(मुकेश सेठ)
(मुम्बई)
1933 में जन्मने वाली रेशमी आवाज़ का 92 वर्ष की उम्र में ब्रीच कैंडी अस्पताल में सांस की बीमारी के चलते हृदयाघात से हुआ निधन
20 भाषाओं में 12 हज़ार से अधिक गीत गाने वाली आशा भोंसले ने बचपन में मराठी गीत से गायन यात्रा की शुरुआत कर 2023 में हरिओम फिल्म के लिए गाए अंतिम गीत
मखमली आवाज़ को पद्म विभूषण, दादा साहेब फाल्के, महाराष्ट्र गौरव, अनेकों फिल्म फेयर अवॉर्ड सहित आशा भोंसले का नाम दर्ज हो चुका है गिनीज़ बुक ऑफ़ वर्ल्ड में
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी,मुख्यमंत्री द्वय देवेन्द्र फडणवीस, योगी आदित्यनाथ, ममता बनर्जी समेत तमाम हस्तियों ने जताया शोक
सोमवार को दादर स्थित शिवाजी पार्क में किया जाएगा “सुरों की मल्लिका” का अंतिम संस्कार
सांस की बीमारी के चलते ब्रीच कैंडी अस्पताल में कई दिनों से भर्ती प्रख्यात गायिका आशा भोंसले का आज हृदयाघात से निधन हो गया।92 वर्षीय “सुरों की मल्लिका” पद्म विभूषण आशा भोंसले के निधन पर प्रधानमंत्री सहित अनेकों मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस, योगी आदित्यनाथ,ममता बनर्जी, पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, सांसद व फिल्म अभिनेत्री हेमा मालिनी सहित कला जगत की दिग्गज हस्तियों ने शोक प्रकट किया है।
उनका अन्तिम संस्कार सोमवार को दादर स्थित शिवाजी पार्क में किया जाएगा।

“शोख स्वर साम्राज्ञी” आशा भोंसले का जन्म 8 सितंबर वर्ष 1933 को महाराष्ट्र के सांगली में हुआ था। उनके पिता दीनानाथ मंगेशकर एक प्रसिद्ध शास्त्रीय गायक और रंगमंच कलाकार थे। उनकी बड़ी बहन लता मंगेशकर भी भारत की महानतम गायिकाओं में थीं और उनको देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न मिला हुआ था।
बचपन में मराठी फिल्म “माझा बल” में गाना गाने की शुरुआत करने वाली “गिनीज़ बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर” आशा भोंसले ने सितंबर वर्ष 2023 में 89 वर्ष की आयु में अपना अंतिम गीत “जिंदगी तू चुप है कहां” फिल्म “हरिओम” के लिए गाने वाली आशा भोंसले अपने पिता के निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारी कम उम्र में ही लता जी के साथ आशा जी ने अपने कन्धे पर ले ली थी।
बड़ी बहन लता दीदी को गायन में करियर बनाते देख आशा भोंसले ने भी छोटी सी उम्र में ही गाना शुरू कर दिया था। आरंभिक दौर में उन्हें बी-ग्रेड फिल्मों में गाने का मौका मिलता था, लेकिन उन्होंने अपने मेहनत और अद्भुत गायन प्रतिभा के दम पर धीरे-धीरे पहचान बनाना शुरू किया जिस पर संगीतकारों सहित फिल्म निर्माताओं ने ध्यान दिया।
मुफलिसी से जूझती आशा भोंसले को असली पहचान 1950 और 60 के दशक में मिली, जब उन्होंने प्रसिद्ध संगीतकार ओ. पी. नैयर के साथ काम किया और अनगिनत ऐसे हिट गाने दिए की सुर संगीत की दुनियां में तहलका मच गया। इसके बाद उन्होंने आर. डी. बर्मन के साथ मिलकर कई सुपरहिट गाने दिए।
आशा भोंसले ने सभी तरह के गाने गाए और उनकी गायकी ऐसी थी कि चाहे वह बच्ची के किरदार में गाना हो या शोख चंचल हसीना या फ़िर गंभीर, टूटे दिल के किरदारों के लिए हर गीत को उन्होंने अपनी गायिकी से अमर बना दिया।उन्होंने रोमांटिक,ग़ज़ल,पॉप,क़व्वाल और आइटम सॉन्ग में अपने रेशमी सुरों का जादू घोल डाला है।
चाहे वह दशकों पूर्व के संगीत दीवाने हो या फिर कुछेक वर्ष पूर्व के आज भी “पिया तू अब तो आजा”“दम मारो दम”
“इन आँखों की मस्ती”“चुरा लिया है तुमने” “खल्लास”जैसे
गाने आशा जी के गाने श्रोताओं को मस्ती के समन्दर में डुबाने लगते हैं।
देश दुनियां के संगीत जगत की बड़ी नाम आशा भोंसले को पद्म विभूषण,दादा साहेब फाल्के पुरस्कार , महाराष्ट्र गौरव सहित कई फिल्मफेयर पुरस्कार अद्भुत गायन के लिए के लिए प्राप्त हुआ है।
उन्होंने लगभग 20 भाषाओं में 12 से अधिक गीत गाए हैं, जिनमें हिंदी के अलावा मराठी, बंगाली, गुजराती, पंजाबी, तमिल, अंग्रेज़ी सहित कई भाषाएं शामिल हैं।
उनकी लोकप्रियता भारत के साथ-साथ विदेशों में भी बहुत अधिक है।
आशा भोंसले का निजी जीवन भी काफी चर्चा में रहा।
उनका पहला विवाह वर्ष 1949 में 16 वर्ष की आयु में गणपत राव भोंसले के साथ हुआ जिनसे हेमन्त भोंसले, आनन्द भोंसले और एक बेटी वर्षा भोंसले हुई जिसमें वर्ष 2022 में वर्षा भोंसले की असमय मृत्य हो गई।
गणपति राव भोंसले से वैवाहिक सम्बन्ध ख़राब होने पर आशा भोंसले ने वर्ष 1960 में सम्बन्ध विच्छेद कर लिया।
उसके बाद उन्होंने वर्ष 1980 में प्रख्यात संगीतकार राहुल देव बर्मन से विवाह किया जिनका निधन वर्ष 1994 में हो गया।
आशा भोंसले सिर्फ एक गायिका नहीं, बल्कि भारतीय संगीत की एक जीवित विरासत हैं। उनकी आवाज़ आज भी उतनी ही ताज़गी और जादू लिए हुए है जितनी पहले थी। उन्होंने अपनी अमिट संगीत यात्रा से यह सिद्ध किया कि गर प्रतिभा है तो उसे अभाव, ग़रीबी परेशानियां भी नहीं रोक सकती हैं दुनियां में “सुरों की मल्लिका” बनने से।



