(आलोक तिवारी)
(मथुरा)
एवरग्रीन, देवांश एसोसिएट और अमृत इंटरप्राइजेज कम्पनी के थे बिल सदर बाजार थाना में केस दर्ज़
बिलों के सत्यापन में जिला सूचना अधिकारी के हस्ताक्षर पाएं गए हैं फर्जी: प्रशांत कुमार सुचारी
सूचना विभाग में बड़े फर्जी वाड़ा का खुलासा हुआ है। इसमें शामिल आउट सोर्स कार्मिक के विरूद्ध थाना सदर बाजार में एफआईआर दर्ज कराई गई है। प्रकरण में लाखों के बिलों का सत्यापन प्रमाण पत्र सूचना अधिकारी के फर्जी हस्ताक्षर कर जारी कर दिए थे। इसका खुलासा लखनऊ सूचना विभाग के सत्यापन कराए जाने पर उजागर हो सका है।
जिला सूचना अधिकारी प्रशांत कुमार सुचारी के अनुसार जनपद में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल एवं जनपद के अन्य कार्यक्रमों जैसे श्री कृष्ण जन्माष्टमी, बरसाना की होली रंगोत्सव, ब्रज रंज उत्सव के प्रचार प्रसार की एजेंसियों को दिए जाते हैं। यह कार्य लखनऊ स्थित सूचना निदेशालय द्वारा संपादित किया जाता है, जिससे कि कार्यक्रमों को होर्डिंग्स, एलईडी आदि द्वारा प्रसारित किया जा सके। कार्य समाप्ति के बाद बिलों के सत्यापन के लिए संबंधित जनपद में भेजा जाता है। ऐसा ही मथुरा के बिलों के सत्यापन में जिला सूचना अधिकारी के हस्ताक्षर फर्जी पाए गए।
सूचना अधिकारी के अनुसार दिनांक 3 फरवरी को आउट सोर्स कार्मिक नारायन सिंह पुत्र स्वर्गीय भीम सिंह सूचना कार्यालय द्वारा स्वयं किए जाना स्वीकार किया। उन्होंने बताया कि इसकी सूचना जिलाधिकारी को दी गई। जिलाधिकारी के अनुमोदनोपरांत आउट सोर्स कार्मिक नारायन सिंह के खिलाफ थाना सदर बाजार में बीएनएस की धारा 318(4) 338, 336(3) एवं 340(2) में दर्ज किया गया है। पुलिस जांच कर रही है। एफआईआर में तीन फर्म ऐवरग्रीन, देवांश एसोसिएट एवं अमृत इंटरप्राइजेज के बिल शामिल थे।




