(राजेश बैरागी)
(गौतम बुद्ध नगर)
नोएडा में अचानक उत्पन्न हुई श्रमिक अशांति ने ऐतिहासिक बनने वाले एक अवसर की बलि ले ली। यह अवसर होता कल 17 अप्रैल को स्थापना के पचास वर्ष पूरे होने पर नोएडा प्राधिकरण का अपने नए अत्याधुनिक भवन में स्थानांतरित होने का। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आने का कार्यक्रम भी लगभग तय हो चुका था। उत्तर प्रदेश के पहले औद्योगिक विकास प्राधिकरण के तौर पर नोएडा ने राज्य और देश का बहुत मान बढ़ाया है। यह उत्तर प्रदेश के मुकुट जैसा है।इसे राज्य की आर्थिक राजधानी भी कहा जाता है। पिछले छियालीस वर्षों से यह सेक्टर छः स्थित भवन में संचालित है। पिछले पंद्रह वर्षों से इसके लिए सेक्टर 96 में एक विशाल और स्थाई कार्यालय भवन बनाया जा रहा है जो अब बनकर तैयार हो चुका है। प्राधिकरण ने पचास वर्ष पूरे होने और इक्यावनवें स्थापना दिवस पर इस कार्यालय भवन के उद्घाटन की तैयारियां की थीं। सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ के हाथों इसे लोकार्पित कराने की योजना बनाई गई।इसी बीच 10 फरवरी से वेतन वृद्धि को लेकर शहर की औद्योगिक इकाइयों में श्रमिकों का आंदोलन शुरू हो गया जो 13 फरवरी को आगजनी,तोड़फोड़ के साथ हिंसक वारदातों में बदल गया। स्थानीय स्तर पर पुलिस प्रशासन की विफलता के चलते यहां से लखनऊ तक हड़कंप मच गया। शासन की उच्चाधिकार प्राप्त समिति ने यहां आकर डेरा डाल लिया। फिलहाल शांति बनी हुई है और औद्योगिक इकाइयों में कामकाज पुराने ढर्रे पर लौट रहा है परंतु प्राधिकरण और इस शहर के पचास वर्ष पूरे होने पर आयोजित होने वाला ऐतिहासिक कार्यक्रम अब नहीं होगा। हालांकि आगामी 24 अप्रैल को पच्चीस वर्ष पूरे होने पर यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) अपना रजत जयंती समारोह आयोजित करने की तैयारियों में जुटा हुआ है। मुख्य कार्यपालक अधिकारी राकेश कुमार सिंह ने बताया कि रजत जयंती समारोह की तैयारियां चल रही हैं। उन्होंने संकेत दिया कि उसी समारोह में नोएडा प्राधिकरण के पचास वर्ष पूरे होने और प्राधिकरण के नवनिर्मित कार्यालय भवन के उद्घाटन का समारोह भी किया जा सकता है।




