(मुकेश सेठ)
(मुम्बई)
अपने 555 साथियों के साथ आत्मसमर्पण करने वाले पंचम सिंह को भारतीय होने का देना होगा सबूत
चंबल के विख्यात पूर्व दस्यु सम्राट पंचम सिंह को वार्ड नंबर 1 के बी एल ओ द्वारा पंचम सिंह एवं उनके दोनों बेटे के नाम से तीन नोटिस थमाये गये हैं और लहार तहसील में पेश होकर अपने मुल निवासी होने का प्रमाण पेश करने के लिए उनसे कहा गया है।
यहां बता दें कि पंचम सिंह चौहान लहार विधानसभा के ग्राम अचलपुरा सिंहपुरा के मुल निवासी हैं जो गांव में पंचायत चुनाव के विवाद के चलते सन 1960 में चंबल के बीहड़ों में उतर कर कुख्यात डकैत बन गए थे। पंचमसिंह चौहान पर 100 हत्याओं के आरोप लगे थे, सन 1972 में उन्होंने अपने 555 साथियों के साथ महात्मा गांधी सेवा आश्रम जौरा जिला मुरैना में तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रकाश चंद्र शेटी,के समक्ष आत्मसमर्पण किया था। प्रदेश सरकार ने उन्हें लहार नगर में दस्यु पुनर्वास योजना के तहत वार्ड नंबर 1,पशु अस्पताल के सामने मेंन रोड किनारे सन 1979 में दस वीघा जमीन भी दी थी,उक्त जमीन में ही आवास वना कर पंचम सिंह और उनका परिवार वर्तमान में निवास करता है पंचम सिंह चौहान और उनके दोनों बेटे संतोष सिंह एवं देवेंद्र सिंह वार्ड नंबर 1 लहार के वोटर हैं अब ऐसा क्या कारण रहा की उनसे भारतीय होने एवं मूल निवासी होने का सबूत मांगा जा रहा है कहीं यह पंचम सिंह और उनके दोनों बेटों के वोट काटने की सुनियोजित साजिश तो नहीं है।
पंचम सिंह चौहान के बेटे संतोष सिंह चौहान ने बताया कि मुझे तीन नोटिस क्यों थमाये गए इसका कोई प्रमाणिक कारण बीएलओ द्वारा नहीं बताया गया है।
कुल मिलाकर पूर्व दस्यु सम्राट पंचम सिंह को बीएलओ द्वारा नोटिस मिलने की चर्चा लोगों के बीच जमकर हो रही है।




