★मुकेश सेठ★
★मुम्बई★
प्रकृति जरूरत पूरी करती है किन्तु ज्यादती नही=न्यायमूर्ति अरुण मिश्र
पीढ़ियों को सुरक्षित भविष्य देने के लिए सभी को बनना पड़ेगा जलयोद्धा=पद्मश्री उमाशंकर पाण्डेय
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय C20 समिट में देश विदेश से जुटे सामाजिक संगठनों के कार्यकताओं व महत्वपूर्ण हस्तियों ने रखे अपने सुझाव
♂÷प्रत्येक लोगों को वर्तमान के लिए व भविष्य के दृष्टिगत अपनी आने वाली पीढ़ियों के सुखमय जीवन के लिए जल संरक्षण के कार्य में प्राथमिकता के साथ राष्ट्रीय कर्तव्य समझकर कार्य करना होगा,जिससे जलसंकट का सामना न करना पड़े।

उक्त सम्बोधन मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल में अयोजित अंतरराष्ट्रीय दो दिवसीय सेवा समिट C20 का शुभारंभ करते हुए कहा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दशकों से जल संरक्षण के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य के ज़रिए देश-दुनियां में प्रेरणाश्रोत बने पद्मश्री उमाशंकर पाण्डेय जी के द्वारा”खेत पर मेड़-मेड़ पर पेड़” अभियान से सभी को जुड़ने के साथ इस फॉर्मूले के ज़रिए पानी बचाओं अभियान से जुड़ने की जरूरत है।
पद्मश्री के कार्यों में हर सम्भव मदद के लिए मध्यप्रदेश सरकार कदम से कदम मिलाकर चलेगी।पद्मश्री उमाशंकर पाण्डेय ने कहा कि आज भारत ही नही दुनियां के तमाम देश गम्भीर जलसंकट से जूझ रहे हैं, ऐसे में हमें अपने पुरखों की विधि को अपनाना होगा,तालाब,नदी कुओं का संरक्षण करना होगा,पौधरोपण करना होगा,बारिश के जल को संरक्षण करना होगा,क्योंकि जल ही जीवन है ,जल ही जगदीश है।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जी समेत आये हुए महत्वपूर्ण अतिथियों ने मुझे जो स्नेह व आदर दिया उसका मैं हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ और सभी लोगों से आग्रह है कि राज-समाज के साथ पीढ़ियों को सुरक्षित भविष्य और जीवन देने के लिए हम सभी को जलयोद्धा की भूमिका निभानी होगी।

इस अवसर पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा ने कहा कि प्रकृति ने सभी नागरिकों,जीव जंतुओं, पशु,पक्षियों, वन-वनस्पतियों के लिए बहुत कुछ दिया है, प्रकृति जरूरत पूरी करती है किंतु ज़्यादती नही।उन्होंने आगे कहा कि लालच के वशीभूत होकर प्रकृति प्रदत्त संसाधनो का जिस तरह से दोहन किया जा रहा है उससे सबसे गम्भीर संकट जलसंकट के रूप में सामने आ रहा है।हम सभी को मिलकर प्रत्येक स्तर व क्षमतानुसार इसी पल से पानी बचाओं पेड़ लगाओ के जलयज्ञ अभियान में डट पड़ना होगा।
मानवाधिकार आयोग अध्यक्ष ने कहा कि हम लोगों के समक्ष आदर्श के रूप में जलयोद्धा पद्मश्री उमाशंकर पाण्डेय जी के अनथक कार्यों का सफ़ल इतिहास है जिससे सभी को प्रेरित होकर काम करना चाहिए।
इस दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय आयोजन में प्रमुख रूप से भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विनय सहस्त्र बुद्धे,मध्यप्रदेश सरकार में मंत्री ओमप्रकाश सकलेचा, उपाध्यक्ष विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी की निवेदिता दीदी, पर्यावरण जल संरक्षण प्रमुख गोपाल आर्या, योजना आयोग मध्य प्रदेश के उपाध्यक्ष सचिन चतुर्वेदी, सिविल सेवा समिट C 20 के आयोजक श्याम परांदे समेत कई देशों के सामाजिक कार्यकर्ताओं, सामाजिक विषयों के विशेषज्ञ, खासकर भारत में विभिन्न क्षेत्रों में सेवा करने वाले वरिष्ठ जन मौजूद रहे।
सामाजिक कार्यकर्ताओं और विशेषज्ञों नें समाज की आवश्यकताओं के मद्देनजर किस तरह राज-समाज मिलकर उनके निराकरण की दिशा में ठोस योजना बनाकर सामाजिक संगठनों और कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर काम कर सके इस पर विचार प्रकट किए गए।




