(मुकेश सेठ)
(मुंबई)
राष्ट्रीय महिला आयोग अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी को निष्ठा और समर्पित ढँग से निभायेंगे- विजया रहाटकर
रहाटकर बीजेपी की महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ महाराष्ट्र महिला आयोग की अध्यक्ष पद को भी संभाल चुकी हैं
व्यापक संवैधानिक अधिकार वाली राष्ट्रीय महिला आयोग अध्यक्ष पद पर पहली बार मराठी महिला को लाकर बीजेपी चुनाव में लेना चाहेगी पॉलिटिकल माइलेज
आज केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय महिला आयोग के अध्यक्ष पद पर बीजेपी की राष्ट्रीय सचिव व राजस्थान की संयुक्त सह प्रभारी विजया रहाटकर को नियुक्त किया गया है।
राष्ट्रीय महिला आयोग एक व्यापक संवैधानिक अधिकार वाली संस्था है जो महिलाओं के हितार्थ कार्य करती है और अध्यक्ष को केंद्रीय राज्यमंत्री का दर्जा मिलता है।
नव नियुक्त अध्यक्ष विजया रहाटकर नें अध्यक्ष बनाये जाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार प्रकट करते हुए कहा कि केंद्र सरकार के द्वारा दी गई इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निभाऊँगी।
मालूम हो कि बीजेपी महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष रहते हुए वर्ष 2016 से 2021 तक महाराष्ट्र महिला आयोग की अध्यक्ष पद पर उल्लेखनीय कार्य कर चुकी हैं।
इसलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने उनकी नियुक्ति की है। वह राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष बनने वाली पहली मराठी महिला बन गई हैं और उन्हें केंद्रीय राज्य मंत्री का दर्जा प्राप्त होगा।
संवैधानिक दर्जा प्राप्त राष्ट्रीय महिला आयोग के पास बहुत व्यापक शक्तियां हैं,इसमें मुख्य रूप से महिलाओं की उन्नति के लिए संवैधानिक और कानूनी मुद्दों की समीक्षा करना, संसदीय-विधायी सिफारिशें करना, महिला नीतिगत मुद्दों पर केंद्र और राज्य सरकारों को सलाह देना, महिलाओं के मुद्दों पर शोध करना, उनकी बाधाओं को दूर करने के लिए कार्रवाई करना आदि शामिल है। वर्ष 1992 में एक विशेष कानून के तहत स्थापित इस आयोग के पास सिविल कोर्ट की शक्तियां हैं।
महिला आयोग की अध्यक्ष बनने वाली श्रीमती विजया रहाटकर जमीनी स्तर से शुरुआत कर विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक जिम्मेदारियों के माध्यम से आगे बढ़ती गई। हर जगह सामंजस्य बिठाकर काम करना और अपनी क्षमता के अनुसार जिम्मेदारी निभाने के लिए अपने कौशल का 100% देना विजयताई की खासियत रही है। उनका सफर महाराष्ट्र बीजेपी युवा मोर्चा के उपाध्यक्ष से लेकर बीजेपी महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष और अब बीजेपी के राष्ट्रीय सचिव तक का रहा है। वह लंबे समय तक भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति की सदस्य भी रही हैं।वर्तमान में वह राजस्थान बीजेपी की संयुक्त प्रभारी के तौर पर काम कर रही हैं. राजस्थान विधानसभा में भाजपा की सफलता में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
जब वह भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष थीं, तब उन्हें महाराष्ट्र महिला आयोग (2016 से 2021) के अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया था। महिला आयोग की अध्यक्ष के रूप में जिम्मेदारी दी गई थी। विजयताई ने “सक्षमा”, “प्रज्ज्वला”, “सुहिता” जैसी कई महिला केंद्रित पहल शुरू कीं थी जिसमें”सक्षम” पहल से एसिड अटैक पीड़ितों को राहत,प्रज्ज्वला योजना के माध्यम से लाखों महिलाओं को केंद्र सरकार की योजनाओं से जोड़ा गया। सुहिता योजना के माध्यम से महिलाओं को 24×7 हेल्पलाइन प्रदान की गई। निर्मल वारी योजना के माध्यम से लाखों महिला वर्करों को सुविधाएं प्रदान की गईं। कानूनी सुधारों में महिला-केंद्रित विकास और महिला-नेतृत्व वाले विकास की अवधारणाओं का समर्थन करने के लिए विभिन्न सुधारों का सुझाव दिया गया। इसमें पॉस्को सेल, ट्रिपल तलाक सेल और मानव तस्करी के खिलाफ विशेष सेल का निर्माण शामिल है। विजयताई ने डिजिटल साक्षरता, महिला आयोग आपदा दारी, महिला आयोग पत्रिका “साद” जैसी पहल भी कीं। एक प्रकार से उन्होंने आयोग को ही पुनर्जीवित कर दिया था।
विजया रहाटकर ने वर्ष 2007 से 2010 तक औरंगाबाद और वर्तमान छत्रपति संभाजी नगर की तत्कालीन मेयर के रूप में कार्य करते हुए शहर के चतुर्दिक विकास लिए बहुत कार्य किया। इसमें स्वास्थ्य देखभाल से लेकर बुनियादी ढांचे के विकास तक कई पहलुओं को शामिल किया गया था। साथ ही शहर को अंतरराष्ट्रीय स्तर के सांस्कृतिक केंद्र के रूप में स्वतंत्र पहचान मिली. राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन के माध्यम से शहर के राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। मेयर के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान,श्रीमती रहाटकर नें महाराष्ट्र मेयर काउंसिल की अध्यक्ष और अखिल भारतीय मेयर काउंसिल की उपाध्यक्ष भी थीं। वह वर्तमान में अखिल भारतीय स्थानीय स्वशासन संस्थान की सलाहकार निदेशक भी हैं।
श्रीमती विजया रहाटकर भौतिकी में डिग्री और इतिहास में परास्नातक के साथ कई किताबें लिखी हैं, जिनमें महिलाओं की कानूनी पुस्तक श्रृंखला ‘विधिलिखित’, ‘अग्निशिखा धादु दीया’, ‘औरंगाबाद: लीडिंग टू वाइड रोड्स’, ‘मैजिक ऑफ ब्लू फ्लेम’ का संपादन शामिल है।
महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उनकी उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए उन्हें राष्ट्रीय कानून पुरस्कार के साथ-साथ अखिल भारतीय मराठी साहित्य परिषद के सावित्रीबाई फुले पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया है।
राष्ट्रीय महिला आयोग के अध्यक्ष पद पर मराठी मूल की अध्यक्ष बनाये जाने को लेकर यह भी चर्चा है आगामी कुछेक दिनों में महाराष्ट्र में विधानसभा के चुनाव संपन्न होने हैं और राष्ट्रीय महिला आयोग के अध्यक्ष पद पर श्रीमती विजया रहाटकर को लाकर पॉलिटिकल माइलेज भी लेना चाहेगी भारतीय जनता पार्टी।




