★मुकेश सेठ★
★मुम्बई★
*यूपी के बाँदा में केन नदी के तट पर देश का पहला “नदी पुत्र सम्मान समारोह” में जुटे जल संरक्षण प्रेमी**कार्यक्रम की अध्यक्षता चित्रकूट धाम के कामदगिरि महन्त मदन मोहन गोपाल दास और मुख्य अतिथि समय जगत समूह के मुखिया व लोकभारती के उपाध्यक्ष अशोक भारती रहें*♂÷उत्तरप्रदेश के बांदा की केन नदी में लगातार नियमित स्नान करने वालों को सम्मानित किया गया और उनके अनुभव साझा हुए।देश में अपनी तरह का अनूठा और पहला “नदी पुत्र सम्मान समारोह” बांदा की जीवनदायिनी केन नदी के तट पर बुंदेली प्रकृति पर्यटन ,लोकभारती द्वारा आयोजित की गयी।केन नदी में वर्षों से नियमित स्नान करने वाले नागरिकों को नदी पुत्र सम्मान से सम्मानित किया गया। “नदी पुत्र सम्मान” कार्यक्रम की अध्यक्षता चित्रकूट धाम कामदगिरि प्रमुख द्वार के महंत महंत मदन गोपाल दास जी महाराज ने की,कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अशोक त्रिपाठी समय जगत समूह के मुखिया एवं उपाध्यक्ष लोकभारती रहे। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि ब्रजेंद्र पाल सिंह राष्ट्रीय संगठन मंत्री लोकभारती, गोपाल मोहन उपाध्याय सह राष्ट्रीय संगठन मंत्री लोकभारती,अखिल भारतीय समाज सेवा संस्थान के संस्थापक गोपाल भाई तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला प्रचारक अनुराग जी ,लोक भारती के प्रांत संयोजक देशराज सिंह जी , पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष राजकुमार राज, उत्तम नगर बांदा के संरक्षक अशोक त्रिपाठी जीतू की गरिमामयी उपस्थिति रही। चित्रकूट से पधारे गोपाल भाई जी ने गीत के माध्यम से “केन है तो बांदा है” का संदेश दिया। कामदगिरि प्रमुख द्वार के महंत जी ने सचेत किया कि प्रकृति के संसाधन व प्रकृति सांझी विरासत है तथा प्राणी मात्र के कल्याण के लिए है।

इस मौके पर जलयोद्धा के नाम से पूरे देश-दुनियां में विख्यात पद्मश्री उमाशंकर पाण्डेय नें उपस्थित जनों को जल संरक्षण और उसकी महत्ता समझाते हुए कहा कि नदी में स्नान करने से एक व्यक्ति के ऊपर100 ग्राम पानी ख़र्च होता है जबकि अगर वह घर में सबमर्सिबल चलाकर नहाता है तो लगभग 100 लीटर पानी का दुरुपयोग कर देता है।आने वाली पीढ़ियों के लिए हमें गम्भीर जलसंकट छोड़कर नही जाना है बल्कि जल संरक्षण के हर उपाय को अमल में लाकर देश-दुनियां में जल संकट को समाप्त करने की ईमानदार कोशिश करने का प्रण अभी से लेना होगा। राष्ट्रीय संगठन मंत्री ब्रजेंद्र पाल सिंह ने कहां की नदियां हमारी जीवन रेखा है ,नदी की स्वच्छता उसके अविरल प्रवाह से ही हमारा जीवन संभव है आज नदियां खत्म होने की कगार पर हैं ऐसे कार्यक्रम से हम जागरूक होकर अपने जल स्रोतों की सुरक्षा कर सकते हैं।सह संगठन मंत्री गोपाल उपाध्याय ने कहा कि केन नदी से ही बांदा का अस्तित्व है।केन नदी में कई वर्षों से स्नान कर रहे गणेश कारपेंटर,संतोष गुप्ता संतु, रत्नेश गुप्ता, संतोष कुमार संतन, गणेश सोनी, राजू निषाद, राजू गुप्ता, राजकुमार गुप्ता, मोतीलाल सोनी, समद सौदागर, कमल गुप्ता ,अब्दुल गफूर, मेवा लाल गुmप्ता,हरिशंकर सोनी,प्रवीण गुप्ता, सुनील दीक्षित, राजीव गुप्ता ,देवेंद्र सोनी, फूलचंद निषाद, गणेश सोनी, राजेंद्र पांडे, रामेश्वर जरिया,सुनील गुप्ता, हरिओम गुप्ता, अनिल शिवहरे, राकेश गुप्ता दद्दू, प्रेम गुप्ता, महेश श्रीवास, राज बहादुर वर्मा, सुखा प्रजापति, शिव नारायण गुप्ता, सुधीर रावत ,राजा गुप्ता ठाकुर, दीन निषाद सहित 100 लोगों को नदी पुत्र सम्मान से सम्मानित किया गया।जिसमें एक प्रशस्ति पत्र और तुलसी का पौधा भेंट किया गया तथा उनसे नदी को स्वच्छ रखने का संकल्प लिया गया।इस अवसर पर “केन मित्र मंडल” का गठन भी किया गया, कार्यक्रम के संयोजक अमित सेठ भोलू, सह संयोजक संतोष गुप्ता ने सभी आए हुए अतिथियों एवं नागरिकों का स्वागत एवं अभिनंदन किया। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से आशीष सिंह,ज्ञानेंद्र शर्मा, मनोज जैन, विजय कुमार ओमर, पंकज रावत ,प्रकाश साहू, शीलू लखेरा, पंकज गुप्ता,सुधीर शुक्ला, राजेश लखेरा, सुरेश गुप्ता,संजय कोनिया, प्रेम गुप्ता,विजय गुप्ता,अंशुल जैन, योगेश जैन, दिनेश दीक्षित, डॉक्टर अमित गुप्ता, राहुल जैन, मुकेश लखेरा, हरी बाबू गुप्ता ,इंजीनियर ओम प्रकाश मसुरहा,पन्नालाल धुरिया, नईम नेता,छोटू धुरिया,नीरज त्रिपाठी, सचिन अग्रहरि, अमित साहू, दीनदयाल सोनी सहित गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।




