(मनोज श्रीवास्तव)
(लखनऊ)
समाज के अनुरूप बनाएं संगठन की कार्ययोजना: शिवप्रकाश
राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री समेत दिग्गजों ने बनारस में आयोजित कार्यशाला में आगामी विधानसभा चुनाव के लिए 14 विषयों पर दिया विजय का मंत्र
प्रशिक्षण वैचारिक सशक्तिकरण का है अभियान: तरुण चुग
अभियान से कार्यकर्ताओं को सरकार की नीतियों से जोड़ेगे: पंकज चौधरी
सरकार में मिलेगा सभी को न्याय: दिनेश शर्मा
अखिलेश सरकार में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्यों को पीटा गया था: प्रेम शुक्ला
विपक्ष जहां SIR के मुद्दे पर अटक पर सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी पर हमलावर होकर पॉलिटिकल माइलेज के लिए सियासी तीर कमान संभाले हुए हैं तो वहीं भाजपा आगामी विधानसभा चुनाव में विजय के लिए संगठन के कील कांटे दुरुस्त करने में जुट गई है।
बनारस में विधानसभा चुनाव के लिए बूथ प्रबंधन और संगठन मजबूती पर कार्यशाला आयोजित किया। राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिव प्रकाश ने कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण की आवश्यकता बताई। इस प्रशिक्षण में 14 विषयों पर चर्चा की गई। भाजपा का लक्ष्य कार्यकर्ताओं को सरकार की नीतियों से जोड़ना और संगठन को मजबूत बनाना है।गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में उत्तर पूर्व जोन की प्रशिक्षण कार्यशाला के जरिए विधानसभा चुनाव के लिए बूथ प्रबंधन और उसकी मजबूती का रोडमैप तैयार किया। इसमें बिहार, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के प्रमुख सांगठनिक पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित थे। राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिव प्रकाश ने कहा कि समाज के अनुरूप संगठन को कार्ययोजना बनानी चाहिए। सोशल मीडिया भी एक बड़ी चुनौती है। कार्यकर्ता इसे हथियार बनाएं। बूथ प्रबंधन में एआई की भूमिका बड़ी कारगर होगी। सारनाथ स्थित केंद्रीय तिब्बती उच्च शिक्षा संस्थान में आयोजित प्रशिक्षण में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और बिहार के वरिष्ठ पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और संगठन के प्रमुख नेताओं ने भाग लेकर बूथ से राष्ट्रीय स्तर तक संगठन को मजबूत बनाने की दिशा में मंथन किया।उन्होंने कहा कि व्यक्ति निर्माण से संगठन निर्माण और संगठन निर्माण से राष्ट्र निर्माण भाजपा का मूल ध्येय है। इसके लिए यह प्रशिक्षण अभियान राष्ट्र निर्माण का महायज्ञ है। आज भाजपा दुनिया का सबसे बड़ा संगठन है और इसके साथ जिम्मेदारियां और चुनौतियां भी बढ़ी हैं। जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने के लिए कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण आवश्यक है। प्रशिक्षण वर्ग सादगीपूर्ण तथा सामाजिक सहयोग से होना चाहिए। उन्होंने सामाजिक समरसता, आत्मनिर्भरता, स्वदेशी चिंतन, अनुशासन और राष्ट्रभावना को आत्मसात करने पर बल दिया।
महामंत्री तरुण चुग ने पीपीटी के माध्यम से प्रशिक्षण की रूपरेखा, उद्देश्य और कार्यप्रणाली की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 07 मार्च से 14 अप्रैल तक मंडल स्तर और 15 अप्रैल से 20 मई तक जिला स्तर की कार्यशालाएं आयोजित होंगी। जिसके बाद प्रदेशस्तरीय प्रशिक्षण होगा। पं.दीनदयाल उपाध्याय के एकात्म मानववाद और अंत्योदय के सिद्धांत भाजपा की विचारधारा के आधार हैं। यह प्रशिक्षण केवल संगठनात्मक कार्यक्रम नहीं बल्कि वैचारिक सशक्तीकरण का अभियान है, जिससे प्रत्येक कार्यकर्ता राष्ट्र प्रथम की भावना से ओतप्रोत होगा। चौदह विषयों पर किया गया गहन मंथन प्रशिक्षण के दौरान 14 विषयों पर समूह चर्चा भी हुई। इनमें भाजपा का इतिहास एवं विकास, चुनाव प्रबंधन, वैचारिक अधिष्ठान, समन्वय की भूमिका, कार्यपद्धति, विचार परिवार, संगठन विस्तार, कार्यकर्ता विकास, बूथ प्रबंधन, कार्यालय संचालन, सरकार की उपलब्धियां, मोदी सरकार की योजनाएं, सोशल मीडिया एवं नमो ऐप, एआई आधारित सरल ऐप और राष्ट्र के समक्ष चुनौतियां प्रमुख रहीं।
