★मुकेश सेठ★
★मुम्बई★
सीएम नें यूपी में फ़िल्म को किया टैक्स फ़्री करने का एलान इसके पहले बीजेपी की हरियाणा, मध्यप्रदेश सरकार भी कर चुकी है टैक्स फ्री
सियासी घमासान का निशाना बनी”द केरला स्टोरी” कम्युनिस्ट सीएम के राज्य केरल में चल रही जबकि पश्चिम बंगाल व तमिलनाडु सरकार ने किया बैन
केरल के पड़ोसी राज्य कर्नाटक में विस चुनाव के दौरान पीएम मोदी व काँग्रेस ने फ़िल्म का ज़िक्र कर अपने तरीके से किया वोट हलोरने का काम
♂÷”द केरला स्टोरी” को सियासी घमासान व वोटों के नफ़े नुकसान की तराजू में राज्य सरकारें तौलने बैठ गयी हैं।
कुछ सरकार सुप्रीम कोर्ट के द्वारा देश में फ़िल्म के प्रदर्शन पर रोक से इनकार के बाद भी सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवमानना कर प्रदर्शन पर प्रतिबंध लगा दिया गया तो वहीं कुछ राज्य सरकार इसको टैक्स फ्री कर लोगों को फ़िल्म देखने के लिए प्रोत्साहित भी कर रहीं हैं।
कल शुक्रवार को उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने पूरे मन्त्रिमण्डल व “द केरला स्टोरी” के निर्माता बिपुल शाह,निर्देशक सुदीप्तो सेन व फ़िल्म में मुख्य भूमिका निभाने वाली अभिनेत्री अदा शर्मा समेत फ़िल्म की टीम के साथ राजधानी लखनऊ में फ़िल्म देखेंगे।
मुख्यमंत्री योगी उत्तरप्रदेश में फ़िल्म को टैक्स फ्री करने का एलान किया है।इसके पहले मध्यप्रदेश की बीजेपी की शिवराज सिंह चौहान सरकार ने भी फ़िल्म देखने के साथ ही राज्य में टैक्स फ्री किया,हरियाणा बीजेपी मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर सरकार ने भी टैक्स फ्री किया हुआ है जल्द ही कुछ और बीजेपी शासित राज्य सरकारें फ़िल्म को टैक्स फ्री करें तो आश्चर्य नही होना चाहिए।।
जबकि महाराष्ट्र समेत बीजेपी शासित कुछ राज्यों में पार्टी के लोग व हिंदूवादी संगठन लोगों खासकर हिन्दू युवतियों को अपने खर्चे पर फ़िल्म दिखाने की व्यवस्था कर रहे हैं।

केरल के पड़ोसी राज्य कर्नाटक जहाँ पर अभी 10 मई को अंतिम चरण के वोटिंग के पश्चात विधानसभा चुनाव का समापन हुआ वहाँ पर भी जनसभाओं में पीएम मोदी नें फ़िल्म का ज़िक्र कर एक तरह से वोटों को पार्टी की झोली में भरने का प्रयास भी किया तो प्रतिद्वंद्वी काँग्रेस नें इस फ़िल्म को सांप्रदायिक सद्भाव के लिए खतरा बताकर वोट हलोरने के फेर में लगी रही।
उधर फ़िल्म का प्रदर्शन रुकवाने में जमीयत उलेमा ए हिन्द समेत कुछ अन्य याचिकाकर्ता की याचिका जहाँ केरल,तमिलनाडु व फ़िर सुप्रीम कोर्ट ने ख़ारिज कर प्रदर्शन का रास्ता साफ़ किया तो वहीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी व तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन नें फ़िल्म के प्रदर्शन के दौरान क़ानून व्यवस्था बिगड़ने के तर्क को सामने रख अपने-अपने राज्यों में “द केरला स्टोरी” को बैन कर दिया है।
जबकि मज़ेदार तथ्य यह है कि जिस केरल राज्य की कहानी को लेकर यह फ़िल्म बनी है वहाँ पर यह सिनेमाघरों में चल रही है, जबकि वहाँ भी बीजेपी की घोर विरोधी कम्युनिस्ट पार्टी के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की सरकार है।
मालूम हो कि अपने ट्रेलर रिलीज के दिन से ही विवादग्रस्त, बहुचर्चित व अपने लव जिहाद विषय पर कि किस तरह से गैर मुस्लिम युवतियों को धर्म परिवर्तन कर इस्लाम में कन्वर्ट कर मुसलमान के साथ निक़ाह, उसके बाद अफगानिस्तान, सीरिया में कुख्यात आतंकी आईएसआईएस के लिए लड़ने व आतंकियों के लिए सेक्स स्लेव बनने के लिए भेजा जाता था।
फ़िल्म के निर्माता निर्देशक व पटकथा लेखक का दावा है कि अकेले केरल राज्य से ही 32 हज़ार से ऊपर हिन्दू,क्रिश्चियन व अन्य गैर मुस्लिम युवतियों, महिलाओं को लव जिहाद में फंसाया गया।
केरल हाईकोर्ट व बाद में सुप्रीम कोर्ट ने भी इस पर अपनी सुनवाई के दौरान चिंता जता चुकी है।
कुल मिलाकर”द केरला स्टोरी” वर्तमान में राजनीतिक दलों के लिए “द कश्मीर फाइल्स’ की तरह से पोलिटिकल माईलेज उठाने का माध्यम बनी हुई है।
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