(मुकेश सेठ)
(मुम्बई)
शक्ति सिल्वर फर्म से जेवर चोरी के मामले में एक आरोपी 41 किलों जेवर के साथ प्रदीप प्रजापति गिरफ्तार बरामद दूसरे आरोपियों की तलाश जारी
गुजरात राज्य के औद्योगिक शहर राजकोट के पंचक नगर इलाके में स्थित “शक्ति सिल्वर” नाम की एक चांदी की फर्म में 3 फरवरी से 4 फरवरी 2026 के बीच 120 kg से अधिक चांदी के गहनों की चोरी का मामला सामने आया है।इस मामले में राजकोट शहर के बी-डिवीजन पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया गया था।केस दर्ज करने के बाद, चोरी की घटना की जांच अहमदाबाद शहर क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई थी।तकनीक की मदद से क्राइम ब्रांच ने कुछ ही दिनों में इस मामले को सुलझा लिया और प्रदीप चंपालाल प्रजापति नाम के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के पास से 40 किलो 738 ग्राम चांदी के गहने जब्त किए गए हैं।

पुलिस के मुताबिक, जांच में पता चला है कि प्रदीप प्रजापति का मामा मुकेश रामाराम प्रजापति, जो मूल रूप से राजस्थान के सिरोही जिले का रहने वाला है, इस चोरी का मुख्य आरोपी है।मुकेश वर्तमान में गुजरात के वडोदरा के तरसाली इलाके में रहता है। मुकेश पहले भी चोरी की घटनाओं को अंजाम दे चुका है और अहमदाबाद में तीन बार पकड़ा जा चुका है।
पुलिस जांच के मुताबिक, मुकेश ने शक्ति सिल्वर फर्म से चुराई गई करीब 40 किलोग्राम चांदी की ज्वेलरी प्रदीप प्रजापति को खपाने के लिए दी थी,यह भी पता चला है कि यह चांदी अलग-अलग ज्वेलरी के रूप में थी।
अहमदाबाद सिटी क्राइम ब्रांच के एसीपी भरत पटेल ने बताया कि राजकोट शहर बी-डिवीजन इलाके में हुई चांदी की बड़ी चोरी के मामले में क्राइम ब्रांच ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी प्रदीप प्रजापति को 40 किलो 738 ग्राम चांदी की ज्वेलरी के साथ गिरफ्तार कर लिया. जांच में पता चला है कि चोरी की गई चांदी अहमदाबाद शहर के बुलियन व्यापारियों तक पहुंच गई है।क्राइम ब्रांच की अलग-अलग टीमों को चोरी की गई शेष चांदी को बरामद करने और क्राइम में शामिल दूसरे आरोपियों को पकड़ने के लिए लगाया गया है।
पुलिस ने अहमदाबाद शहर के बुलियन व्यापारियों की भूमिका, खरीद चेन और फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन की जांच तेज कर दी है।
पुलिस अधिकारी ने कहा कि फिलहाल, आरोपियों से आगे की पूछताछ चल रही है। आरोपियों और चोरी की चांदी को आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई के लिए राजकोट बी-डिवीजन पुलिस स्टेशन को सौंपने का प्लान बनाया गया है। क्राइम ब्रांच ने फरार आरोपी मुकेश रामाराम प्रजापति को पकड़ने की कोशिशें भी शुरू कर दी हैं।




