(मुकेश सेठ)
( मुंबई)
√ KEM हॉस्पिटल के शताब्दी कार्यक्रम में अभिनेता अमिताभ बच्चन की मौजूदगी में नगर निगम क्षेत्र के पहले ‘नैश क्लिनिक’ का हुआ उद्घाटन
√ महानायक नें कहा कि पोलियो की तरह इस बीमारी को मिटाने के लिए जागरूकता के अभियान हेतु ब्राँड एंबेसडर के रूप में करेंगे कार्य
√ समारोह में अतिथि बच्चन का स्वागत, अभिनंदन BMC आयुक्त/ प्रशासक भूषण गगरानी, अतिरिक्त नगर आयुक्त समेत अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सकों नें किया
राष्ट्रीय स्तर पर पोलियो जैसी बीमारी को खत्म करने के अभियान में सर्व समाज को सफलता मिली है. आइए गैर-अल्कोहल स्टीटोहेपेटाइटिस रोग को भी खत्म करने का भी संकल्प लें। बॉलीवुड अभिनेता अमिताभ बच्चन ने आज सोमवार को KEM अस्पताल के शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित समारोह में उपस्थित जनों को संबोधित करते हुए कहा।

श्री बच्चन नें भरोसा दिलाया कि वह इस अभियान के लिए चिकित्सा क्षेत्र के साथ सद्भावना राजदूत के रूप में काम करना जारी रखेंगे।
इस अवसर पर गैर-अल्कोहलिक फैटी लीवर रोग (एनएएफएलडी) पर एक सूचना पुस्तिका का भी अनावरण किया गया तथा साथ ही केईएम अस्पताल के शताब्दी वर्ष के अवसर पर एक विशेष पुस्तिका भी प्रकाशित की गई।
मालूम हो कि यह समारोह बृहन्मुंबई नगर निगम द्वारा संचालित सेठ गोरधनदास सुंदरदास मेडिकल कॉलेज और राजे एडवर्ड मेमोरियल अस्पताल केईएम अस्पताल के शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित किया गया था।
मानव कल्याण हेतु किसी भी संस्था, संगठन के इतिहास में 100 वर्ष की सेवा अवधि बहुत लंबी अवधि होती है और तेजी से बदलती दुनिया में मेडिकल क्षेत्र की सेवाएं भी बहुत उसी गति से से बदल रही हैं।
इस अवसर पर, बॉलीवुड अभिनेता अमिताभ बच्चन ने सार्वजनिक सेवा का व्रत लेने वाले केईएम संगठन की सफलता में 100 साल की समयावधि और जोड़ने की कामना की।

इस मौके पर बृहन्मुंबई नगर निगम आयुक्त एवं प्रशासक भूषण गगरानी ने अमिताभ बच्चन का स्वागत, अभिनंदन किया।
साथ में अतिरिक्त नगर आयुक्त (पश्चिमी उपनगर) डॉ. विपिन शर्मा, डाॅ. (श्रीमती) संगीता रावत, विशेषज्ञ सर्जन डॉ. जयन्त बर्वे आदि गणमान्य जन उपस्थित थे।
सुपर स्टार नें आगे कहा कि किसी भी बीमारी को नजरअंदाज न करें. किसी भी बीमारी के इलाज के लिए सही समय पर उचित चिकित्सकीय सलाह जरूरी है। चिकित्सा क्षेत्र में उन्नत तकनीक का प्रयोग बहुत तेजी से किया जा रहा है। इसलिए उन्होंने पिछले कई दशकों में मेडिकल सर्जरी के क्षेत्र में हुए बदलावों पर भी टिप्पणी की तथा वें यादें भी ताजा कीं कि कैसे चिकित्सा क्षेत्र ने पिछले कई वर्षों में लगातार हमें जीवन दिया है।
अभिनेता नें याद किया कि किस तरह कुली फिल्म दुर्घटना, टीबी रोग उपचार, लीवर रोग के सही उपचार के कारण जीवन प्रत्याशा में वृद्धि के लिए चिकित्सा क्षेत्र में बदलती तकनीक को श्रेय दिया जायेगा।
बॉलीवुड स्टार ने यह आशा व्यक्त की कि केईएम अस्पताल में अध्ययन करने वाले नए महत्वाकांक्षी डॉक्टरों द्वारा सार्वजनिक सेवा की विरासत को बनाए रखा जाना चाहिए।

अमिताभ बच्चन ने बताया किअक्सर 50 प्रतिशत मरीज सिर्फ डॉक्टर के आश्वासन से ही ठीक हो जाते हैं, इसलिए समाज के अंतिम वर्ग को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से केईएम हॉस्पिटल के माध्यम से मानवता के लिए चल रहे कार्य निरंतर होते रहना चाहिए।
अस्पताल प्रशासन की तरफ़ से जानकारी दी गई कि नॉन-अल्कोहलिक स्टीटोहेपेटाइटिस (NASH) नॉन-अल्कोहलिक फैटी लीवर रोग (NAFLD) का एक रूप है। लिवर की इस बीमारी का निदान और इलाज करना जरूरी है, केईएम अस्पताल में इन बीमारियों के इलाज के लिए अलग से ओपीडी स्थापित की जाएगी।
इस ओपीडी में प्रत्येक शुक्रवार को मरीजों को जांच एवं उपचार सेवा मिलेगी। यह ओपीडी एनएएसएच के इलाज में एक महत्वपूर्ण कदम होगा और मरीजों को नवीनतम चिकित्सा देखभाल प्रदान करेगा।
इससे इस बीमारी के बारे में जागरूकता बढ़ाना और उचित इलाज कराना आसान हो जाएगा। गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. आकाश शुक्ला की टीम के माध्यम से OPD शुरू की जा रही है।




