लेखक -सुभाषचंद्र
आजकल कांग्रेस का हर कोई नेता कह रहा है कि भारत में बांग्लादेश हो जाएगा, ऐसे लोगों को फिर भी कहते शर्म नहीं आती कि मोदी तानाशाह है और उसने बोलने की आज़ादी ख़त्म कर दी है।
इतना बोलने की इज़ाज़त कोई तानाशाह दे सकता है क्या, ऐसे लोगों को सरकार को चाहिये कि NSA या UAPA में केस दर्ज कर जेल की सलाखों में बंद कर देना चाहिए क्योंकि यह देश में गृहयुद्ध कराने के लिए आग लगाने की साजिश की तरह से है।
कर्नाटक कांग्रेस के MLC Ivan D’Souza ने धमकी दी है कि राष्ट्रपति ने राज्यपाल थावरचंद गहलोत को नहीं हटाया तो उन्हें बांग्लादेश की PM शेख हसीना की तरह खदेड़ देंगे। Ivan D’Souza ने राज्यपाल को Thief और Fraud कहा और धमकी दी कि कांग्रेस के कार्यकर्ता राजभवन में घुस जाएंगे और गवर्नर गहलोत को शेख हसीना की तरह निकाल देंगे यदि उन्होंने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के खिलाफ मुकदमा चलाने के आदेश वापस नहीं लिए तो।
मालूम हो कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के उपर आरोप है कि उनकी सरकार ने MUDA स्कीम के तहत उनकी पत्नी को अरबों रुपये की बेशकीमती जमीन दी है जिसके चलते राज्यपाल ने मुख्यमंत्री के विरुद्ध केस दर्ज करने की इजाज़त दी है।
ऐसे में कांग्रेस राज्य भर में राज्यपाल के द्वारा सिद्धारमैया के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति दिए जाने के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रही है।
सवाल यह उठता है कि अगर कांग्रेस को बांग्लादेश जैसी अराजकता फैला कर सिद्धारमैया के मामले का फैसला करना है तो फिर सिद्धारमैया हाई कोर्ट क्यों गए। इसका मतलब है सिद्धारमैया को न्यायपालिका पर विश्वास नहीं है और अपने अराजक कार्यकर्ताओं को सड़कों पर उतार कर काम कराना चाहते हैं और इसके पीछे जाहिर है राहुल गांधी की स्वीकृति होगी क्योंकि वह पार्टी के नेताओं की ऐसी धमकियों पर खामोश है।
वह तो पहले ही कह चुके हैं कि देश भर में केरोसिन बिखरा हुआ है, बस एक तिल्ली लगाने की जरूरत है और तिल्ली ऐसे ही लगा दी जाएगी।
राहुल गांधी ने जोर लगा लिया चुनावों के जरिए सत्ता में आने के लिए लेकिन सफल नहीं हुए।
अब जबकि लोकसभा में नेता विपक्ष जैसे संवैधानिक पद पर होने के बाद भी वह अराजकता का लोकतंत्र चाहते हैं जिससे सत्ता मिल सके।
इसके पहले भी वह अपने विदेशी दौरे के दौरान “भारतीय लोकतंत्र को बचाने की गुहार” अमेरिका एवं यूरोपीय देशों से लगा रहे हैं जो कि यह भारत देश के लोकतंत्र की महानता को राहुल गाँधी द्वारा विदेश में धज्जियां उड़ाने और अपमानित करने के समान है।
ये अराजकता फैलाने की मंशा केवल एक राज्यपाल द्वारा एक मुख्यमंत्री के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी देने पर है तो फिर यदि राहुल गांधी को उस पर चल रहे कई मुकदमों में किसी में जेल हो गई, तब तो कांग्रेस देश को आग ही लगा देगी?
बांग्लादेश के हिंदुओं पर हो रही बर्बरता को ध्यान में रख कर और कांग्रेस एवं समूचे विपक्ष की ख़ामोशी देख कर समझ लेना चाहिए कि जो लोग भारत में बांग्लादेश करना चाहते हैं वो केवल प्रधामंत्री का सत्ता पलट नहीं करना चाहते बल्कि वो हिंदुओं की भी भारत में वही दुर्दशा करना चाहते हैं जो बांग्लादेश में हो रही है।
(लेखक उच्चतम न्यायालय में वरिष्ठ अधिवक्ता हैं और यह उनके निजी मत हैं )




