★मुकेश सेठ★
★मुम्बई★
RRR के ऑस्कर अवार्डी गीत “नाटू नाटू” पर विदेशी मेहमानों ने भी रामचरण के साथ दोहराए डान्स स्टेप
LG मनोज सिन्हा की मौजूदगी में रामचरण ने कहा विश्वस्तर पर पर्यटन के क्षेत में भारत तेज़ी से बढ़ रहा आगे,मिलकर काम करने की है जरूरत
♂÷श्रीनगर कश्मीर में जी-20 की बैठक 22 मई से शुरू हो चुकी है जो कि 24 मई तक चलेगी।
चीन पाकिस्तान के तीव्र विरोध के बावजूद भी पर्यटन विषय पर आयोजित जी20 बैठक में दुनियां के तमाम देशों के प्रतिनिधि आये हुए हैं।
पर्यटन को किस तरह से बढ़ावा देकर बड़े पैमाने पर निवेश को आकर्षित करना और देश विदेश से पर्यटकों को देश में, जम्मू कश्मीर के रमणीक स्थलों पर आने के लिए प्रेरित करने की दिशा में मोदी सरकार जी जान लगाए हुए है।
इसी कड़ी में दक्षिण फ़िल्म इंडस्ट्री के सुपरस्टार व दुनियाभर के सिने प्रेमियों को अपने ऑस्कर अवार्डी गाने “नाटू नाटू” पर थिरकने पर मजबूर कर देने वाले अभिनेता राम चरण भारतीय सिनेमा जगत के प्रतिनिधि बनकर श्रीनगर पहुँचे,वहाँ वह कश्मीर टूरिज्म व फ़िल्म इंडस्ट्री का चेहरा होंगे।
LG मनोज सिन्हा की मौजूदगी में अभिनेता रामचरण नें भारतीय सिनेमा और उनसे पर्यटन के क्षेत्र में होने वैश्विक स्तर पर किस तरह से संयुक्त रूप से कार्य किया जा सकता है इस पर प्रकाश डाला और कहा कि भारत पर्यटन के क्षेत्र में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।
सुपरस्टार रामचरण के ऑस्कर अवार्ड जीतने वाली RRR फ़िल्म के “नाटू नाटू” गीत पर जी20 मे विदेशी मेहमानों नें भी रामचरण के साथ इस ग्लोबल सॉन्ग पर कदमताल करती दिखलाई दी।
भारत सरकार की तरफ से यह एक शानदार क़दम व फैसला माना जा सकता है कि साफ छवि का चयन किया है।
विदित हो कि पिछले दिनों तेलुगु सिनेमा 100 वर्ष का हो गया है और वह भारतीयता के बेहद करीब है। भारत सरकार ने स्पष्ट संदेश देने की कोशिश की है कि जो भारतीयता को बेहतर ढंग से देश विदेश के मंच पर प्रस्तुत करेगा, वही असल सिनेमा है।
देखा जाय तो पश्चिमी देशों की स्वछन्द व स्वेच्छाचारीता के प्रतीक व पैरवीबाज कलाकारों से बॉलीवुड में घोर अश्लीलता व नशा भरा हुआ है आये दिन बॉलीवुड से इस तरह की खबरें बॉलीवुड के अच्छे लोगों के लिए दिल दुखाऊ होती है।कुछ लोगो के चलते पूरे बॉलीवुड की छवि और गरिमा मर्यादा जनमानस में तार तार होती जा रही है और ऐसे में हिंदी भाषी दर्शक,दक्षिण के फिल्मों में नए व शीतल झोंको को महसूस कर उनकी तरफ़ मुड़ चले हैं।

बदलते दौर में भारतीय सिनेमा का चेहरा बदला जाएगा और ऐसा होना ही है क्योंकि जिसमें सृजन है,सामर्थ्य है और जो भारतीय सभ्यता संस्कृति के वैभव में वृद्धि कर विश्वपटल पर ले जाएंगे वे ही आगे आएंगे। भारतीय संस्कृति को न समझने वाले, बर्बाद करने वाले किस मुँह से प्रतिनिधि बनेंगे क्योंकि अब भारतीय जनमानस की सोच-समझ में आमूलचूल बदलाव आ रहा है।
बॉलीवुड जहाँ अभी भी अपने ख्वाबों की दुनियां व अकड़ से बाहर निकलने में देर कर रहा है तो वहीं अधिकतर बॉलीवुडिया हीरो जैसे अमिताभ बच्चन, शाहरुख खान, सलमान खान,अजय देवगन,रणवीर सिंह आदि नामी गिरामी शख्सियत जिनका मतलब ही बॉलीवुड होता है गुटखा बेच रहे है जबकि दक्षिण के इनसे भी बड़े कलाकार और महँगी फ़ीस चार्ज करने वाले सुपरस्टार्स ऐसा कोई भी एड पैसे के लिए करने से बचते हैं कि जिससे समाज ,देश व अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर उनकी साफ़ सुथरी छवि पर कालिख न पुते।
सुपरस्टार रामचरण की छवि ही सिंपल और विशुद्ध सनातनी है जिसको लेकर वह सतर्क रहते हैं।




