(राजेश बैरागी)
(गौतम बुद्ध नगर)
√ विभिन्न मेडिकल डिवाइस बनाने वाली 73 कंपनियों को अब तक भूमि की जा चुकी है आवंटित
यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र में विकसित हो रहे मेडिकल डिवाइस पार्क में ढांचागत विकास के लिए केंद्र सरकार द्वारा दी जाने वाली अनुदान राशि की अगली किश्त तीस करोड़ रुपए मिलने का रास्ता साफ हो गया है। आज शुक्रवार को मिनिस्ट्री ऑफ फार्मा के निदेशक सहित दो अधिकारियों ने स्थलीय निरीक्षण व विकास कार्यों का जायजा लेने के बाद मेडिकल डिवाइस पार्क की वर्तमान स्थिति पर संतुष्टि जताई।
भारत सरकार के औषध मंत्रालय (मिनिस्ट्री ऑफ फार्मा) के निदेशक हितेंद्र साहू तथा टेक्निकल एसोसिएट आमिर खान आज सुबह यीडा पहुंचे और अधिकारियों के साथ मेडिकल डिवाइस पार्क को विकसित करने के लिए किए जा रहे विकास कार्यों की समीक्षा की।यीडा अधिकारियों ने उन्हें एक प्रेजेंटेशन देकर वहां चल रहे विकास कार्यों की वस्तु स्थिति से अवगत कराया। इसके बाद दोनों अधिकारियों ने मौके पर जाकर स्थलीय निरीक्षण भी किया। मेडिकल डिवाइस पार्क की प्रगति से दोनों अधिकारी संतुष्ट थे।यीडा विशेष कार्याधिकारी शैलेन्द्र कुमार भाटिया ने बताया कि सेक्टर 28 में 350 एकड़ भूमि पर विकसित किए जा रहे मेडिकल डिवाइसेज मैन्युफैक्चरिंग पार्क में स्वास्थ्य क्षेत्र से संबंधित औद्योगिक इकाइयों को स्थापित किया जाएगा।
अब तक विभिन्न प्रकार की मेडिकल डिवाइस बनाने वाली 73 कंपनियों को भूमि आवंटित की जा चुकी है। इनमें एक जर्मनी की और अमेरिका की दो कंपनियां शामिल हैं। विश्वस्तरीय मेडिकल डिवाइस बनाने वाले जापान के मेडिकल एक्सीलेंस जापान (एमईजे) संगठन द्वारा कल गुरुवार को यीडा का दौरा किया गया था जिसने आने वाले दिनों में यहां अपनी कुछ यूनिट लगाने के लिए गहरी रुचि प्रकट की है। गौरतलब है कि मेडिकल डिवाइस पार्क में औद्योगिक इकाई लगाने के लिए यीडा द्वारा आधी दरों ₹7360/- प्रति वर्गमीटर की दर पर भूमि आवंटित की जाती है।श्री भाटिया ने बताया कि मेडिकल डिवाइसेज मैन्युफैक्चरिंग पार्क विकसित करने की योजना केंद्र सरकार की है। इसके लिए मध्यप्रदेश, हिमाचल सहित चार राज्यों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा में उत्तर प्रदेश में यीडा को चुना गया था।
विभिन्न प्रकार की मेडिकल डिवाइस व फार्मा से संबंधित उत्पादों की जांच के लिए यहीं पर सौ करोड़ रुपए की लागत से कॉमन साइंटिफिक फैसिलिटी (सीएसएफ)लैब स्थापित करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा शत-प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। पहली किश्त के रूप में तीस करोड़ रुपए पहले ही मिल चुके हैं। दूसरी किश्त जारी करने से पहले मिनिस्ट्री ऑफ फार्मा के अधिकारियों ने आज दौरा किया था।




