(मुकेश सेठ)
(मुंबई)
√ भारत-चीन सहमति से अपनी सेनाओ को पीछे हटा रहीं हैं और अब सीमा प्रबंधन पर होगी चर्चा कहा विदेश मंत्री ने
√ एस जयशंकर नें स्पष्ट किया कि मोदी सरकार-3 में विकसित महाराष्ट्र के संकल्प को पूरा करने पर तेजी से चल रहा कार्य
√ विदेश मंत्री ने जम्मू कश्मीर में हुए चुनाव पर कहा कौन जीता यह महत्वपूर्ण नही बल्कि अनुच्छेद 370 हटने के बाद 60℅ मतदान लोकतंत्र के लिए महत्वपूर्ण है,चुनाव में देश जीता है
भारत आतंकवाद को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है और दुनिया नें देखा है कि हम आतंकवाद की चुनौती का मजबूती से जवाब दे रहे हैं और भारत आतंकवाद के खिलाफ़ लड़ाई का नेतृत्व कर रहा है।
उक्त इरादे विदेश मंत्री एस जयशंकर ने आज रविवार को दादर स्थित बीजेपी कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में जाहिर किया।
उन्होंने आगे कहा कि गत 21 अक्टूबर को भारत चीन की बातचीत मे गस्त पर बनी सहमति से सीमा पर आमने सामने खड़ी दोनों देशों की सेना को पीछे हटाने पर कार्य हो रहा है। अब सीमा प्रबंधन पर भी चर्चा होगी।
एस जयशंकर ने कहा कि विश्व के नेताओं के विश्वास ने भारत की छवि और प्रतिष्ठा को मजबूती दी है और वैश्विक उद्योग जगत भारत में निवेश करने के लिए उत्सुक है और जहां राज्य, केंद्र सरकार मिलकर काम करती हैं, वहां उद्योग स्वाभाविक रूप से पहली पसंद है।
भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर रविवार को मुंबई बीजेपी कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोल रहे थे।
श्री जयशंकर ने कहा कि मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में विकसित महाराष्ट्र के संकल्प को पूरा करने के लिए समर्पित और तेजी से काम चल रहा है और इसके लिए महाराष्ट्र का विकास तेजी से होना चाहिए। आजादी के बाद उद्योग, तकनीक, हवाई अड्डे, रेलवे परिवहन, खुफिया जानकारी, भौगोलिक सुविधाओं में महाराष्ट्र हमेशा अग्रणी रहा है। मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में किए गए कार्यों को महाराष्ट्र की डबल इंजन की सरकार आम लोगों तक पहुंचा रही है।
उन्होंने बताया कि पिछले कुछ महीनों में सरकार ने विदेशी निवेश, उत्पादन, निर्यात वृद्धि को लेकर बड़े फैसले लिए हैं और इससे देश में निवेश, बुनियादी ढांचे के विकास, बंदरगाहों के विकास और रेलवे तथा सड़क परिवहन सुविधाओं को मजबूती मिली है। युवाओं को कौशल, शिक्षा और प्रशिक्षण के आधार पर रोजगार योग्य बनाने पर जोर दिया जा रहा है और अब हमारे रोजगार योग्य युवाओं को देश में ही नहीं, बल्कि ‘ग्लोबल वर्कप्लेस’ यानी कई अन्य देशों में भी नौकरियां मिल रही हैं।
विदेश मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी खुद कुछ हफ्ते पहले सिंगापुर में जी-7 शिखर सम्मेलन में शामिल हुए थे।संयुक्त राष्ट्र अमेरिका जैसे देशों की यात्रा के दौरान उन्होंने वहां के उद्योगपतियों और कंपनियों से चर्चा की।अब देश रोजगार, निवेश, उत्पादन के क्षेत्र में मजबूती से अपना पैर जमा चुका है और जरूरी चीजें पूरी हो रही हैं।
विदेश मंत्री ने यह भी बताया कि पड़ोसी देशों की घटनाओं को लेकर हम पूरी तरह सतर्क हैं और दुनिया में तनावपूर्ण स्थिति में प्रधानमंत्री मोदी की भूमिका अहम होती जा रही है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि पिछले दशक में देश के सीमा क्षेत्र में बड़ा बदलाव आया है और सीमा पर बाड़ के निर्माण में प्रगति के कारण अब ऐसी कोई घुसपैठ नहीं होती है।
श्री जयशंकर ने कहा बांग्लादेश में राजनीतिक अस्थिरता के कारण सीमा पार से कुछ प्रयास हुए, लेकिन केंद्र सरकार ने कार्रवाई की। मोदी सरकार देश की सीमाओं को सुरक्षित रखने के लिए प्रयास करती रहेगी।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जहां भी जरूरी होगा वहां बाड़बंदी की जाएगी,जैसा कि यह स्पष्ट हो गया है कि कुछ लोग बांग्लादेश, म्यांमार से शरणार्थी के रूप में घुसपैठ करने की कोशिश कर रहे हैं, सीमा सुरक्षा की समीक्षा की जा रही है और हम सीमा क्षेत्र को खुला नहीं रहने देंगे।
उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि वर्ष 2014 से पहले की तरह अब ऐसा नहीं है कि कोई किसी भी तरह से देश में घुसपैठ कर प्रवेश कर सके।
श्री जयशंकर ने बताया कि यह सच है कि केंद्र और राज्य सरकारों की औद्योगिक नीतियां अलग-अलग हैं ऐसे में इसमें समन्वय के लिए महाराष्ट्र में डबल इंजन की सरकार जरूरी है।
जो लोग भारत में निवेश करना चाहते हैं उनके लिए अलग-अलग राज्यों में 12 डिवीजनों की घोषणा की गई है। उनका स्थान, आकार, विशेषताएँ अलग-अलग हैं, इसलिए राज्यों को इस संबंध में नीति तय करनी चाहिए।उन्होंने कहा कि इस योजना की सफलता राज्य सरकारों की सकारात्मक भागीदारी पर निर्भर करती है, राज्यों को निवेश आकर्षित करने के लिए प्रतिस्पर्धा करनी चाहिए, क्योंकि यह राष्ट्रहित में है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि महाराष्ट्र सबसे अधिक औद्योगिकीकृत राज्य है और उद्योग जगत महाराष्ट्र को पसंद करते हैं,महाराष्ट्र के बंदरगाह विश्व स्तरीय सुविधाओं में से एक हैं। सड़कों, रेलवे का नेटवर्क होने से महाराष्ट्र को एक महत्वपूर्ण भौगोलिक लाभ प्राप्त होता है। इसलिए, महाराष्ट्र निवेश के लिए एक आदर्श राज्य है। जर्मनी की कई बड़ी कंपनियों ने महाराष्ट्र को प्राथमिकता दी है।
विदेश मंत्री ने दावा किया कि अगले पचास वर्षों में भारत पूर्ण विकसित राष्ट्र होगा लेकिन यह अपने आप नहीं होगा अवसरों का लाभ उठाने के लिए दूरदर्शिता, रणनीतियों, सहज आत्मविश्वास की आवश्यकता होती है। ऐसे में लोगों की उम्मीदें बढ़ी हैं और मोदी सरकार इस बात पर फोकस कर रही है कि इन उम्मीदों को कैसे पूरा किया जाए।उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि एक दिन हम इन अपेक्षाओं को पूरा करेंगे।
गत 21 अक्टूबर को चीन-भारत वार्ता के दौरान कुछ मुद्दों पर सहमति बनी और गश्त में आ रही दिक्कतों को दूर कर लिया गया है, बड़ी संख्या में आमने-सामने खड़ी सेना को पीछे हटाने पर भी सहमति बनी है और अब सीमा प्रबंधन पर भी चर्चा होगी।
विदेश मंत्री ने कहा हम आतंकवाद को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध हैं,दुनिया ने देखा है कि हम आतंकवाद की चुनौती का मजबूती से जवाब दे रहे हैं और भारत आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई का नेतृत्व कर रहा है।
उन्होंने साफ किया कि आतंकवाद का चेहरा दुनिया के सामने उजागर कर जहां भी कार्रवाई की जरूरत होगी, वहाँ सख्त कदम उठाए जाएंगे। इसमें कोई शक नहीं कि कश्मीर में सीमा पार से आतंकवाद का जाल बिछा हुआ है लेकिन लोगों ने लोकतंत्र के लिए वोट किया है। हाल के चुनावों में 60 प्रतिशत मतदान हुआ, जो लोकतंत्र के लिए महत्वपूर्ण है। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि कौन दल जीतता है, ये सच है कि भारत जीता है।
उन्होंने कहा, अनुच्छेद 370 हटने के बाद यह बड़ा बदलाव है।
मणिपुर के मुद्दे पर बोलते हुए विदेश मंत्री नें कहा कि यह सच है कि मणिपुर के मुद्दे जटिल हैं, पुराने हैं किन्तु इस पर राजनीति करना दुर्भाग्यपूर्ण है। मणिपुर के नाम पर दुनिया के सामने भारत की छवि खराब करने का राजनीतिक एजेंडा ठीक नहीं है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र कभी भी परिपूर्ण नहीं होता, कुछ दिक्कतें होती हैं लेकिन चुनाव में में देश की जनता विकल्पों में से सर्वश्रेष्ठ विकल्प चुनती है, यही लोकतंत्र की सफलता है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस फॉरेन मिनिस्टर के साथ मुंबई अध्यक्ष व विधायक एड. आशीष शेलार और महासचिव संजय उपाध्याय समेत अन्य नेता मौजूद रहें।




