(विक्रम सिंह करणोंत)
(जयपुर)
आज दसवें दिन हनुमानगढ़ व बारां जिला इकाई केवी पत्रकार संभालें हुए हैं धरने की जिम्मेदारी
भ्रष्टाचार के विरुद्ध पत्रकार की बुलन्द आवाज को खामोश करने के लिए प्रशासन की आड़ में पत्रकार की आजीविका पर बुलडोजर और झूठे मुकदमों के विरोध में पत्रकारों का आक्रोश प्रशासन और शासन के विरुद्ध धरने पर बैठकर जताया जा रहा है।
आज दसवें दिन भी जयपुर के शहीद स्मारक पर आईएफडब्ल्यूजे संगठन द्वारा वरिष्ठ पत्रकार उपेन्द्र सिंह राठौड़ के स्वाद रेस्टोरेंट को जिला प्रशासन द्वारा तोड़ने के विरोध में धरने पर बैठकर किया जा रहा है।
भारी बुंदाबांदी, उमस भरे मौसम और मच्छरों के बीच आज धरने की जिम्मेदारी हनुमानगढ़ व बारां इकाई द्वारा संयुक्त रूप से संभाली जा रही है।
संगठन का कहना है कि सत्ता मात्र कब्जे का नाम नहीं बल्कि भरोसे का प्रतीक है और बुरे वक्त में ही सरकार की पहचान होती है। एक बार छवि बिगड़ गई तो उसे कोई नहीं सुधार पाएगा। अतः सत्ता को अपनी हठधर्मिता छोड़कर पत्रकारों से समय रहते बात करनी चाहिए।
साथ ही विपक्ष को अपनी गहरी नींद से जागकर अपने कर्तव्य को निभाने के लिए धरना स्थल पर पत्रकारों के बीच आना चाहिए।
पत्रकार अपनी मांग और राज्य सरकार अपने अहंकार को लेकर अड़ी हुई है।
यदि इस बार राजस्थान प्रदेश के पत्रकारों ने भी छोटा-बड़ा,तेरा मेरा का भाव छोड़कर एकजुट होने का प्रयास नहीं किया तो यह सत्ता के मद की जीत और पत्रकारिता के सम्मान व पत्रकारों के स्वाभिमान की हार होगी।




