★हसीब सिद्दीकी★
★लखनऊ★
यूपी प्रेस क्लब और सहित्यागन्धा के संयुक्त तत्वाधान में 14वां रफ़ीक काफियां रदीफ़ सम्मान समारोह संपन्न
♂÷यू पी प्रेस क्लब और साहित्यागंधा के संयुक्त तत्वाधान में 14 वें क़ाफ़िया रदीफ़ मुशायरा व सम्मान समारोह 26 अप्रैल को शाम 5 बजे यू पी प्रेस क्लब हज़रतगंज में संयोजित किया गया ।
जिसकी अध्यक्षता डॉ संजय शौक़ और संचालन शाहबाज़ तालिब ने की। इस मौक़े पर 14वें क़ाफ़िया रदीफ़ अवार्ड लखनऊ के मशहूर शायर श्री राम प्रकाश बेख़ुद और रज़ा मोरनवी जी को दिया गया । क़ाफ़िया रदीफ़ के कन्वेनर शायर हर्षित मिश्रा ने बताया कि मुशायरे में
बलवंत सिंह साहब ने पढ़ा
वो एक शय जिसे दुनिया पुकारते हैं लोग
ख़रीद लूँगा पसंद आनी चाहिए मुझको।
डॉ संजय मिश्रा शौक़ साहब ने फ़रमाया
आँखों से जो ख़्वाबों की सवारी गुज़री।।
फिर हिज्र मिला बाद-ए-बहारी गुज़री।।
कल रात बहुत हूक उठी सीने में।
बीमार प ये रात भी भारी गुज़री।।
शाहबाज़ तालिब ने सुनाया कि
उसके बाज़ू नहीं हैं ग़ौर करें
हाथ थामा है आपने जिसका।
अभिश्रेष्ठ तिवारी ने पढ़ा
सब अपने हादसो पे शेर कहना चाहते थे,
मैं शेर कहता था और हादसा बनाता था।
डॉ बलवंत सिंह अभिश्रेष्ठ तिवारी जानी लखनवी मनीष पटेल श्रुति भट्टाचार्य संदीप शर्मा आदि ने अपना कलाम पढ़ा इसी के साथ साथ सदर इस्तक़बालिया जनाब हसीब सिद्दीक़ी साहब और स्माइलमैन सर्वेश अस्थाना साहब मौजूद रहे ।




