(मुकेश सेठ)
(मुम्बई)
गौतम बुद्ध नगर में दलित शोषण मुक्ति मंच के कार्यकर्ताओं ने जेजे कॉलोनी सेक्टर- 10 नोएडा पर संत रविदास जयंती धूमधाम से मनाई गई।
इस अवसर पर मुख्य वक्ता सीटू जिला सचिव कामरेड गंगेश्वर दत्त शर्मा ने उनके जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संत रविदास महान संत दार्शनिक कवि और समाज सुधारक थे उनकी गिनती भारत के सबसे सम्मानित समाज सुधारकों में होती है। उन्होंने जातिगत समानता प्रेम की शिक्षा को बढ़ावा दिया।
उन्होंने आगे कहा कि आज जब देश में जातिवाद, धर्म मजहब, हिंदू मुसलमान के नाम पर लोगों को बांटने की कोशिशें हो रही है ऐसे समय में संत रविदास जी के विचारों की प्रासंगिकता और भी बढ़ जाती है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए दलित शोषण मुक्ति मंच के सचिव कामरेड धर्मेंद्र कुमार गौतम ने कहा कि संत रविदास (रैदास) १४-१५वीं शताब्दी में काशी (वाराणसी) में जन्म लिया। एक चर्मकार परिवार में जन्म लेने के बावजूद, उन्होंने अपनी निर्गुण भक्ति, ‘मन चंगा तो कठौती में गंगा’ के संदेश, और जाति-पाति मुक्त समाज की स्थापना के माध्यम से समाज को नई दिशा दी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए दलित शोषण मुक्ति मंच के नेता कामरेड भीखू प्रसाद ने कहा कि संत रविदास ने अपनी रचनाओं के माध्यम से सामाजिक बुराइयों को दूर करने एवं समाज को एकता का संदेश दिया। साथ ही उन्होंने केंद्र/ प्रदेश सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों पर बोलते हुए 12 फरवरी 2026 को ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर होने वाली देशव्यापी हड़ताल में लोगों से बढ़-चढ़कर शामिल होने की अपील किया।
कार्यक्रम में दलित शोषण मंच के कार्यकर्ता दुर्गाराम, हरकिशन सिंह, ईरानी, बलराम आदि लोग उपस्थित रहे।