इस अवसर पर केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री एवं उत्तर प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कहा कि भाजपा एकमात्र ऐसी पार्टी है जो कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण पर विशेष जोर देती है। इस अभियान से बूथ से प्रदेश स्तर तक कार्यकर्ताओं को संगठन की कार्यपद्धति, सरकार की नीतियों और जनसेवा के मूल मंत्र से जोड़ा जाएगा। संचालन राज्यसभा सदस्य एवं प्रदेश महामंत्री अमरपाल मौर्य तथा उत्तराखंड के पूर्व प्रदेश महामंत्री एवं अभियान के सह संयोजक राजू भंडारी ने किया। काशी क्षेत्री के अध्यक्ष दिलीप पटेल ने समन्वय किया।
मंच पर राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिव प्रकाश, राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुग, केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री एवं प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, राष्ट्रीय मंत्री एवं सह संयोजक ओम प्रकाश धनखड़, सह संयोजक वी. सतीश, राज्यसभा में मुख्य सचेतक व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ लक्ष्मीकांत वाजपेई, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और उत्तराखंड प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट थे।
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश भाजपा के महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी एवं रमापति राम त्रिपाठी, सदस्य विधानपरिषद व प्रदेश महामंत्री अनूप गुप्ता एवं प्रदेश महामंत्री एवं विधायक पंकज सिंह, बिहार के प्रदेश संगठन महामंत्री भीखु भाई तस्लानिया, प्रदेश उपाध्यक्ष त्रयम्बक त्रिपाठी, प्रदेश कोषाध्यक्ष मनीष कपूर, पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ महेंद्र नाथ पांडेय, मुख्तार अब्बास नकवी, साध्वी निरंजन ज्योति, प्रदेश मंत्री शंकर गिरी, प्रदेश मंत्री मीना चौबे, विधायक एवं पूर्व मंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी, एमएलसी अश्विनी त्यागी, कौशलेंद्र पटेल, प्रदेश प्रवक्ता अशोक पांडेय, अशोक चौरसिया, क्षेत्रीय मीडिया प्रभारी नवरतन राठी, सह मीडिया प्रभारी संतोष सोलापुरकर, अनिल श्रीवास्तव, जगदीश त्रिपाठी, नंद जी पांडेय, सिद्धार्थ कुशवाहा, जेपी सिंह, नम्रता चौरसिया, अरविंद पांडेय, विजय गुप्ता, शैलेंद्र मिश्रा और एडवोकेट अशोक जाटव भी उपस्थित थे।
पूर्व उपमुख्यमंत्री व राज्यसभा सांसद डॉ दिनेश शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार में सभी को समान न्याय मिल रहा है और आगे भी मिलता रहेगा। विधि विरुद्ध कार्य किसी को नहीं करने दिया जाएगा। वर्तमान केंद्र और राज्य सरकार में साधु, संत और धर्म का सम्मान है। किसी के साथ अपमान की घटना नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं साधु हैं। उनके रहते किसी भी संत का अपमान संभव ही नहीं है।
मौनी अमावस्या के दिन प्रयागराज में संगम तट पर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को स्नान से रोकने व पुलिसकर्मियों द्वारा उनके साथ चल रहे बटुकों की शिखा खींचने का मुद्दा ठंढा ही नहीं हो पा रहा है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रेम शुक्ला ने बटुकों के पक्ष में बोला है। गुरुवार को वाराणसी जाने से पहले उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक अपने घर 101 बटुकों का पूजन किया था। प्रेम शुक्ला ने कहा कि यह हमारी परंपरा है और हम आगे भी बटुकों की पूजा करते रहेंगे। उन्होंने यह कह कर योगी सरकार का बचाव किया कि प्रयागराज में कानून एवं व्यवस्था की स्थिति को सुधारने के लिए व्यवस्था की गई थी। यह घटना कैसे हुई इस मामले की जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि आज शिवपाल यादव कह रहे हैं कि ये अपमान और ढोंग कर रहे हैं। इनके ही भतीजे अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री रहते स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्यों को बनारस में बुरी तरह से पिटवाया था और इनके भाई मुलायम सिंह यादव ने अपनी सरकार के दौरान वर्ष 1990 में स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती जी को गिरफ्तार कराया था।
जिन्होंने सपा सरकार रहते वर्ष 1990 में अयोध्या में कारसेवकों की हत्या से हाथ लाल किए हैं वह क्या बोलेंगे।


