(मुकेश शर्मा)
(ग्वालियर)
✓ बनना पड़ा कलेक्टर के कोप का भाजन,जन चर्चा कि कहीं उक्त भूमि में कलेक्टर का शेयर तो नहीं!

✓ मुझे क्यों अटैच किया गया मेरी क्या गलती है ये वरिष्ठ अधिकारी बताएंगे,मैं क्या बताऊं कहा तहसीलदार माला शर्मा ने

भिंड जिले के मौ कस्बे में प्राइम लोकेशन पर आने वाली फर्जी तरीके से निजी खाते में डाल दी गई 8 करोड़ से अधिक की चरनोई जमीन को फिर से सरकारी दस्तावेजों में दर्ज किए जाने से कलेक्टर इतने खफा हो गए कि उन्होंने तहसीलदार माला शर्मा और हल्का पटवारी के खिलाफ कार्रवाई का फरमान सुना दिया। सहाब के इस रूख से न सिर्फ सब सन्न है बल्कि अन्य ग्रामीण भी सरकारी जमीन पर अतिक्रमणकारी दबंगो के खिलाफ शिकायत करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे। फिलहाल यह मामला तहसीलभर में जनचर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों में चर्चा है कि कहीं कलेक्टर ने भू माफिया से मिलकर खेला तो नहीं कर दिया। इस मामले में जल्दी एक याचिका हाईकोर्ट में भी दायिर करने की तैयारी की जा रही है।

स्योंढा- मौ रोड पर भूमि सर्वे क. 3168/1, 3184/1, 3162, 3147 पूर्व में चरनोई के रूप में दर्ज थी जिसका रकबा 5 बीघा 9 विश्वा है और वर्तमान बाजारू मूल्य लगभग 8 करोड़ रुपए है उक्त भूमि को कुछ लोगों ने बिना किसी सक्षम अधिकारी के आदेश के निजी खसरे में इंद्राज करा लिया । राजस्व अभिलेखों के अनुसार उक्त शासकीय भूमि खसरा सम्बत् 2010 लगायत 2014 एंव 2015 लगायत 2019 भूमि निस्तार चरनोई भूमि के रूप में दर्ज थी। जिस पर कभी भी खेती नहीं हुई। सर्वे कमांक 3168 के उत्तर दिशा की तरफ शिकायत कर्ताओं के स्वामित्व के सर्वे क0 3146, 3165, 3163, 3153, 3148 व अन्य सर्वे क्रमांक लगे हुये है ।

शिकायतकर्ता अपने खेतो तक जाने के लिए इसी शासकीय सर्वे नम्बर 3168 मे से निकलते रहें है । जब आवेदकगण के पूर्वज अपने स्वामित्व की भूमि पर खेती करते थे तभी से हल बेलगाडी बखर ट्रेक्टर ट्रौली आदि इसी सर्वे कमांक में निकल कर आते जाते रहे है ।

वर्तमान मे सर्वे क 3146 मे आवेदक तिलक सिंह जाटव एंव अन्य लोगो के मकान बने हुये है जो इसी शासकीय सर्वे नम्बर 3168 में बने हुये रास्ते से अपने खेतो एंव मकानो तक आते जाते है। प्रमोद कुमार एंव अशोक कुमार पुत्रगण शान्ती कुमार भू-माफिया के रूप मेें जाने जाते हैं। शासकीय भूमि को हडपने का इनका मुख्य पेशा है। शासकीय सर्वे क0 3168 को 3168/1 कायम कराके फर्जी रूप से अपने नाम करा लिया है और सर्वे क. 3168/2 को खन्ती के रूप मे इन्द्राज करा दिया है।

दिनांक 15.10.2023 को प्रमोद कुमार एंव उनके भाई अशोक कुमार मौके पर आये और उन्होने कहा कि इस भूमि को अपने नाम करा लिया है। किसी को अब इस भूमि से किसी को निकलने नहीं देंगे।
जमीन हड़पने रिश्तेदार के नाम रजिस्टर्ड कराया विक्रयपत्र, इसी आधार पर नामांतरण
खेतों के लिए जाने वाला रास्ता रोक दिए जाने के बाद पीडि़त किसानों ने इसकी शिकायत एसडीएम गोहद तथा कलेक्टर, तहसीलदार को भी की। इस पर आरोपी गणों ने अधिकारियों के सामने गलत जानकारी पेश कर दी। यह बात भी सामने आ रही है कि दिखावटी विकय पत्र आरोपी गणों ने अपने रिस्तेदारो बसंत कुमार आदि के नाम करा दिया है। विकय पत्र के आधार पर नामान्तरण करा लिया है ।

ऐसे फर्जी इन्द्राज के आधार पर शासकीय रास्ते को रोकने का इनको कोई अधिकार नही है इस शासकीय भूमि को प्लाट के रूप में अन्य लोगो को विक्रय करने का प्रयास किया जा रहा है। पीडि़तों ने पिछले राजस्व रिकार्ड के अधार पर आरोपी गणों को बेदखल कर वैधानिक कार्यवाही की मांग की है।
✓ इनका कहना है
मुझे क्यों अटैच किया गया या मेरी क्या गलती है ये वरिष्ठ अधिकारी बताएंगे में क्या बताऊं।
✓ माला शर्मा तत्कालीन तहसीलदार मौ




