(मुकेश सेठ)
(मुंबई)
√ राष्ट्रपति द्वारा पुरस्कार और सम्मान मिलने से हमें आगे बढ़ने की मिलेगी प्रेरणा- उमाशंकर पाण्डे
√ राष्ट्रीय जल पुरस्कार समारोह में जल योद्धा पद्मश्री उमाशंकर पांडे समेत 6 लोगों को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा मंगलवार को किया जायेगा पुरस्कृत
75 वर्षों में पहली बार राष्ट्रपति से बांदा को मिलेगा राष्ट्रीय जल पुरस्कार। यह पुरस्कार मंगलवार को दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में दिया जायेगा।
जलयोद्धा के रूप में सुविख्यात पद्मश्री उमाशंकर पांडे ने कहा कि नेशनल अवार्ड, जल संरक्षण के सामूहिक, प्रयासों के लिए है,यह राष्ट्रीय पुरस्कार बांदा जिले का है।
उन्होंने बताया कि राज, समाज और सरकार की सामूहिक भागीदारी के लिए तथा परंपरागत और नवीन जल संरक्षण में किए गए प्रयासों से उल्लेखनीय परिणाम स्वरूप 22 अक्टूबर को विज्ञान भवन में राष्ट्रीय पांचवें जल पुरस्कार के अवसर पर यह पुरस्कार जिला बांदा को मिलेगा। श्री पांडे ने कहा कि भारत में कुल 700 से अधिक जिले हैं और यह सम्मान पूरे देश में से चुने गए 6 जिले को मिलेगा,जिनमे से एक बांदा जनपद भी है।
पद्मश्री पाण्डे नें कहा कि व्यक्तिगत पुरस्कार मिलना एक सामान्य बात है और यह व्यक्ति की व्यक्तिगत उपलब्धि है किंतु पूरे जिले को पुरस्कार मिलना यह पूरे जनपद वासियों के लिए बड़ी उपलब्धि और गर्व का विषय है।
मालूम हो कि बचपन से ही उमाशंकर पाण्डे बाँदा में जल संरक्षण के लिए कार्य करना प्रारम्भ कर दिया था।
बेहद गरीब घर से होने के बाद भी प्रकृति प्रेमी पाण्डे नें पानी बचाने के लिए खेत पर मेड़, मेड़ पर पेड़ नारे को लेकर किसानों समेत आमजन को प्रेरित करना शुरू कर दिया।
जो बाँदा और चित्रकूट मण्डल कभी पानी के लिए बूँद बूँद तरसता था और भूख से मौत होने के लिए कुख्यात हो चुका था।
श्री पाण्डे नें जल संरक्षण को जल आंदोलन में बदलते हुए सिर्फ बाँदा जिला ही नही बल्कि चित्रकूट मण्डल की तस्वीर और किस्मत बदल डाली।
जिसके चलते कुछ वर्ष पूर्व तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के द्वारा इनको पद्म श्री पुरस्कार से भी विभूषित किया जा चुका है।
विज्ञान भवन में आयोजित पुरस्कार समारोह में इनके इतर उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव नमामि गंगे,जिलाधिकारी बांदा को भी राजकीय सम्मान के साथ,भारत सरकार जल शक्ति मंत्रालय, ने आमंत्रित किया है।
इस अवसर पर भारत सरकार के जल शक्ति मंत्री, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, देश-विदेश के जल विशेषज्ञ उपस्थित रहेंगे।
प्रेसिडेंट के हाथों से पुरस्कृत होने जा रहे जलयोद्धा श्री पाण्डे नें कहा कि मैं भारत सरकार को, राज्य सरकार को, नेशनल अवार्ड कमेटी के सदस्यों को धन्यवाद देता हूं कि उन्होंने बुंदेलखंड के बांदा जनपद को इस राष्ट्रीय सम्मान के लिए चुना है।
यह एक व्यक्ति का प्रयास नहीं है बल्कि जनपद के लाखों व्यक्तियों का सामूहिक प्रयास है और अभी यह शुरुआत है तथा भारत सरकार की ओर से छोटा सा प्रोत्साहन है।
उन्होंने कहा कि हम सबको राज, समाज, सरकार को आगे और भी प्रयास करने हैं ,यह पुरस्कार हमें आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।
जल संरक्षण की दिशा में हम सब मिलकर बांदा के निवासियों को दुनिया के सामने एक उदाहरण प्रस्तुत करेंगे ऐसा मुझे विश्वास है,यह वही बांदा बुंदेलखंड है जहां कभी मालगाड़ी से पीने का पानी भेजा जाता था।




