(भारत भूषण)
(राँची)
विस में विधायक ने पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग उठाते हुए कहा कि लोकतन्त्र के चौथे स्तम्भ की निष्पक्षता और सुरक्षा के लिए यह क़ानून है जरूरी
2016 में जैसलमेर में हुए IFWJ के राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में अध्यक्ष डॉ के विक्रम राव ने पत्रकार सुरक्षा क़ानून का मसौदा बना कर केन्द्र सरकार से पूरे देश में लागू करने की उठाई थी मांग
सदन के पटल पर पत्रकार सुरक्षा क़ानून का विषय रखना हजारों पत्रकारों की भावना का है सम्मान:IFWJ
देश के सभी राज्यों में पत्रकार सुरक्षा क़ानून को लागू करवाने का जो प्रण IFWJ के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्व डॉ के विक्रम राव ने वर्ष 2016 में राजस्थान के जैसलमेर में हुए राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में लिया था आज उसी कड़ी में IFWJ की झारखंड राज्य इकाई के अनुरोध पर विधानसभा में इस कानून को राज्य में लागू करवाने की पुरजोर मांग उठी है।
आज कोडरमा की विधायक डॉ. नीरा यादव ने झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान पत्रकारों के हितों की रक्षा के लिए ‘पत्रकार सुरक्षा कानून’ (Journalist Protection Act) को प्रदेश में अविलंब लागू करने की जोरदार वकालत की है। उन्होंने सदन में स्पष्ट किया कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की निष्पक्षता और सुरक्षा के लिए यह कानून अनिवार्य है।
विधानसभा सदस्य द्वारा सदन में इस कानून को लागू करवाने की मांग उठाए जाने पर IFWJ नेतृत्व ने उनका आभार जताया है।
इण्डियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स (IFWJ) के राष्ट्रीय और प्रदेश नेतृत्व ने विधायक डॉ. नीरा यादव के इस कदम की सराहना की है।
संगठन के उपाध्यक्ष गोपाल मिश्रा,उपेंद्र सिंह राठौर, मोहन कुमार, सेक्रेटरी जनरल विपिन धूलिया एवं कोषाध्यक्ष रजत मिश्रा ने संयुक्त रूप से धन्यवाद देते हुए कहा कि सदन के पटल पर इस विषय को रखना राज्य के हजारों पत्रकारों की भावनाओं का सम्मान है। उन्होंने बताया की IFWJ के अध्यक्ष स्वर्गीय डॉ के विक्रम राव ने राजस्थान प्रान्त के जैसलमेर में वर्ष 2016 में हुई राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में इसका मसौदा बना कर केंद्र सरकार से इसको देश में लागू करने कि मांग की थी |
पत्रकार सुरक्षा कानून महाराष्ट्र एवं छत्तीसगढ़ में लागू हो चुका है |
IFWJ के प्रदेश अध्यक्ष भारत भूषण ने डॉ. नीरा यादव का आभार प्रकट करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से माँग की है कि इस कानून को राज्य में प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि पत्रकारों को कार्य के दौरान सुरक्षा की गारंटी देना और उनके विरुद्ध होने वाली हिंसा को रोकना सरकार का नैतिक उत्तरदायित्व है।
IFWJ ने सरकार से प्रमुख मांग की है कि पत्रकारों के विरुद्ध हिंसा और दुर्व्यवहार को रोकने हेतु कड़े कानूनी प्रावधान लागू करने और रिपोर्टिंग के दौरान आने वाली बाधाओं और फर्जी मुकदमों से सुरक्षा हो।
साथ ही फील्ड में कार्य करने वाले पत्रकारों के लिए सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करे राज्य सरकार।



