★मुकेश सेठ★
★मुम्बई★
बदमाशों से मुठभेड़ में 13 पुलिसकर्मियों ने दी वीरगति,मार्च 2017 से अब तक लगभग 10535 एनकाउंटर कर चुकी है पुलिस
14सौ से अधिक पुलिसकर्मियों को मुठभेड़ के दौरान लगी अपराधियों की गोलियां
योगीराज में अब तक जनप्रतिनिधियों के भेष में छुपे कुख्यात माफियाओं,गैंगस्टरों,भूमाफियों की लगभग 10 हज़ार करोड़ से ऊपर की सम्पत्तियां की जा चुकी है ज़ब्त
पुलिस अपराधियों के विरुद्ध ज़ीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कर रही कार्रवाई=ADG प्रशांत कुमार
♂÷राजनीतिक दल भले ही आये दिन क़ानून व्यवस्था के नाम पर उत्तरप्रदेश में कुर्सीदार भारतीय जनता पार्टी की योगी आदित्यनाथ सरकार पर कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर फ़ेल होने का आरोप चस्पां कर पोलिटिकल माइलेज़ लेने के लिए सियासी बयानात जारी करती हो किन्तु ज़मीनी हकीकत तो यही है कि”योगीराज”में “ख़ाकी”अपने जलवे-जलाल पर है और बदमाशों, माफियाओं,भूमाफियों सहित राष्ट्रविरोधी तत्वों की क़मर तेज़ी से तोड़ती जा रही है।
वहीँ अपर पुलिस महानिदेशक क़ानून व्यवस्था प्रशांत कुमार का कहना है कि पुलिस अपराधियों के विरुद्ध ज़ीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्रवाई कर रही है और बदमाशों से मुठभेड़ के दौरान उनका डटकर सामना करती है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के द्वारा प्रदेश को अपराध मुक्त बनाने के मूलमंत्र पर दिनों-रात डटी रहने वाली पुलिस का बदमाशों से आमना-सामना आये दिन जारी है।
यूपी पुलिस ने इस वर्ष कुख्यातों से हुई मुठभेड़ में पिछले कुछ दिनों में चार बदमाशों को ठोंककर यमलोक भेज दिया है। अपराधियों से मुठभेड़ के कई मौकों पर पुलिस की कार्यशैली को लेकर कुछ सवाल भी उठे और उसे जांच का भी सामना करना पड़ा लेकिन, पुलिस ने अपने कदम पीछे नहीं खींचे।आगरा में मंगलवार देर रात पुलिस ने पचास हजार के इनामी बदमाश विनय को मार गिराया। वर्ष के पहले दिन गौतमबुद्धनगर में एक लाख का इनामी बदमाश कपिल मारा गया था। इसके बाद बुलंदशहर में दो व तीन जनवरी को हुईं पुलिस मुठभेड़ में एक लाख का इनामी आशीष व पचास हजार का इनामी बदमाश अब्दुल मारा गया।

दूसरी बार सत्तासीन हुई योगी सरकार में 25 मार्च, 2022 से अब तक 15 अपराधी मुठभेड़ में मारे जा चुके हैं।
उत्तरप्रदेश के अपर पुलिस महानिदेशक कानून-व्यवस्था प्रशांत कुमार का कहना है कि पुलिस अपराधियों के विरुद्ध जीरो टालरेंस की नीति के तहत कार्रवाई कर रही है। पुलिस बदमाशों से मुठभेड़ के दौरान डटकर उनका मुकाबला करती है।
ज्ञात हो कि वर्ष 2017 मार्च महीनें से अब तक पुलिस व बदमाशों के बीच 10531 से अधिक मुठभेड़ हुई हैं। इनमें बदमाशों का मुकाबला करते हुए 13 पुलिसकर्मियों ने अपने प्राणों की आहूति दी है। बदमाशों की गोली लगने से लगभग 1400 पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं।
स्मरण हो कि योगी आदित्यनाथ सरकार ने कुख्यात अपराधियों, सँगठित गिरोहबाजों के विरुद्ध अपनी भृकुटि टेढ़ी की हुई है, जिसके चलते इन समाजविरोधी-राष्ट्रविरोधी माफिया तत्वों के विरुद्ध अपराध के जरिये जुताई गयी क़रीब दस हज़ार करोड़ से ऊपर की संपत्तियों को ज़ब्त कर लिया गया है और साथ ही इनके द्वारा कब्जाई गयी सरकारी जमीनों पर बने निर्माण को बुल्डोजर के जरिये जमींदोज कर सरकारी क़ब्जे में लिया जा रहा है।यहीं ही नही बल्कि माफियाओं या फ़िर उन्हें भी जो वर्तमान में सांसद, विधायक या पूर्व हो चुके जनप्रतिनिधि हो,मंत्री रहे हो किन्तु असल में उनकी पहचान अपराध जगत के कुख्यातों में ही है उनकी भी कुण्डली सरकार ने खोल रखी है।उनके साथ ही उनके रिश्तेदारों, नौकरों तक से उनकी सम्पत्तियों को ज़ब्त कर कड़ी कार्रवाई कर सँगठित अपराध व अपराधियों की क़मर तोड़ दी जा रही है।
विपक्षी राजनीतिक दल भले ही पोलिटिकल माइलेज़ के लिए बीजेपी की योगी सरकार पर क़ानून व्यवस्था के मुद्दे पर हमलावर होती हो किन्तु इतना तो आईने की तरह से साफ़ है कि पूर्ववर्ती सरकारोँ के मुकाबिल योगी सरकार ने पुलिस प्रशासन को क़ानून से खिलवाड़ करने वाले माफियाओं,दबंगों व भूमाफियों के विरुद्ध खुलकर कठोरतम क़दम उठाने और रीढ़ तोड़ने के लिए फ़्रीहैंड किया हुआ है।




