(मुकेश सेठ)
(मुम्बई)
पूर्व सांसद बीजेपी के फायर ब्रांड नेता ने पार्षदों और बीएमसी व पुलिस अफसरों के साथ क्रॉफर्ड मार्केट में की छापेमारी
बीजेपी की केन्द्र, प्रदेश के साथ बीएमसी में भी सत्तासीन होने के बाद भी अवैध घुसपैठिए को देश से बाहर करने का कार्य तेज़ी नहीं पकड़ पा रहा
यूं तो भारतीय जनता पार्टी का अवैध बांग्लादेशियों,रोहिंग्याओ को देश से बाहर करने का दावा और वादा वर्षों से किया जा रहा है किन्तु जितना शोर मचाया जाता है परिणाम उसके मुक़ाबिल ऊंट के मुंह में जीरा समान साबित हो रहा है।
जबकि केन्द्र में तीसरी बार लगातार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार काबिज़ है तो प्रदेश में फ़िर से मुख्यमंत्री बनने वाले देवेन्द्र फडणवीस सत्ताधीश बने हुए हैं।
वहीं बीजेपी के राजनीतिक यात्रा के इतिहास में पहली बार बीएमसी की महापौर श्रीमती ऋतु तावड़े के रूप में कुर्सी नशीन हैं।
आज बुधवार को पूर्व सांसद और फायर ब्रांड भाजपा नेता किरीट सोमैया ने मुंबई पुलिस आयुक्तालय परिसर तथा महात्मा ज्योतिबा फुले मार्केट (क्रॉफर्ड मार्केट) क्षेत्र का निरीक्षण कर अवैध फेरीवालों के द्वारा अवैध कब्जे की स्थलीय समीक्षा कि गई।
उनके साथ मुंबई महानगरपालिका की पार्षद रीता मकवाना, पार्षद आकाश पुरोहित तथा पूर्व पार्षद द्वय शरद पेटीवाला और जनक संघवी उपस्थित थे।
इस दौरे के दौरान महानगरपालिका के A, B और C वार्ड के अधिकारी तथा एमआरए मार्ग पुलिस स्टेशन, आजाद मैदान पुलिस स्टेशन और एलटी मार्ग पुलिस स्टेशन के अधिकारी मौजूद थे।
सोमैया ने कहा, “पुलिस आयुक्तालय के सामने, अब्दुल रहमान स्ट्रीट और महात्मा फुले मार्केट क्षेत्र में बड़ी संख्या में अवैध फेरीवाले पाए गए, किसी के पास लाइसेंस नहीं है। फुटपाथ पर दुकानें बना दी गई हैं तथा पैदल मार्ग पर अवैध स्टॉल और दुकानें खड़ी कर दी गई हैं। यह स्थिति नगर निगम और पुलिस अधिकारियों को मौके पर दिखायी गई है।”
पूर्व सांसद ने कहा कि “आज निरीक्षण की घोषणा के कारण पूरे क्षेत्र से अवैध फेरीवाले गायब थे। जैसे आज अवैध बांग्लादेशी मुस्लिम फेरीवाले नजर नहीं आए, वैसे ही क्षेत्र में स्थायी रूप से स्वच्छ वातावरण, खुली सड़कें और पैदल मार्ग सुनिश्चित किए जाने चाहिए।”
सोमैया ने आरोप लगाया कि महात्मा ज्योतिबा फुले मार्केट के बाहर एक विशाल पंडाल बनाकर कई अवैध दुकानें चलाई जा रही हैं। उन्होंने दावा किया कि इन दुकानों पर अवैध व्यक्तियों और बांग्लादेशी मुसलमानों का कब्ज़ा है तथा मुख्य सड़क पर भी दर्जनों अवैध स्टॉल लगाए गए हैं।
उन्होंने बताया कि बाजार के बाहर बनाए गए अस्थायी स्टॉल 5–6 वर्षों से संचालित हो रहे हैं। इन स्टॉलों का संचालन कथित रूप से बांग्लादेशी मुसलमानों द्वारा किया जा रहा है। बाजार में कार्यरत कई कर्मचारी महाराष्ट्र के बाहर से हैं और उनका पुलिस सत्यापन नहीं हुआ है।
सोमैया ने पहले दो स्टॉलों के निरीक्षण के बाद कहा कि दोनों अवैध हैं तथा ‘रईस… शॉप ओनर’ जैसे नामों के बोर्ड लगाए गए हैं।
उन्होंने महात्मा फुले मार्केट में कथित अव्यवस्था की तत्काल जांच की मांग करते हुए अवैध बांग्लादेशियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई, सभी अवैध स्टॉल सील करने तथा अनधिकृत संरचनाओं को ध्वस्त करने के आदेश जारी करने की मांग की।
कुल मिलाकर यह देखना दिलचस्प होगा कि महाराष्ट्र की सत्ता में मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस बीजेपी से है तो वहीं कुछ ही दिन पूर्व बीएमसी की बागडोर बीजेपी नगरसेवक से महापौर बनने वाली श्रीमती ऋतु तावड़े के हाथ में है।
ऐसे में अवैध बांग्लादेशियों, रोहिंग्याओ को भगाओ अभियान में जुटे पूर्व सांसद किरीट सोमैया अपने अभियान में कितना सफ़ल हो पाएंगे यह लाख टके का सवाल है।



