(मुकेश सेठ)
(मुम्बई)
राज्यसभा के उपसभापति ने दिल्ली IIPH द्वारा 271वा हैनिमैन जयंती समारोह का किया शुभारंभ
IIHP के प्रेसिडेंट पद्मश्री प्रो.डॉ.वीके गुप्ता ने कहा भारत आज वैश्विक स्तर पर होमियोपैथी के क्षेत्र में निभा रहा भूमिका
इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ होमोयोपैथिक फिजिशियंस (IIHP) की दिल्ली शाखा द्वारा 271वाँ हैनीमैन जन्मदिवस समारोह एवं होम्योपैथिक वैज्ञानिक सेमिनार का भव्य आयोजन सिविल सेवा अधिकारी संस्थान, कस्तूरबा गांधी मार्ग, नई दिल्ली में संपन्न हुआ।
इस अवसर पर देशभर से आए होम्योपैथी चिकित्सकों, वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं एवं छात्रों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम का आरम्भ आईएचपी दिल्ली शाखा के अध्यक्ष डॉ मुकेश चावला के स्वागत भाषण से हुआ साथ ही, केंद्रीय सरकार स्वास्थ्य योजना (CGHS) के वरिष्ठ होम्योपैथिक चिकित्सकों की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ाया।
कार्यक्रम का उद्घाटन राज्यसभा के उपसभापति श्री हरिवंश नारायण सिंह द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया। अपने संबोधन में उन्होंने चिकित्सा के क्षेत्र में होम्योपैथी के बढ़ते महत्व पर प्रकाश डाला और कहा कि होमियोपैथी एक सुरक्षित चिकित्सा पद्धति है।
IIHP के प्रेसिडेंट ऑफ़ ऑनर पद्मश्री प्रो. डॉ. वी. के. गुप्ता ने कहा कि भारत आज वैश्विक स्तर पर होम्योपैथी के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। उन्होंने देश में एक ऑल इंडिया होम्योपैथिक संस्थान की स्थापना की आवश्यकता पर बल दिया।

प्रख्यात एवं केंद्र सरकार के वरिष्ठ होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. आशीष जायसवाल ने अपने व्याख्यान “होम्योपैथी का वैदिक आधार” के माध्यम से बताया कि होम्योपैथी कोई विदेशी चिकित्सा पद्धति नहीं है, बल्कि इसके मूल भारतीय सिद्धांतों में निहित हैं। उनके विचारों को उपस्थित श्रोताओं ने सराहा।
CGHS दिल्ली मुख्यालय की संयुक्त निदेशक डॉ. रेणुका तनेजा ने आयोजन की सफलता के लिए आयोजकों को बधाई दी। कार्यक्रम में CGHS के प्रतिष्ठित चिकित्सकों—डॉ. दीक्षा, डॉ. सुमन चंद्रा, डॉ. अबीर प्रामाणिक, डॉ. सोमनाथ कर्मकार, डॉ. प्रियंका नीम, डॉ. पाशा मोहन एवं डॉ. हिमांशु तिवारी—सहित आयुष मंत्रालय से डॉ. महेंद्र पाल की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।
इसके अतिरिक्त, देश के वरिष्ठ चिकित्सक—डॉ. वी. के. खन्ना, डॉ. वी. के. चौहान, डॉ. दर्शन, डॉ. संजय गुप्ता, प्रो. डॉ. नीरज गुप्ता एवं प्रो. डॉ. नीना—भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे। साथ ही, राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. अनिल खुराना की उपस्थिति भी विशेष रही।
जौनपुर से पधारे डॉ. अमर नाथ पाण्डेय ने होम्योपैथी के जनक डॉ. हैनीमैन के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए कहा कि होम्योपैथिक दवाइयाँ आज मरीजों की पहली पसंद बन रही हैं, क्योंकि इनके कोई दुष्प्रभाव नहीं होते।
कार्यक्रम में राजस्थान विद्यापीठ, उदयपुर के डीन डॉ. अमिय गोस्वामी ने बच्चों की केस टेकिंग विषय पर प्रभावशाली एवं ज्ञानवर्धक व्याख्यान प्रस्तुत किया, जिसे प्रतिभागियों ने अत्यंत उपयोगी बताया।

समारोह की समाप्ति पर IIHP दिल्ली शाखा की महासचिव डॉ निवेदिता मनरालने सभी अतिथियों, वक्ताओं एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापन दिया।
सभी अतिथियों ने कार्यक्रम के सफल आयोजन पर डॉ मुकेश चावला , डॉ आशीष जायसवाल , डॉ संगीता आनंद , डॉ निवेदिता मनराल , डॉ स्नेहा एवं डॉ शालिनी की भूरी- भूरी प्रशंसा की समारोह का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। यह आयोजन होम्योपैथी के क्षेत्र में वैज्ञानिक विचार-विमर्श एवं जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हुआ।


