★मुकेश सेठ★
★मुम्बई★
पद्मश्री पाण्डेय जी नें जल संरक्षण का अभियान छेड़कर देश-दुनियां में जागरूकता लाने का कार्य कर रहे हैं उसमे हम सब करेंगे सहयोग=कृपाशंकर सिंह
पद्मश्री पाण्डेय जी के मुद्दे पर बनाएंगे बड़ी फिल्म कहा फ़िल्म प्रोड्यूसर संजय सिंह ने
पूर्व गृहराज्यमंत्री व बीजेपी के वरिष्ठ नेता कृपाशंकर सिंह और उनके सुपुत्र संजय सिंह नें पद्मश्री पाण्डेय जी को अपने आवास पर शॉल ओढ़ा, पुष्पगुच्छ व लेखनी देकर किया सम्मानित
♂÷प्रत्येक मन्दिर,मस्जिद, गुरुद्वारा,गिरिजाघरों समेत समस्त धर्मस्थलों और उनके धार्मिक गुरुओं के द्वारा देश में जलसंकट की भयावह स्थिति न आये इसके लिए पानी बचाओं अभियान के लिए जन-मन में जागरूकता पैदा करने के लिए आगे आना ही होगा।
उक्त अपील जल संरक्षण के लिए देश भर में जनजागृति फ़ैलाने निकले पद्मश्री उमाशंकर पाण्डेय जी नें पूरी गृहराज्य मन्त्री व महाराष्ट्र बीजेपी के उत्तर भारतीय मोर्चा प्रभारी व Modi@9 जनसम्पर्क अभियान के सहप्रभारी कृपाशंकर सिंह के आवास पर कहा।
पद्मश्री पाण्डेय जी नें कहा कि आज दुनियां के तमाम देश गम्भीर जलसंकट से जूझ रहे हैं, अपना देश भारत भी अछूता नही है, ऐसे में हम सबकों,पुरखों की परंपरागत जल संरक्षण विधियों को अपनाकर देश में पानी की उपलब्धता बढ़ानी होगी।
इसके लिए “खेत पर मेड़-मेड़ पर पेड़”लगाने की विधि को अमल में लाना होगा।
पानी बनाया नही जा सकता किन्तु पानी बचाया जा सकता है, प्रत्येक देशवासियों के यह राष्ट्रधर्म बनता है कि अपने और आने वाली पीढ़ियों के लिए सबको जल संरक्षण का व्रत लेना पड़ेगा।

वहीँ पूर्व गृहराज्य मन्त्री व वरिष्ठ बीजेपी नेता कृपाशंकर सिंह नें पद्मश्री उमाशंकर पाण्डेय को अपने सुपुत्र संजय सिंह के साथ शॉल ओढ़ाकर,पुष्पगुच्छ और लेखनी देकर सम्मानित किया और उनके द्वारा दशकों से किये जा रहे जल संरक्षण अभियान की मुक्तकंठ से अशेष प्रशंसा की।
पूर्व मन्त्री श्री सिंह ने कहा कि पद्मश्री उमाशंकर पाण्डेय जी पानी बचाने के जिस महायज्ञ को पूर्ण करने के लिए निकले हैं उसमें हम सभी का यह राष्ट्रीय कर्तव्य बनता है कि जल सम्पदा को बचाकर ही ,हम सब और आने वाली नस्लों को बेहतर भविष्य और जीवन दे सकते हैं।
श्री सिंह नें जलयोद्धा पाण्डेय जी को हरसम्भव मदद इस जनअभियान में करने का भरोसा दिलाया।
फ़िल्म प्रोड्यूसर संजय सिंह ने कहा कि वह जल संकट के मुद्दे व उसको किस प्रकार से देश-दुनियां को बचाया जा सके इसके लिए पद्मश्री उमाशंकर जी के साथ मिलकर काम करेंगे।




