(संजय राय)
(नई दिल्ली)
करीब 500 अर्धसैनिक बल और पुलिसकर्मियों के बूते पुरुष ,महिला मीडिया कर्मियों को न्यूज़रूम से कोर्ट के आदेश का हवाला देकर किया बाहर किन्तु नहीं दिखा सके कोर्ट का आदेश
देश की प्रतिष्ठित समाचार एजेंसी यूनाइटेड न्यूज ऑफ इंडिया के परिसर को दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों के भारी अमले की तैनाती कर बिना किसी पूर्व नोटिस के जबरन खाली करा लिया गया। स्वतंत्र भारत के मीडिया के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है। समाचार एजेंसी का पिछले कई दशकों से 9, रफी मार्ग पर स्थित परिसर से संचालन हो रहा है।

आज अचानक कुछ सरकारी अधिकारी दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों के करीब 300 जवानों तथा अधिकारियों और कुछ वकीलों के साथ परिसर में घुस आये और कर्मचारियों से तुरंत न्यूजरूम खाली कर परिसर से बाहर जाने का दबाव डालने लगे। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई न्यायालय के आदेश से की जा रही है, लेकिन वे कोई लिखित आदेश नहीं दिखा सके। उन्होंने कहा कि यदि कर्मचारी आराम से बाहर नहीं निकलते हैं तो उन्हें बल प्रयोग करना पड़ेगा।
कर्मचारियों के कुछ समय देने और कंपनी प्रबंधन के आने का इंतजार करने के अनुरोध तथा नोटिस दिखाने की मांग पर उन्होंने महिला कर्मचारियों सहित कुछ कर्मचारियों को जबरन घसीटकर और धक्का देकर उनकी सीटों से हटाया और न्यूजरूम से बाहर निकाला। इस दौरान उनके साथ गाली-गलौच भी किया गया।
पुलिस अमले ने परिसर के गेट पर कब्जा कर लिया और खबरों के सिलसिले में बाहर गये पत्रकारों और प्रबंधन के अधिकारियों को अंदर प्रवेश नहीं करने दिया। वे अपने व्यक्तिगत सामान भी नहीं ले पाये।

बिना किसी पूर्व नोटिस के और समाचार एजेंसी के वरिष्ठ प्रबंधन की अनुपस्थिति में कर्मचारियों को परिसर से इस तरह बाहर क्यों किया गया, इसे लेकर तरह तरह की चर्चाएं हैं।
इस परिसर को अचानक खाली कराये जाने से यूनाइटेड न्यूज ऑफ इंडिया की अंग्रेजी, हिंदी और उर्दू सेवा के करीब 500 से भी अधिक सब्सक्राइबरों को खबरों का प्रेषण अचानक रुक गया। इससे ऐतिहासिक संवाद समिति के अस्तित्व और सैकड़ों कर्मचारियों तथा उनके परिवारों के भविष्य पर भी तलवार लटक गयी है।




