★मुकेश सेठ★
★मुम्बई★
लखनऊ के जानकीपुरम विस्तार में चल रहे भगवतकथा के 6ठे दिन श्रीकृष्ण रुक्मिणी जी के विवाह प्रसङ्ग को स्रोताओं को सुना किया भक्तिमय
♂÷श्री कृष्ण भक्ति धाम जानकीपुरम विस्तार में चल रही भागवत कथा के आज छठवें दिन कथा मर्मज्ञ आचार्य मनीष तिवारी जी ने रुक्मिणी विवाह प्रसंग का जीवंत वर्णन कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
उन्होंने रुक्मिणी की भक्ति को आदर्श भक्ति बताते हुए कहा कि ईश्वर और भक्त के बीच कोई बाधा नहीं बन सकता, बाधा बनने वाले का समूल नाश तय है।आचार्य जी ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण संसार में किसी के अहंकार को टिकने नहीं देते। भगवान श्रीकृष्ण ने रुक्मिणी से विवाह कर जगत को संदेश दिया कि वे अपने भक्तों को हरहाल में स्वीकारने को तैयार हैं।
आचार्य जी ने श्रीमद्भागवत के अन्य प्रसंगों का उल्लेख कर श्रोताओं को कथा माधुर्य के जरिए संसार में रहकर भक्तिपूर्ण मर्यादित जीवन जीने का उपदेश दिया। आचार्य जी के साथ श्रोताओं के गायन पाठ से पूरा पांडाल श्रीकृष्ण मय हो गया।




