(मुकेश सेठ)
(मुंबई)
√ इस अधिनियम के बाद अब वक़्फ़ बोर्ड मनमाने ढंग से किसी भी सम्पत्ति को वक्फ़ की संपत्ति नही कर पायेगा घोषित बताया केंद्रीय मंत्री ने
√ केंद्रीय अल्पसंख्यक कल्याण एवं संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में किया दावा
वक्फ (संशोधन) अधिनियम 2025 का मूल उद्देश्य ग़रीब , जरूरतमंद मुसलमानों को न्याय दिलाने और साथ ही पिछले कानून की खामियों को दूर करके वक्फ बोर्ड की दक्षता बढ़ाना है।
उक्त दावा केंद्रीय अल्पसंख्यक एवं संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने आज मंगलवार को मुम्बई में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान किया।
उन्होंने आगे कहा कि यह कानून ‘वक्फ संपत्तियों’ के विनियमन और प्रबंधन में आने वाली समस्याओं और चुनौतियों के समाधान के लिए बनाया गया है और यह कानून किसी के अधिकारों का हनन नहीं करेगा। केंद्रीय मंत्री ने आश्वासन दिया कि सभी गरीब और जरूरतमंद मुसलमानों को न्याय मिलेगा।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पंजीकृत वक्फ संपत्तियों या अधिसूचना के माध्यम से घोषित वक्फ संपत्तियों को नहीं छुआ जाएगा।
रिजिजू ने बताया कि मैं उन लोगों को याद दिलाना चाहूंगा जो वक्फ बोर्ड में गैर-मुस्लिम सदस्यों को शामिल करने की आलोचना करते हैं उन्हें यह याद रखना चाहिए कि अखिलेश यादव की सरकार के दौरान प्रयागराज में कुंभ मेला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष कैबिनेट मंत्री आजम खान एक मुसलमान थे।

मंत्री ने साफ़ किया कि वक्फ (संशोधन) अधिनियम 2025 के बाद अब वक्फ बोर्ड मनमाने ढंग से किसी भी संपत्ति को वक्फ घोषित नहीं कर पायेगा, यह कानून पूरे गांवों को ‘वक्फ’ घोषित करने जैसी कुप्रथाओं को रोकेगा। इस कानून का गरीब मुस्लिम भाइयों और समूहों ने भारी समर्थन किया है।
उन्होंने बताया कि पसमांदा, बोहरा और अहमदिया जैसे मुस्लिम समुदायों ने इस कानून को पारित करने के लिए प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया है, इस समुदाय की मुख्य मांगों को इस कानून में शामिल किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष द्वारा तुष्टिकरण की राजनीति के लिए फैलाई जा रही अफवाहों में कोई सच्चाई नहीं है कि यह कानून मुसलमानों के धार्मिक मामलों में कोई हस्तक्षेप नही करता।
अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री ने बताया कि निजी संपत्तियों को ‘वक्फ संपत्ति’ घोषित करने के लिए वक्फ अधिनियम की धारा 40 का व्यापक रूप से दुरुपयोग किया जा रहा था। अब वक्फ संपत्ति का निष्पक्ष और पारदर्शी प्रशासन सुनिश्चित करने के लिए वक्फ अधिनियम की धारा 40 को निरस्त किया गया है।
उन्होंने कहा कि नियमों के अनुसार अब मुतवल्लियों को छह महीने के भीतर अपनी संपत्ति की जानकारी केंद्रीय पोर्टल पर दर्ज करानी होगी। यह पोर्टल पंजीकरण, लेखा परीक्षा, मुकदमेबाजी सहित ‘वक्फ परिसंपत्तियों’ के प्रबंधन को स्वचालित करेगा, जिससे प्रणाली में पारदर्शिता आएगीऔर किसी भी प्रकार के विवाद का समाधान जिला कलेक्टर द्वारा किया जाएगा, जो राज्य को रिपोर्ट करेगा।
पीएस कांफ्रेंस के दौरान बीजेपी प्रदेश महासचिव मेधा कुलकर्णी, प्रदेश मुख्य प्रवक्ता केशव उपाध्याय, बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष इदरीस मुल्तानी आदि बीजेपी नेता उपस्थित थे।




