(मुकेश सेठ)
(मुम्बई)
इतनी बड़ी तेजी की वजह से मार्केट में कोई लिवाली ही नहीं निकल रही तो उधर बड़े बड़े व्यापारी हो रहे हैं बर्बाद
जिस तरह से सोने और चांदी के रेट तूफानी तेज़ी से बढ़ रहे हैं उससे पूरे मार्केट में हाहाकार मच गया है और लगातार बड़ी – बड़ी पार्टियां के दिवालिया होने की खबरें आ रही है।
अभी इंदौर की एक पार्टी 1800 करोड़ में दिवालिया होने की खबर ने पूरे बाजार को हिलाकर रख दिया है उसके बैंक डिफाल्टर होने की भी खबरें आ रही है।
कई थोक व्यापारी इस बेहिसाब बढ़ोत्तरी की वजह से तनाव में अक्टूबर आत्महत्या तक कर चुकी हैं क्योंकि वह पहले के भाव में मार्केट से माल उठाकर बेच चुके थे किन्तु पेमेंट उनको नए भाव के अनुसार करना था जिसके चलती वह बर्बाद होने के कगार पर जा पहुंचे थे।
इसके साथ – साथ राजकोट, सूरत, अहमदाबाद, मुंबई, कोलकाता, जयपुर, दिल्ली और हैदराबाद जैसे शहरों से भी बड़ी बड़ी पार्टियों के जबरदस्त नुकसान के समाचार मिल रहे हैं।
अभी आगरा में भी एक सोना और चांदी के एजेंट के भी 200 किलो चांदी और सोना लेकर भागने की घटना ने भी ज्वैलरों के होश उड़ा कर दिए है।
इसके अतिरिक्त अभी तो ये शुरुआत है अभी तो इस लिस्ट में इतने नाम आने की संभावना है कि कोई सोच भी नहीं सकता है। इतनी बढ़ी हुए भावों में ज्वैलरी लेने के लिए आम आदमी कल्पना भी नहीं कर सकता जिससे ज्वैलरी मार्केट में सन्नाटा पसरा हुआ है।
एक मोटे अनुमान के अनुसार भारत में सोने और चांदी की सट्टेबाजी में 15 लाख करोड़ से ज्यादा रुपयों का नुकसान होने का अनुमान लगाया जा रहा है। इस वजह से आने वाले समय में बहुत बड़े – बड़े नाम सामने आ सकते हैं।
एक मजे की बात ओर है कि दूसरे व्यापार करने वाले व्यापारी भाईयों ने भी अपने व्यवसाय से रुपया निकाल कर सोना और चांदी में रुपए लगा दिए, जिससे पूरे मार्केट में पेमेंट का चक्का जाम हो गया। सभी तरह के व्यापार पर असर पड़ने के चक्कर में मार्केट में मंदी का काला बादल छा गया। इस वजह से कपड़ा मार्केट में भी जबरदस्त असर पड़ा है और मार्केट में ना पेमेंट आ रहा है और ना ही व्यापारी माल लेने के लिए निकल रहा है, रिटेल भी एकदम कमजोर है। रिटेलर्स के भारी खर्चे जैसे कि किराया, स्टाफ की सैलेरी, ब्याज और स्टॉक से व्यापारी परेशान है, अभी के माहौल को देखते हुए दूकानों का खर्चा निकालना भी व्यापारियों के लिए मुश्किल हो रहा है।
शादियों की इतनी बड़ी सीजन होने पर भी मार्केट में ग्राहकी का नहीं निकलना सभी व्यापारियों को चिंतित भी कर रहा है, साथ ही साथ आने वाले समय का व्याख्यान भी कर रहा है। जब तक पुराना पेमेंट नहीं आएगा, तब तक नया माल लेने व्यापारी कैसे आएगा और वो पेमेंट सोना और चांदी के साथ – साथ प्रोपर्टी में लग गया। अभी देखा जाए तो किसी तरह के कोई भी लाइन में व्यापार ही नहीं है। सभी जगह मंदी का आलम है। फाइनेंस मार्केट चौपट हो गया है, इधर शेयर मार्केट भी लगातार टूट रहे हैं, इसका असर भी बाजार में देखने को मिल रहा है।
माना जा रहा है कि एक तरफ़ जहां अमेरिकी ट्रंप सरकार की कई देशों के प्रति आक्रामक रुख भी इसकी वजह बनी है तो वहीं चीन के जरिए भारी मात्रा में चांदी और सोने की खरीदारी बड़ी वजह है भाव के बेहिसाब भागने के।




