लेखक~पद्मश्री-उमाशंकर जी
♂÷पद्म सम्मान की परंपरा में देश के गृह मंत्री अमित शाह जी के आमंत्रण पर मैं परिवार सहित भोजन करने गया।गृह मंत्री जी ने मेरे परिवार को स्नेह दिया, हालचाल पूछे, मेरे छोटे से सामुदायिक परंपरागत वर्षा जल संरक्षण के कार्य की तारीफ की। कपड़ा उद्योग वाणिज्य मन्त्री भारत सरकार पीयूष गोयल के साथ बैठकर एक ही टेबल पर भोजन हुआ।
उत्तरप्रदेश के मऊरानीपुर के बंद हथकरघा कपड़ा उद्योग के विषय में चर्चा हुई।इस अवसर पर देश के जल शक्ति मंत्री भारत सरकार गजेंद्र सिंह शेखावत जी ने मेरे परिवार से मुलाकात की, अपनापन दिया,उनका सदैव सहयोग मुझे जल संरक्षण के कारण मिलता रहता है।
उन्होंने अपने सरकारी तथा निजी फेसबुक टि्वटर पर मेरे कार्य की अनेकों बार तारीफ भी की है।
जल जीवन मिशन के लिए मेरे छोटे से प्रयोग को देश के लिए उपयोगी तथा उदाहरण माना था। अनुराग ठाकुर जी केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्री युवा कार्य एवं खेल मंत्रालय भारत सरकार ने मेरे बेटे मृत्युंजय को प्रोत्साहित किया, हमारे परिवार से मुलाकात की।गृह राज्य मंत्री भारत सरकार नित्यानंद राय जी ने इस अवसर पर दिल से अपनापन दिया, यह सब प्रातः स्मरणीय पूज्य नीम करौरी महाराज की कृपा से ही हो रहा है। हम जैसे छोटे व्यक्ति का जिसका कोई राजनीतिक आधार नहीं ,जीवन भर केवल अपमान, निंदा, संघर्ष, शारीरिक बाधा रही हो, उसे सब यह अचानक अवसर मिले यह तभी संभव है जब संत की कृपा होगी ,पूज्य माता जी का पिता जी का आशीर्वाद होगा। वरुण देव की कृपा से देश के माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की सोच ही हो सकती है कि अनजान लोगों को देशभर से ढूंढ कर सम्मानित करना ,उनके कार्य को पहचान देना, उनके साथ खड़ा होना, उन्हें राष्ट्रपति भवन ले जाना, समाज में काम कर रहे अनजान नायकों को सम्मान दिलाना ,स्वागत कराना ,राष्ट्रपति भवन का भ्रमण कराना।

मेरे परंपरागत वर्षा जल संरक्षण के पुरखों की विधि खेत के मेड़ पर पेड़ मेड़बंदी यज्ञ अभियान को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान देने के लिए भारत सरकार ,राज्य सरकारों सभी का मैं आभार व्यक्त करता हूं।
मेरी कोई एन जी ओ नहीं है ,मेरी कोई संस्था नहीं है ,कार्यालय नहीं है, कर्मचारी नहीं है, मेरा मेड़बंदी यज्ञ अभियान समुदाय के आधार पर ,बगैर सरकार की सहायता के पूरे देश में और देश के बाहर पहुंच गया।
यह हम सब के लिए गौरव की बात हैऔर मैं पूरे देश के किसानों का आभार व्यक्त करता हूं, उन सभी का आभार व्यक्त करता हूं जिन्होंने वर्षा की बूंदों को अपने खेत में रोका है मेड बंदी की है।मेड़ पर पेड़ लगाया है भले ही अरहर की दाल क्यों ना लगाई हो। मैं कभी चुनाव नहीं लड़ूंगा, मैं कभी कोई अनुदान नहीं लूंगा, मैं किसी पुरस्कार के लिए आवेदन नहीं करूंगा ,अपनी दिव्यांगता का सहारा नहीं लूंगा, ऐसा मेरी मां ने मुझे आदेश दिया था।

सत्य के मार्ग पर चलने की पूरी कोशिश करूंगा भले कोई मेरा अपमान करें, निंदा करें, मेरी मां ने कहा था प्रशंसा एक मीठा जहर है जिससे कम मात्रा में लेना। कोशिश करूंगा शीघ्र ही , राष्ट्रीय जल शक्ति यात्रा शुरू करने जा रहा हूं।जिसकी सूचना मैं आप लोगों को दूंगा। जिसका उद्देश्य वर्षा जल संरक्षण करना है, पेड़ लगाना है, यह यात्रा साइकिल से होगी 10 साथियों के साथ।
पहले चरण में बुंदेलखंड फिर दूसरे राज्य को शामिल करूँगा।

सभी मित्रों का आभार, उन सभी का आभार जिसने प्रत्यक्ष, अप्रत्यक्ष किसी प्रकार का मुझे सहयोग किया है, मेरे किसी भी कार्य व्यवहार से किसी को भी दुख हुआ है तो मैं क्षमा प्रार्थी हूं। महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी के कर कमलों द्वारा प्राप्त पद्मश्री सम्मान की वजह से जल संरक्षण की दिशा में मेरी जिम्मेदारी और बढ़ गई है। अब अकेले संघर्ष संभव नहीं है अतः आप सभी मित्रों से प्रार्थना है कि पूर्व से अधिक आपको मुझे सहयोग करना होगा, मार्गदर्शन करना होगा, साथ रहना होगा यही मेरी प्रार्थना है। रचनात्मक और सामाजिक कार्य सब के सहयोग से संपन्न होते हैं मैं तो निमित्त मात्र हूं, आप सबका पूरा विश्वास है हमारा जल क्रांति अभियान,जन क्रांति में परिवर्तित होगा।
÷लेखक पद्मश्री सम्मानित हैं और अमर शहीद क्रांतिकारी मंगल पाण्डेय फाउंडेशन बाँदा के तहत जल संरक्षण कार्य करते हैं÷




