(आलोक तिवारी)
(मथुरा)
प्रशासनिक लापरवाही के चलते ट्रांसमिशन टावर लाइन के नीचे विकसित हो रही हैं अवैध कॉलोनी
भू-माफियाओं द्वारा PGCIL-UPPTCL के नियमों को दरकिनार कर भोले-भाले लोगों को बेचे जा रहे हैं आवासीय प्लॉट
संवाददाता आलोक तिवारी
मथुरा जनपद के गौकुल स्थित 220 केवी विद्युत स्टेशन के पीछे हाईटेंशन ट्रांसमिशन टावर लाइनों के ठीक नीचे अवैध रूप से कॉलोनी विकसित किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। यहां भू-माफियाओं द्वारा बिना किसी अनुमति, बिना ले-आउट स्वीकृति और बिना विद्युत विभाग की एनओसी के सुनियोजित तरीके से प्लॉट काटकर भोले-भाले लोगों को बेचे जा रहे हैं।
जानकारों के अनुसार, PGCIL, UPPTCL और केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA) के तकनीकी नियमों के तहत 220 केवी ट्रांसमिशन लाइनों के नीचे एवं उनके राइट ऑफ वे (ROW) क्षेत्र में किसी भी प्रकार का आवासीय निर्माण पूर्णतः प्रतिबंधित है। इसके बावजूद यहां टावरों और कंडक्टरों के बिल्कुल नीचे जमीन की खरीद-फरोख्त की जा रही है। जिस मकान निर्माण हो रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि हाईटेंशन लाइनों के नीचे बसावट होने से करंट लीकेज, फ्लैशओवर, आर्किंग और टावर फेल्योर जैसी घटनाओं का खतरा बना रहता है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा सामने आ सकता है। यह न केवल विद्युत सुरक्षा नियमों का उल्लंघन है, बल्कि भारतीय विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 53 और 68 के तहत दंडनीय अपराध भी है।
स्थानीय लोगों द्वारा इस मामले को जिला प्रशासन, UPPTCL और PGCIL द्वारा संज्ञान में लेकर तत्काल निर्माण पर रोक, तकनीकी जांच और भूमंफ़ियाओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग उठाई है। अब देखने वाली बात यह होंगी की लगातार भू माफिया के खिलाफ चलने वाला बुलडोजर गरजता या शांत रहेगा
इनसेट:
हाईटेंशन 220 KV ट्रांसमिशन लाइनों के नीचे निर्माण पर नियम क्या कहते हैं?
केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA) के नियम:-
CEA (Measures relating to Safety and Electric Supply Regulations) के अनुसार—
220 केवी विद्युत हाईटेंशन टावर लाइन के नीचे किसी भी प्रकार का आवासीय, व्यावसायिक या स्थायी निर्माण पूर्णतः प्रतिबंधित है।
लाइन के दोनों ओर एक सुरक्षा गलियारा (Right of Way – ROW) निर्धारित होता है।
220 केवी लाइन के लिए यह ROW सामान्यतः 30 से 35 मीटर (दोनों ओर मिलाकर) होता है।
इस क्षेत्र में
मकान
प्लॉटिंग
कॉलोनी
चारदीवारी
स्कूल, दुकान, फैक्ट्री
किसी की भी अनुमति नहीं है।
PGCIL (पावर ग्रिड) के तकनीकी मानक:-
पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के अनुसार—
ट्रांसमिशन टावर और तारों के नीचे की भूमि केवल कृषि या खुले उपयोग के लिए होती है।
बिना PGCIL की लिखित अनापत्ति प्रमाण-पत्र (NOC) के
कोई भी निर्माण अवैध और खतरनाक घोषित है।
ROW क्षेत्र में किया गया निर्माण
तुरंत हटाए जाने योग्य अतिक्रमण की श्रेणी में आता है।




