★अलोक तिवारी★
★मथुरा★
भगवान झूलेलाल के चालीसा पर्व की धूम,वृंदावन के झूलेलाल मंदिर पहुंचे मथुरा के सिंधी परिवार
♂÷लगातार 40 दिन चलने वाले भगवान झूलेलाल के चालिहा पर्व का उत्साह चरम पर है। सिंधी समाज का हर परिवार वरूणावतार झूलेलाल की भक्ति में मगन है। मंगलवार को तमाम सिंधीजन वृंदावन के झूलेलाल मंदिर भी पहुंचे।
मीडिया प्रभारी किशोर इसरानी ने बताया कि गोवर्धन रोड स्थित कृष्णा आर्चिड में पंडित मोहन महाराज के निवास स्थान पर प्रतिदिन चालिहा पर्व की धूम मची हुई है, इसी कड़ी में पर्व के 24 वे दिन मंगलवार को मथुरा सिंधी समाज के तमाम परिवार वृंदावन के सुनरख मार्ग स्थित झूलेलाल मंदिर पहुंचे और गीत, भजनों के साथ ही भगवान झूलेलाल जी की पूजा अर्चना तथा आरती वंदन कर अपने इष्टदेव से मानवकल्याण की प्रार्थना की।
इस मौके पर गीता नाथानी, अनिता चावला एडवोकेट, भारती केवलानी, मनीषा अंदानी, कोमल नाथानी, कविता मंगलानी, तनुजा मनसुखानी, भुमिका केवलानी, ज्योति भाटिया आदि ने एक से बढ़कर एक भगवान झूलेलाल के तराने गाकर वातावरण भक्तिमय किया।
पंडित मोहन महाराज, रामचंद्र खत्री, रमेश नाथानी, गिरधारी नाथानी, सुरेश मनसुखानी, जितेंद्र भाटिया, जयकुमार, धनराज, रमेश केवलानी, ओमी, धीरज तथा किशोर इसरानी ने भगवान झूलेलाल के जयकारे लगवाए।
मंदिर के संस्थापक निर्मल देवानी की ओर से मैनेजर शंकर जेसवानी ने प्रसाद वितरण कराया।
पंडित मोहन महाराज जी ने पूजा अर्चना और पल्लव-आरती कराने के उपरांत बताया कि प्राचीन सिंधु सभ्यता से जुड़ा चालिया पर्व सावन माह की कृष्ण पक्ष की एकादशी से शुरू होता है और चालीस दिन तक लगातार भगवान झूलेलाल महाराज की कथा तथा भजन-कीर्तन के साथ धार्मिक कार्यक्रम होते है।
लाड़ी लोहाणा सिंधी पंचायत के राष्ट्रीय सचिव रामचंद्र खत्री ने जानकारी देते हुए बताया कि हमारे इष्टदेव झूलेलाल जी से जुड़े इस पर्व में जल की आराधना की जाती है। सिंधी समाज के लिए इन चालीस दिनों का काफी महत्व है। समाज के इस बड़े पर्व पर लगातार चालीस दिन झूलेलाल साई की प्रतीक के रूप में अखंड ज्योति की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। वरूणावतार भगवान झूलेलाल जी को सूर्य की ज्योति स्वरूप अवतार माना जाता है।




