लेखक.डॉ.के. विक्रम राव
पड़ोसी ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक की भांति भारतीय मूल के अशोक वराडकर आयरलैंड के प्रधानमंत्री थे। आज उन्होंने त्यागपत्र देकर सियासी बवंडर उठा दिया। पद छोड़ने का कारण उन्होंने दिया : "बेहतर व्यक्ति प्रधानमंत्री पद संभाले। सात साल तक पीएम रहने के बाद मेरी निजी अनुभूति है कि मैं सर्वाधिक श्रेष्ठ नेता नहीं हूं। आयरलैंड के लोग मुझसे बेहतर मुखिया बना सकते हैं।" यह 45-वर्षीय राजनेता सबसे कम उम्र (38) में प्रधानमंत्री निर्वाचित हो गए थे। वे आयरलैंड के प्रथम और दुनिया के पांचवें समलैंगिक प्रधानमंत्री हैं।
यूरोप के सबसे रूढ़िवादी देश माने जाने वाले आयरलैंड में वराडकर उदारवाद का चेहरा बनकर उभरे थे। आयरलैंड में 1993 तक समलैंगिकता को अपराध माना जाता था। किन्तु 2013 में एक जनमतसंग्रह करवाया जिसके बाद वहां 2015 के मई महीने में सेम सेक्स (समलैंगिक) शादी को मान्यता दी। इसके कुछ महीने पहले जनवरी 2015 में वराडकर खुलकर सामने आए और उन्होंने अपने समलैंगिक होने की बात सार्वजनिक तौर पर घोषित की। उस वक्त वो स्वास्थ्य मंत्री थे। उन्होंने कहा : "मैं गे हूं और ये कोई राज़ नहीं है. ये मेरी परिभाषा का हिस्सा नहीं है। न तो मैं आधा-भारतीय राजनेता हूं, न तो डॉक्टर राजनेता हूं और न ही गे राजनेता हूं। ये मेरे जीवन का हिस्सा है मेरे चरित्र का हिस्सा है।"
वराडकर ने 2017 में पेशेवर आयरिश भाषा में एक कोर्स पूरा किया, और अपने उपनाम, डी वरद के लिए एक आयरिश भाषा फॉर्म तैयार किया। उन्होंने कहा है : "आयरिश के प्रति मेरा दर्शन केवल इसे बोलना है! आयरिश बोलें! यह इसे पूर्ण करने के बारे में नहीं है। यह मज़े करने और इसे बोलने का प्रयास करने के बारे में है।" वे दक्षिण भारत को उदाहरण देते हैं। जहां हिन्दी भी तमिल के साथ बोली जाती है।
डबलिन में जन्मे वरदकर बहुजातीय हैं। उनके पिता मुंबई से और मां डुंगरवन (काउंटी वॉटरफोर्ड) से हैं। उन्होंने ट्रिनिटी कॉलेज डबलिन में चिकित्सा का अध्ययन किया और अस्पताल में डॉक्टर बने। किशोरावस्था से ही फाइन गेल पार्टी के सदस्य रहे।
लियो वराडकर अशोक और मिरियम (नी हॉवेल) वराडकर के इकलौते बेटे हैं। उनके पिता का जन्म मुंबई में हुआ था। वह डॉक्टर के रूप में काम करने के लिए 1960 के दशक में यूनाइटेड किंगडम चले गए थे। इनकी मां अपने भावी पति से स्लॉ में नर्स के रूप में काम करने के दौरान मिलीं। उन्होंने यूके में शादी कर ली।
वराडकर ने 2000 के दशक के अंत में एक मुखर मनमौजी व्यक्ति के रूप में उभरे। उनकी "असामान्य" टिप्पणियाँ के कारण इवनिंग हेराल्ड ने उन्हें "गलतियाँ करनेवाला" बताया। आयरिश टाइम्स के स्तंभकार स्टीफन कोलिन्स ने 2017 में वराडकर को "जनता, विशेषकर युवा मतदाताओं के सामने ऐसे पेश किया, जैसे कि वह राजनेता नहीं हैं"।
पत्रिका आयरिश परीक्षक 2010 में वराडकर को "रूढ़िवादी" बताया, जबकि उसी वर्ष पत्रिका हॉट प्रेस ने उनकी नीतिगत स्थिति को "कट्टरपंथी अधिकार" के रूप में वर्णित किया, हालांकि उसी लेख में, उन्होंने खुद को "केंद्र-दक्षिणपंथी" बताया।
वराडकर की राजनीतिक उपलब्धियां कई हैं। जिस वक्त वे पहली बार प्रधानमंत्री बने थे, ब्रिटेन ब्रेक्सिट लागू करने की तैयारी में था। आयरलैंड उसके साथ सीमापार व्यापार को लेकर चर्चा कर रहा था। वराडकर के नेतृत्व में आयरलैंड ने ब्रिटेन से बात की ताकि दोनों के बीच सीमा पार लोगों के आनेजाने को लेकर सख्त पाबंदियां न लगाई जाएं। इसके बाद जब 2020 में चुनाव हुआ वराडकर देश के नए डिप्टी प्रधानमंत्री चुने गए। देश इस समय कोविड महमारी से जूझ रहा था। कोविड के वक्त निभाई अहम ज़िम्मेदारी आयरलैंड अपने उस नेता को याद रखेगा। कोविड में मदद हेतु। जिस वक्त वराडकर प्रधानमंत्री बने थे।
जब फाइन गेल ने लेबर पार्टी के साथ गठबंधन सरकार बनाई, तो 9 मार्च 2011 को वराडकर को परिवहन, पर्यटन और खेल मंत्री नियुक्त किया गया। इस नियुक्ति को आश्चर्य माना गया, क्योंकि वराडकर को एक खेल प्रेमी के रूप में नहीं जाना जाता था। उन्होंने कहा कि उन्हें "बहुत सारे तथ्य पता हैं... मगर मैं खेल नहीं खेलता।"

(लेखक IFWJ के नेशनल प्रेसिडेंट व वरिष्ठ पत्रकार/स्तंभकार हैं)




