(मुकेश शर्मा)
(ग्वालियर)
मामला ग्वालियर के दर्पण कॉलोनी के भूखंड और अटल कुंज का
कमिश्नर राहुल हरिदास फंटिंग ने न तो फोन उठाया न ही मैसेज का दिया जवाब
मध्यप्रदेश गृह निर्माण एवं अधो संरचना विकास मंडल के आयुक्त शुक्रवार को गोपनीय दौरे पर ग्वालियर आए।आयुक्त ओर विभाग ने खूब गोपनीयता बरतने का प्रयास किया परन्तु कुछ खबर नवीसों को इसकी भनक लग गई और मामला सोशल मीडिया के माध्यम से सार्वजनिक होगया इससे बौखलाए आयुक्त ने अपने अधीनस्थ अधिकारियों खूब खरी खोटी सुनाई कि मेरा दौरा सार्वजनिक कैसे हुआ? खैर ये तो बात रही आयुक्त ओर विभाग की अब बात करते है असल मुद्दे की सूत्र बताते हैं आयुक्त का ग्वालियर का ये दौरा तो बहाना था असल में मामला दर्पण कॉलोनी के एक भूखंड की बिक्री से जुड़ा है लगभग 65 करोड़ की कीमत वाले इस भूखंड की बिक्री में हाउसिंग बोर्ड ने सारे नियम ताक पर रख दिए हैं!शहर के नामचीन इलाके दर्पण कॉलोनी में कमर्शियल भूखंड नम्बर-01 थाटीपुर दर्पण कालोनी ग्वालियर का MP e-tender CUM AUCTION NO 2025-MPHID-436397 के माध्यम से विक्रय हेतु निर्धारित अफसेट मूल्य राशि रू. 63.35 करोड के विरूद्ध LD Hotel shelter LLP, Gwalior द्वारा डाली गई सूत्र बताते हैं कि बिड राशि रू. 64.79 करोड की उच्चतम वित्तीय बिड के अनुमोदन के लिये आयुक्त डॉ. राहुल हरिदास फटिंग द्वारा Ld Hotel Shelter Lip Gwalior के संबंधितों से हाउसिंग बोर्ड के अपर आयुक 1 शैलेन्द्र वर्मा के माध्यम से रू. 25.00 लाख राशि की मांग की गई है? इस लेन-देन के लिये आयुक्त डॉ. राहुल हरिदास फटिंग और शैलेन्द्र वर्मा अपर आयुक्त-1 शुक्रवार दिनांक 19.09.2025 को ग्वालियर प्रवास पर रहे। आश्चर्य की बात ये है कि उक्त भूखंड का टेंडर स्वीकृत करने का अधिकार न तो उपायुक्त ग्वालियर व्रत एन के वर्मा को है न आयुक्त राहुल हरिदास फंटिग ओर न विभागीय मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को क्योंकि भूखंड की कीमत इन तीनों के अधिकार क्षेत्र से बाहर है।इसकी स्वीकृति केवल संचालक मंडल दे सकता है।इस तरह आयुक्त राहुल हरिदास फंटिग द्वारा मंत्री श्री विजय वर्गीय को धोखे में रखकर गलत काम कराने की पूरी आशंका है!उक्त भूखंड की पहली निविदा निकाली तब उसमें 3 टेंडर आए लेकिन होटल मालिक से सांठ गांठ कर पहली निविदा निरस्त कर दी ओर दूसरी निविदा में होटल मालिक का सिंगल टेंडर आया।



सारे नियम ताक पर रख कर टेंडर कमेटी ने सिंगल टेंडर पास भी कर दिया।जब सिंगल टेंडर पास होगा तो सवाल तो खड़े होंगे।इसके अलावा पहली निविदा में जिन दो लोगों के 12 करोड़ 70 लाख रुपए धरोहर राशि विभाग के पास जमा है विभाग उस राशि को देने में आनाकानी कर रहा है बताया तो यहां तक जा रहा है कि धरोहर राशि वापस करने के बदले पैसा मांगा जा रहा है? खबर है कि धरोहर राशि का मामला कोर्ट में पहुंच चुका है!
इसी तरह दीनदयाल नगर के अटल कुंज टावर, का MP e-tender No. 2025_MPHIDB_424223_1 में ठेकेदार श्री गिरराज कंस्ट्रक्शन ग्वालियर द्वारा निविदा डाली गई मंडल के सूत्र बताते हैं कि SOR से 12.72% कम दर रू. 43.18 करोड की स्वीकृति हेतु आयुक्त डॉ. राहुल हरिदास फटिंग और शैलेन्द्र वर्मा अपर आयुक्त-1 के साथ ठेकेदार से 2% टेण्डर स्वीकृति की दर से रू. 86.00 लाख लेने कमीशन लेने का मामला भी हाऊसिंग बोर्ड और ग्वालियर के चौक चौराहों पर जन चर्चा का विषय बना हुआ है।
खबर पर हाउसिंग बोर्ड आयुक्त डॉ राहुल हरिदास फंटिग का पक्ष जानने के लिए उनके मोबाईल पर दो बार फोन लगाया पर उनका मोबाईल रिसीव नहीं हुआ।उसके बाद दो बार आयुक्त श्री फंटिग को वाट्सअप मैसेज भी किया मैसेज में खबर के संबंध में लिखा मैसेज देखने के बाद भी आयुक राहुल हरिदास फंटिग का कोई जवाब नहीं आया। जब आई ए एस आधिकारी इतने गैर जिम्मेदार होंगे तो कई सवाल पैदा होंगे ही….?




