(मुकेश सेठ)
(मुम्बई)
UP33BU9621 रजिस्ट्रेशन नम्बर वाली बुलेट का 18 महीने पहले बगैर हेलमेट पहने रांग साइड ड्राइविंग में चालान होकर केस कोर्ट में है पेंडिंग
एक अन्य सिपाही ने टीवीएस अपाचे बाइक लेने के बाद आगे पीछे सिक्योरिटी नम्बर प्लेट न लगवाकर बाइक पर लिखवा दिए पुलिस तो हो गया काम
जब क़ानून का पालन करवाने वाले खाकी वर्दी धारी ख़ुद ही जनता के सामने क़ानून का मज़ाक बनाए तो बस यही कहा जा सकता है कि हमही राइट,भौकाल बा टाइट।

उत्तर प्रदेश के जौनपुर सदर कोतवाली अंतर्गत सरायपोख्ता पुलिस क्षेत्र में पॉलिटेक्निक पुलिस बूथ पर काफ़ी दिनों से देखने में आ रहा है कि एक पुलिस कर्मी की रॉयल इनफील्ड बुलेट जिस पर आगे सिक्योरिटी नंबर प्लेट पर पूरा रजिस्ट्रेशन नम्बर है किन्तु पीछे की तरफ़ सिक्योरिटी नंबर प्लेट की जगह लगे सादे नंबर प्लेट पर पूरा रजिस्ट्रेशन नम्बर अंकित नहीं और वह आधा अधूरा है।
जो कि बेहद हास्यास्पद है कि एक तरफ़ पुलिस प्रशासन और यातायात विभाग सामान्य बाइक सवारों के ऊपर सिक्योरिटी नंबर प्लेट पर, बगैर हेलमेट, इंश्योरेंस और पॉल्यूशन पेपर न रहने पर भारी भरकम ऑनलाइन जुर्माना ठोक दिया जाता है तो वहीं पर उक्त पुलिस कर्मी की बुलेट का न तो इंश्योरेंस है न ही पॉल्यूशन पेपर और तो और इन महाशय को गलत दिशा में बगैर हेलमेट पहने बुलेट चलाते हुए कुछ साल पूर्व चालान भी हो चुका है।
मगर सबका चालान काटने वाले वर्दी धारी और ट्रैफिक पुलिस का हो सकता हो इतनी सारी एमवी एक्ट का उल्लंघन न दिखता हो या फिर घर की बात मान, दी गई हो खुल्ला छूट।

परिवहन विभाग के रिकार्ड के अनुसार रायबरेली जिले से खरीदी गई UP 33 BU 9621 रॉयल इनफील्ड बुलेट का चालान 14 नवम्बर 2024 को बगैर हेलमेट पहने गलत दिशा में गाड़ी चलाने के अपराध में चालान संख्या UP1016241114123938 में किया गया है। एमवी एक्ट का उल्लंघन करने का यह मामला अदालत में लंबित है क्योंकि नियम तोड़ने वाले दोषी वाहन चालक ने 18 महीना बाद भी अदालत में जुर्माना नहीं भरा है।
वहीं बुलेट धारी पुलिसकर्मी से एक क़दम और आगे जाकर दूसरे पुलिसकर्मी ने टीवीएस कंपनी की बाइक ली है किन्तु सिक्योरिटी नंबर प्लेट न तो आगे लगा है और न ही पीछे लगवाये है ।
अपितु पुलिस लिखवा कर समाज में यह संदेश जरूर दे रहे हैं कि हम सबको चेक करें, चालान करें , तगड़ी पेनाल्टी ठोकें किन्तु हम पुलिस है तो मेरी मर्ज़ी चाहे मैं जो करूं।

कुल मिलाकर पुलिस अधीक्षक को निश्चित रूप से नजरें इनायत इन गैर जिम्मेदाराना कृत्य करने वाले कतिपय वर्दी धारियों पर करनी चाहिए और एक सख्त संदेश कार्यवाही के जरिए जनपद वासियों सहित शासन में जाना चाहिए कि कोई भी हो, नियम क़ानून से ऊपर कोई भी नहीं है और कायदे क़ानून का उल्लंघन करने पर बख्शा नहीं जाएगा।




