★मुकेश सेठ★
★मुंबई★
मेरठ में एसपी रहने के दौरान अजयपाल शर्मा व पत्रकार चन्दन राय समेत चार लोगों पर नोयडा के एसएसपी वैभव कृष्ण द्वारा वर्ष 2020 में ट्रांसफर पोस्टिंग का रैकेट चलाने का लगाया था आरोप
योगी सरकार ने इस बहुचर्चित व राजनीतिक मुद्दा बन चुके आरोप की विजिलेंस जाँच के दिये थे ऑर्डर
♂÷3 साल पहले वर्ष 2020 में उत्तरप्रदेश के मेरठ में कथित ट्रांसफर पोस्टिंग बहुचर्चित मामले में एनकाउंटर स्पेशलिस्ट व सिंघम के नाम से ख्यात IPS ऑफिसर अजयपाल शर्मा और पत्रकार चंदन राय समेत 4 लोगों के ख़िलाफ़ इसमें शामिल होने के सनसनीखेज आरोप लगे थे और विपक्ष ने इस मुद्दे को लेकर योगी आदित्यनाथ सरकार पर ख़ूब सियासी तीर छोड़े थे।
सरकार ने विजिलेंस विभाग के तरफ से जाँच में आरोप के सन्दर्भ में कोई सबूत न मिलने की बात कहते हुए फ़ाइनल रिपोर्ट शासन को प्रेषित की थी जिस पर सरकार ने इस केस को ख़त्म करने के आदेश दे दिए है।
यह बड़े आरोप नोयडा के तत्कालीन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक वैभव कृष्ण ने तत्कालीन मेरठ एसपी अजयपाल शर्मा,पत्रकार चन्दन राय समेत चार लोगों पर लगाये थे।
जिस पर सरकार ने वर्ष 2020 में इस कथित ट्रांसफर पोस्टिंग मामलें की विजिलेंस को शिकायत दर्ज कर इन्वेस्टिगेशन के ऑर्डर दिए थे।
जिसमें विजलेंस टीम ने तीन वर्ष की जाँच में इस हंगामेदार मामलें में कोई सबूत न मिलने की फ़ाइनल रिपोर्ट शासन को दी थी।जिसके आधार पर आज सरकार ने इस केस को समाप्त करने के आदेश दे दिए है।
मालूम हो कि वर्तमान में जौनपुर के पुलिस अधीक्षक के रूप में कार्यरत आईपीएस अफ़सर अजयपाल शर्मा मेरठ पुलिस अधीक्षक के रूप कार्यरत थे तो उन समेत पत्रकार चन्दन राय समेत 4 लोगों पर कथित तौर पर ट्रांसफर पोस्टिंग कराने में लिप्त रहने का सनसनीखेज आरोप लगा था।
इस बहुचर्चित आरोप की जाँच के लिए शासन के आदेश पर विजिलेंस की जाँच वर्ष 2020 से चल रही थी।
3 साल चली लम्बी जांच के बाद विजिलेंस ने इस कथित ट्रांसफर पोस्टिंग के मामलें में कोई सबूत व संलिप्तता न मिलने की फ़ाइनल रिपोर्ट लगाकर शासन को भेज दी थी।




