लेखक~डॉ.के. विक्रम राव
♂÷अंग्रेज भले ही विश्व शासक रहें हों, पर उनसे बेहतर मूढ़मति वाला नहीं मिलेगा। ढोंग, पोंगापंथ और बनावटी रस्मोरिवाज में अग्रणी। मसलन उनकी संसद के नूतन अधिवेशन के प्रथम दिवस पर सांसद जन आज भी दिन में मशाल लिए वेंस्टमिस्टर (संसद भवन) के भूगर्भग्रह से जुलूस में निकलकर छानबीन करते हैं। यह जानने के लिए कि कहीं विस्फोटक तो नहीं जमा रखे हैं। हालांकि आधुनिक युग में विस्फोटक पदार्थ को खोजने के अनन्य तरीके बने हैं। इस बेवकूफी और हास्यास्पद रिवाज की पृष्ठभूमि में एक ऐतिहासिक हादसा है जिसके रचयिता हैं गाई फॉक्स, एक घाघ कैथोलिक मतावलंबी जो रोम के पोप का अनन्य भक्त और आस्थावान ईसाई था। यूं तो लंदन में संसद भवन को उड़ाने में तब बारूद (आज का डायनामाइट) का उपयोग होना था। तारीख थी 5 नवंबर 1605, मगर साजिश का भांडा फूटा और मुख्य अभियुक्त गाई फॉक्स को शूली पर चढ़ाया गया। उस दिन पांच सौ साल पूर्व वाला (31 जनवरी 1606 का) दिन था।
इस पूरे राजद्रोह की साजिश में मशहूर कवि और नाटककार विलियम शेक्सपियर भी अभियुक्त थे। मगर वे मुक्त हो गए थे। इस षडयंत्र की समता करनी होगी नई दिल्ली में 13 दिसंबर 2001 के दिन हुये लोकसभा पर आतंकी हमले से। तब आतंकी अफजल गुरु और उसके गुर्गों ने संसद भवन को उड़ाने की साजिश रची थी। हालांकि अफजल गुरु उस गोरे षडयंत्रकारी गाई फॉक्स से कहीं अधिक धूर्त और सुनियोजित रहा। मकसद दोनों का भले ही एक रहा हो।
गाई फॉक्स रोम के पोप का कट्टर भक्त था। निखालिस रोमन कैथोलिक जो इंग्लैंड में प्रोटेस्टेंट धर्म का नाश कर, पुरानी कैथोलिक आस्था को फिर से स्थापित करना चाहता था। समूचा इंग्लैंड क्यों प्रोटेस्टेंट बना ? क्योंकि कैथोलिक धर्म में तलाक अवैध और वर्जित है। सम्राट हेनरी अष्टम की पहली रानी क्वीन मेरी थी। उसके बजाय बादशाह अपने हरम की दाई एनी बोलीन से इश्क लड़ाने लगा था। शादी करना चाहता था। मगर पोप ने मेरी से तलाक नामंजूर कर दिया था। अतः समूचे इंग्लैंड ने रातों रात धर्म परिवर्तन कर डाला। पोप की सत्ता को खारिज कर प्रोटेस्टेंट धर्म को अपना लिया। इससे नाराज पुराने फौजी सैनिक तथा पोप के भक्त गाई फॉक्स ने तख्ता पलट की सोची। तब बादशाह था जेम्स प्रथम जो स्कॉटलैंड का राजा था। बुआ एलिजाबेथ प्रथम द्वारा नामित होने पर इंग्लैंड से अपने स्कॉटलैंड का गठजोड़ होने पर बने साम्राज्य का बादशाह बना। उसके स्टुअर्ट वंश की श्रोत महारानी एलिजाबेथ प्रथम की मां थी। अंतःपुर की दादी रानी एनी बोलीन प्रोटेस्टेंट थी। बादशाह जेम्स इतना फटीचर था कि राजधानी एडिनबर्ग से चार सौ किलोमीटर दूर लंदन जाने के लिए अपनी बघ्घी का किराया भी वह देने में असमर्थ था। मौसी से लिया। तभी राष्ट्र में प्रोटेस्टेंट धर्म के खिलाफ विद्रोह हुआ। गाई फॉक्स प्रथम कैथोलिक के अलावा और रोम का भक्त था। उसने योजना बनाई की संसद भवन को उड़ा दिया जाए। उस वक्त बादशाह जेम्स और सांसद अधिवेशन प्रत्येक प्रथम दिवस पर एकत्रित होते ही। यूं इस स्कॉटलैंड के राजा जेम्स से सभी नाराज थे। आज भी इंग्लैंड और स्कॉटलैंड में वैमनस्य है। यूरोपियन यूनियन में स्कॉटलैंड रहना चाहता था। भले ही एक ही देश के दोनों प्रांत हों। वकील एडवर्ड फाल्क्स के चार पुत्रों में एक गाई कट्टर मजहबी था। वह स्पेन के कैथोलिक शासन का झंडा बरदार था। उसका विस्फोट वाला काम 2 नवंबर 1605 के दिन पूरा होना था। गाई ने संसद भवन के तहखाने में एक गोदाम किराए पर लिया। वहीं अपनी योजनाओं के अनुसार बारूद का ढेर जमा किया।
विस्फोट का मुहूर्त भी निश्चित हुआ था। संसद अधिवेशन के प्रथम दिन : 5 नवंबर 1605, कानों कान किसी को भनक भी नहीं लगी। जब समस्त तैयारियां हो गई थी तो फाल्क्स के साथियों में एक साजिशकर्ता ने अपने संबंधी सांसद को सूचित किया कि वे पहले दिन संसद अधिवेशन में गैरहाजिर रहें। उस सांसद ने वह पत्र राज्य पुलिस को दे दिया। जांच चालू हुई। तहखाने पर छापा पड़ा। बारूद का ढेर और वहीं तैनात फाल्क्स धरे गए। बादशाह जेम्स के आदेश पर पुलिसिया जुल्म हुआ। फाल्क्स ने सब उगल दिया। फांसी की सजा हुई पर सीढ़ी पर चढ़ते ही वह गिर पड़ा। गर्दन की हड्डी टूट गई। वह मर गया। इस पूरे गाथा को अपने नाटक “मैकबैथ” में शेक्सपियर ने वर्णित किया है। बादशाह डंकन की हत्या अपनी पत्नी रानी ग्राउष के साथ मिलकर मैकबेथ ने रची थी। इस षड्यंत्रकारी हत्या का विशद उल्लेख शेक्सपियर ने किया था।
बादशाह जेम्स का पुत्र युवराज चार्ल्स प्रथम तो बच गया और बाद में राजा बना। किंतु संसद से घर्षण के कारण राष्ट्र में व्यापक सिविल युद्ध हुआ और चार्ल्स प्रथम का सर कलम कर दिया गया। उनके वंशज आज के बादशाह चार्ल्स तृतीय के नाम से अपने सौ-वर्षीया माँ महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के गत दिनों निधन पर राजा बना है। भारत के संदर्भ को जोड़कर परीक्षण करें। गाई फॉक्स से मिलने जुलने वाले कई हादसे मिल जाएंगे। सबसे दुखद और गंभीर हैं मुगल वली अहद, युवराज द्वारा शिकोह का जिसे उसके सगे छोटे भाई औरंगजेब ने हराया, हाथी से चांदनी चौक में कुचलवाया और मार डाला। खुद तख़्ता छीन लिया। सत्तारूढ़ हो गया।
इतिहास दिल्ली का और लंदन का ऐसी त्रासद वारदातों का गवाह है। राजमहल की दीवारें यदि बोल सकतीं तो ढेर सारी गाथायें अनको जुबां से निकल आतीं।

÷लेखक IFWJ के नेशनल प्रेसिडेंट व वरिष्ठ पत्रकार/स्तम्भकार हैं÷




