★हसीब सिद्दीकी★
★लखनऊ★
यूपी प्रेस क्लब और सहित्यगंगा ने संयुक्त रूप से कमल हातवी और अहमद अयाज़ को क़ाफ़िया रदीफ़ सम्मान से नवाज़ा
यूपी प्रेस क्लब में आयोजित 12वें काफ़िया रदीफ़ मुशायरा व सम्मान समारोह में शायरों ने खोले हर्फ़ों से जज़्बात
♂÷यू पी प्रेस क्लब और साहित्यागंधा के संयुक्त तत्वाधान में 12 वें क़ाफ़िया रदीफ़ मुशायरा व सम्मान समारोह 25 फ़रवरी 2023 को शाम 4 बजे यू पी प्रेस क्लब हज़रतगंज में संयोजित किया गया ।जिसकी अध्यक्षता डॉ संजय शौक़ और संचालन शाहबाज़ तालिब ने की।
इस मौक़े पर 12वाँ क़ाफ़िया रदीफ़ अवार्ड लखनऊ के मशहूर शायर श्री अहमद अयाज़ और कमल हातवी जी को दिया गया । क़ाफ़िया रदीफ़ के कन्वेनर शायर हर्षित मिश्रा ने बताया कि मुशायरे में अहमद अयाज़ साहब ने पढ़ा
~अब तेरे शहर जो आया हूं तो इस मिट्टी में,
कुछ नए ज़ख़्म उगाऊंगा चला जाऊंगा।
बलवंत सिंह साहब ने पड़ा
~वो एक शय जिसे दुनिया पुकारते हैं लोग
ख़रीद लूँगा पसंद आनी चाहिए मुझको।
डॉ संजय शौक़ साहब ने फ़रमाया
~आँखों से जो ख़्वाबों की सवारी गुज़री।।
फिर हिज्र मिला बाद-ए-बहारी गुज़री।।
कल रात बहुत हूक उठी सीने में।
बीमार प ये रात भी भारी गुज़री।।
शाहबाज़ तालिब ने सुनाया कि
~उसके बाज़ू नहीं हैं ग़ौर करें
हाथ थामा है आपने जिसका।
अभिश्रेष्ठ तिवारी ने पढ़ा
~सब अपने हादसो पे शेर कहना चाहते थे
मैं शेर कहता था और हादसा बनाता था।
मुशायरे में अपने हर्फ़ों से जज़्बात खोल स्रोताओं से अश-अश कहलवाने वाले शायरों में
में डॉ बलवंत सिंह,दुर्गेश शुक्ला, सलमान ख़याल,मेहशर गोंडवी, हरि मोहन बाजपेयी,आदर्श बाराबंकवी,फ़रहान आलम, अभिश्रेष्ठ तिवारी,जानी लखनवी, मनीष पटेल,श्रुति भट्टाचार्य,संदीप शर्मा आदि मुख्य रहे।
इसी के साथ साथ सदर इस्तक़बालिया जनाब हसीब सिद्दीक़ी साहब और शिव शरण सिंह साहब भी मौजूद रहे ।




