★मुकेश सेठ★
★मुम्बई★
पद्मश्री उमाशंकर पाण्डेय के नेतृत्व में गत 7 जुलाई को लखनऊ में जलशक्ति मन्त्री स्वतन्त्र देव सिंह ने दूसरे चरण की यात्रा को हरी झण्डी दिखा किया था रवाना
इस यात्रा के दौरान जलयोद्धा के रूप में विख्यात उमाशंकर पाण्डेय औऱ उनकी टीम ने जल संकट प्रभावित चार जिलों में कई जनजागरण यात्राएं
♂÷अटल जल शक्ति यात्रा के दूसरे चरण का समापन मेरठ के बलिदान पार्क में गत दिनों हुआ।
इस जल अटल शक्ति यात्रा को पिछले दिनों लखनऊ में जलशक्ति मन्त्री स्वतन्त्र देव सिंह ने हरी झंडी दिखाकर जलयोद्धा के रूप में विख्यात पद्मश्री उमाशंकर पाण्डेय के नेतृत्व में जल्दूतों को रवाना किया था।
पहले व दूसरे चरण की इस यात्रा के दौरान जल संकट से प्रभावित 10 जिलों के 26 ब्लॉक के 550 गाँव मे जलयोद्धा उमाशंकर पाण्डेय ने अपने साथियों के साथ नागरिकों,सामाजिक कार्यकर्ताओं, संस्थाओं समेत स्कूल कॉलेज के बच्चों को जल की महत्ता समझाते हुए बून्द-बून्द जल संरक्षण करने की जरूरत समझाई और सन्कल्प कराया।
विदित हो कि प्रथम चरण की यात्रा का शुभारंभ जल शक्ति मन्त्री स्वतंत्र देव सिंह,जलशक्ति राज्यमंत्री रामकेश निषाद,बाँदा की जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल समेत तमाम जनप्रतिनिधियों के साथ बड़े अधिकारियों की मौजूदगी में उमाशंकर पाण्डेय के नेतृत्व में रवाना की गई थी।
दूसरे चरण की यात्रा को जलशक्ति मन्त्री नें गत 7 जुलाई को लखनऊ में हरी झंडी दिखाकर पद्मश्री जलयोद्धा की अगुवाई में जल संकट से प्रभावित चार जनपदों के लिए रवाना किया था।
जल संरक्षण यात्रा के समापन के पश्चात जलयोद्धा उमाशंकर पाण्डेय ने इस दौरान चार जिलों के जनप्रतिनिधियों, आला अधिकारियों, सामाजिक संस्थाओं समेत जल संरक्षण के लिए आगे आये उत्साही लोगों का आभार प्रकट किया।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव जल शक्ति अनुराग श्रीवास्तव, विशेष सचिव राजेश पांडे, राज्य निदेशक भूजल उत्तर प्रदेश बी के उपाध्याय, नोडल अधिकारी राज्य अटल भूजल योजना अनुपम श्रीवास्तव, जल संकट ग्रस्त सभी जिलों के जिलाधिकारी,जनपद के सभी प्रशासनिक अधिकारी, मंडल के आयुक्त, पुलिस अधीक्षक, सभी ग्राम प्रधान,सभी ब्लॉकों के प्रमुख , पानी के पहरेदार शिक्षक बंधु, स्वैच्छिक संस्थाएं ,मेरे साथ चल रहे राज्य प्रोग्राम अधिकारी साकेत श्रीवास्तव, जल संरक्षण को लेकर सरकार द्वारा नामित प्रचार-प्रसार की टीम ने इन यात्रा के दौरान महत्वपूर्ण दायित्व का निर्वहन किया है।
जलयोद्धा ने बताया कि इस यात्रा का उद्देश जल बचाना, पेड़ लगाना,परंपरागत जलाशयों को सुरक्षित रखना ,पानी का अपना बजट हो, पानी की चिंता समाज को हो ,समाज की भागीदारी बढ़े, युवा पीढ़ी पानी की अमृत बूंदों को समझें कि जल में ही जीवन है, जल ही जगदीश है।
जलसंकट प्रभावित जिले बुंदेलखंड के चित्रकूट,बांदा, हमीरपुर, महोबा ,ललितपुर, झांसी तथा पश्चिम उत्तर प्रदेश के बागपत ,शामली, मुजफ्फरनगर और मेरठ में देखने को मिला। स्थानीय नागरिक जल संरक्षण की दिशा में अपना योगदान देना चाहते है ,शासन प्रशासन भी सतर्क है पानी बचेगा 1 दिन में नहीं लेकिन एक दिन जरूर यह दुरूह सन्कल्प पूर्ण होगा।
दुनिया में पानी का संकट है भारत में ना हो यही मेरी यात्रा का उद्देश्य है।




