक तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। विभाजन के बाद इस राज्य की सियासत दो क्षेत्रीय दलों तेलुगूदेशम और वाईएसआर कांग्रेस के इर्द-गिर्द सिमट गई है और राष्ट्रीय दल हाशिए पर चले गए हैं। कांग्रेस, बीजेपी, बीएसपी और कम्युनिस्ट पार्टियों में यहां कोई दम नहीं दिख रहा है। बिल्कुल संभव है कि आगे के चुनावों में अपना अस्तित्व बचाने के लिए भी उन्हें यहां की रीजनल पार्टियों का ही सहारा लेना पड़े।



