★मुकेश सेठ★
★मुम्बई★
यूपी के जौनपुर निवासी श्री सोनकर ने सभासद के रूप में अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू की,उसके बाद तत्कालीन सैदपुर से चुने गए सांसद
पार्टी ने प्रदेश महामंत्री व विधानपरिषद सदस्य के साथ ही बीजेपी प्रदेश कार्यालय प्रभारी की जिम्मेवारी दी थी
♂÷आज उत्तरप्रदेश के जौनपुर जनपद को योगी सरकार ने गौरवान्वित होने का सुअवसर प्रदान करते हुए विधानपरिषद सदस्य विद्यासागर सोनकर को सदन में उपनेता की महती जिम्मेदारी सौंपी है।
विदित हो कि श्री सोनकर युवाकाल से ही राष्ट्रप्रेम के चलते आरएसएस की शाखाओं में जाने से लेकर उसकी गतिविधियों व सामाजिक कार्यो में बढ़कर हिस्सा लेने लगे।
अपने सामाजिक कार्यों व मधुर व्यवहार की वजह से वह अपनी राजनीतिक पारी सभासद के रूप में प्रारम्भ किये।
पार्टी के बड़े नेताओं ने उनकी कार्यशैली व जनता में लोकप्रियता को देखते हुए उनका भरपूर साथ दिया जिसमें पूर्व राज्यपाल व उत्तरप्रदेश के कद्दावर नेता व मुख्यमंत्री रहे कल्याण सिंह के कृपापात्र बन गए।
ऐसे में तत्कालीन सैदपुर लोकसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी ने विद्यासागर सोनकर को प्रत्याशी के तौर पर उतारा।श्री सागर ने उक्त सीट को समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी तूफ़ानी सरोज को पराजित कर बीजेपी के खाते में डाली।
हालांकि दूसरी बार हुए चुनाव में भाजपा की कमजोर होती जा रही जनाधार की वजह से सपा के तूफ़ानी सरोज ने हिसाब चुकता कर जीत अपने पाले में कर ली थी।
इन सब के बावजूद भी श्री सोनकर क्षेत्र में काफ़ी सक्रिय रहते सभी के दुःख सुख में शिरकत करते रहे,समस्याओं के समाधान के लिए तत्तपर रहे।
बीजेपी ने उनकी सांगठनिक मेधा को पहचानते हुए पहले उनको प्रदेश महामंत्री बनाया और फ़िर विधानपरिषद सदस्य।
तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह को पार्टी हाईकमान द्वारा हटाये जाने के बाद उस दौरान प्रदेश अध्यक्ष पद पर अनुसूचित जाति के श्री विद्यासागर सोनकर के नाम की चर्चा काफ़ी गर्म रही थी तो पहली बार बनी योगी सरकार के द्वारा कैबिनेट विस्तार के दौरान भी इनको मन्त्री बनाये जाने के कयास मीडिया व सत्ता के गलियारों में छाए रहे।
कहा जाता है कि जिनकी हाथ की लकीरों में राजयोग लिखा हो ऊपरवाले ने तो उसको क़िस्मत जमीं से आसमां तक पहुँचा ही देती है और हा कर्म सर्वाधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
जिसका उदाहरण नवनियुक्त विधानपरिषद में उपनेता श्री विद्यासागर सोनकर को देखकर समझा जा सकता है।




