(आलोक तिवारी)
(मथुरा)
√ दोनों पक्षों की तरफ़ से दी गई तहरीर पर पुलिस ने जाँच की शुरू
√ विधायक राजेश चौधरी ने कहा हॉस्पिटल में मेरी माताजी भर्ती है चाय लेकर गए लोगों को हॉस्पिटल स्टॉफ नें पहले पीटना शुरू कर दिया
√ मथुरा IMA अध्यक्ष डॉ मनोज गुप्ता ने कहा हॉस्पिटल में जनप्रतिनिधियों के परिजनों के द्वारा मारपीट करना शोभा नहीं देता
मथुरा के डीएस हॉस्पिटल का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। बताया गया है कि मांट से भाजपा विधायक राजेश चौधरी के भाई और विधायक प्रतिनिधि ने हॉस्पीटल के आईसीयू में घुसकर युवक की पिटाई की। ये पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हो गई, जो अब वायरल हो रही है।
हालांकि दोनों पक्षों की तरफ़ से एक दूसरे के विरुद्ध लिखित तहरीर पुलिस को दी गई है जिस पर पुलिस ने घटना की जाँच शुरु कर दी है।
मथुरा हाईवे थाना क्षेत्र स्थित हॉस्पिटल में मांट विधायक राजेश चौधरी के भाई और भतीजों समेत एक दर्जन से अधिक लोगों पर स्टाफ के साथ मारपीट का आरोप लगा है। हॉस्पिटल के सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में विधायक के भाई और भतीजा अपने साथियों संग मिलकर स्टॉफ के साथ मारपीट करते हुई दिखाई दे रहे हैं।
उधर विधायक राजेश चौधरी ने हॉस्पिटल स्टॉफ पर पहले मारपीट का आरोप लगाया है। फिल्हाल पुलिस ने दोनों पक्षों की तहरीर पर मामले की जांच शुरू कर दी है।
हाईवे थाना प्रभारी निरीक्षक आनंद कुमार शाही ने बताया कि मांट विधानसभा क्षेत्र के विधायक राजेश चौधरी की मां प्रेमवती महोली रोड स्थित डीएस हॉस्पिटल में भर्ती हैं। हॉस्पिटल मालिक ललित वार्ष्णेय ने उन्हें बताया कि रविवार की सुबह 8 वेस्ट प्रताप नगर निवासी विधायक के भाई जितेंद्र सिंह, संजय चौधरी, विधायक प्रतिनिधि जसवंत, भतीजा देव चौधरी आईसीयू में जबरन घुसने लगे। हॉस्पिटल के स्टॉफ प्रताप और सत्यपाल ने उन्हें रोका। इस पर सभी ने मिलकर प्रताप और सत्यपाल को पीटना शुरू कर दिया। हॉस्पिटल के अन्य स्टॉफ ने उन्हें बचाया तो उनको भी पीटा। आरोपियों ने सत्यपाल का मोबाइल फोन के साथ हॉस्पिटल में भी तोड़ फोड़ की।
इधर, विधायक राजेश चौधरी के प्रतिनिधि और पीआरओ थाना शेरगढ़ के गांव जावली निवासी जसवंत ने पुलिस को बताया कि वह विधायक राजेश चौधरी की मां को चाय पिलाने के लिए अस्पताल गया था। इस दौरान उसने आईसीयू में भर्ती मरीज का फोटो खींचने पर हॉस्पिटल के प्रताप समेत अन्य स्टाफ ने गाली गलौज की। जान से मारने की नीयत से कैंची और लोहे की रॉड से हमला किया। प्रताप ने फोन करके अपने गांव से 15-20 लड़के बुला लिए और उसे कमरे में बंद करके पीटा गया। इसकी जानकारी जब परिजन और पुलिस को दी तो उन्होंने बचाया। मारपीट में 700 रुपये और चेन भी वार्ड में गिर गई। मारपीट के बाद हॉस्पिटल संचालक डॉ.ललित वार्ष्णेय आए और जान से मारने की धमकी तथा फर्जी मुकदमा में फंसाने की धमकी दी।
पुलिस ने दोनों पक्षों की तहरीर पर मामले की जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी आनंद कुमार शाही ने बताया कि दोनों पक्षों से तहरीर प्राप्त हो गई है। मामले की जांच की जा रही है। हॉस्पिटल के सीसीटीवी कैमरे की अन्य फुटेज देखने के बाद मामला स्पष्ट होगा।
विधायक राजेश चौधरी ने बताया कि ‘मेरी मां डीएस हॉस्पिटल में भर्ती है। रविवार की सुबह जसवंत और फौजी मेरी मां को चाय पिलाने गए थे। इस दौरान जसवंत ने फोटो खींचा तो इसका विरोध स्टाफ ने किया। जसवंत ने फोटो खींचने के लिए माफी मांगी, लेकिन प्रताप ने अपने गांव से लड़के बुलाए और दोनों को कमरे में बंद करके मारपीट की।’
आईएमए अध्यक्ष डॉ. मनोज गुप्ता का कहना है कि इंडियन मेडिकल एसोसिएशन डीएस हॉस्पिटल के संचालक डॉ. ललित वार्ष्णेय के साथ है। जैसे ही विधायक के परिजनों द्वारा मारपीट की सूचना मिली तो सभी थाने पहुंचे और तहरीर दी। इस तरह किसी भी हॉस्पिटल में जनप्रतिनिधियों के परिजनों द्वारा मारपीट और तोड़फोड़ शोभा नहीं देती है।




