★मुकेश सेठ★
★मुम्बई★
17 कंपनियों को कारण बताओ नोटिस जारी, 4 कंपनियों को उत्पादन बंद करने को कहा और 6 कंपनियों के लाइसेंस हुए रद्द
खाद्य एवं औषधि मंत्री संजय राठौड़ ने सदन को बताया 8259 खुदरा विक्रेताओं के निरीक्षण के पश्चात 2000 को नोटिस व 424 के लायसेंस रद्द करने के साथ ही 56 के खिलाफ हुआ केस दर्ज
विधायक एड.आशीष शेलार ने उक्त कम्पनियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या के मामलें दर्ज करने की मांग उठाई
पीठासीन अधिकारी संजय सिरसाट ने राज्य सरकार को मामले को गम्भीरता पूर्वक लेते हुए कार्यवाई करने का निर्देश दिया
♂÷महाराष्ट्र सरकार के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने कफ़ एक्सपेक्टोरेंट बनाने वाली 84 कंपनियों का निरीक्षण किया, जिनमें से 17 कंपनियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है, जबकि चार अन्य कंपनियों को उत्पादन बंद करने का निर्देश दिया गया है और साथ ही छह अन्य कंपनियों के लाइसेंस रद्द कर दिए गए हैं।
खाद्य एवं औषधि मंत्री संजय राठौड़ ने शुक्रवार को सदन में जानकारी देते हुए आगे बताया कि “विश्व स्वास्थ्य संगठन ने बताया था कि हमारे देश से निर्यात किए गए कफ एक्सपेक्टोरेंट का सेवन करने से 66 बच्चों की मौत होने की आशंका है, क्योंकि इसमें हानिकारक तत्व होते हैं।
नियम है कि स्थिरता परीक्षण करने के बाद ही राज्य के भीतर निर्मित दवाओं का निर्यात करना अनिवार्य था लेकिन यह पाया गया कि फरवरी 2023 में राज्य में 200 से अधिक दवा निर्माताओं द्वारा निर्मित 2,000 दवाओं को बिना किसी प्रकार के स्थिरता परीक्षण प्रमाण पत्र के राज्य से बाहर निर्यात किया जा रहा था।
वहीँ इसे विधानसभा के संज्ञान में लाते हुए भाजपा विधायक एड. आशीष शेलार ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के माध्यम से कहा कि 200 दवा निर्माण कंपनियों पर जांच बिठाई जानी चाहिए और दोषी पाए जाने वालों के लाइसेंस समाप्त किए जाने चाहिए।अपराध की गंभीरता को देखते हुए विधायक एड. आशीष शेलार ने सरकार से मांग की,कि उक्त कंपनियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया जाए।
इसके जवाब में मंत्री संजय राठौड़ ने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने अक्टूबर 2022 में गांबिया में 66 बच्चों की मौत की रिपोर्ट जारी की थी।
इसके मुताबिक सरकार के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने सात अक्टूबर 2022 को एक सर्कुलर जारी किया था कि सिरप के निर्माताओं के खिलाफ निरीक्षण किया जाएगा जिसके तहत 84 कंपनियों का निरीक्षण किया गया।इनमें कुल 27 कंपनियों परीक्षण के तय मानकों पर खरा नही उतर पाई तो उनके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की गई है।
मन्त्री राठौड़ ने सदन में जानकारी दी कि महाराष्ट्र में 996 एलोपैथिक दवा निर्माता हैं, जिनमें से 514 निर्माता अपने उत्पादों का निर्यात करते हैं। साथ ही, पिछले साल लगभग 8,259 खुदरा विक्रेताओं का निरीक्षण किया गया था।
इनमें से 2,000 खुदरा विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस भेजे गए थे, 424 के लाइसेंस रद्द कर दिए गए और 56 खुदरा विक्रेताओं के खिलाफ अपराध दर्ज किए गए।
मंत्री ने यह आश्वासन दिया कि मामला गंभीर होने के कारण जल्द ही इस सन्दर्भ में बैठक की जाएगी।
यहां तक कि पीठासीन अधिकारी संजय शिरसाट ने राज्य सरकार को मामले को गंभीरता से लेने का निर्देश देते हुए आवश्यक कार्रवाई करने को कहा।
विधानसभा में इस गम्भीर मामलें की चर्चा में नेता प्रतिपक्ष व पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार,विधायक योगेश सागर,विधायक जयकुमार रावल भी शामिल हुए।



