(आलोक तिवारी)
(मथुरा)
उत्तर प्रदेश पंडित दीनदयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय एवं गो अनुसंधान संस्थान, मथुरा में भारतीय महिला पशु चिकित्सा संगठन की 18वीं राष्ट्रीय संगोष्ठी का उद्घाटन विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर अनिल कुमार श्रीवास्तव की अध्यक्षता एवं मार्गदर्शन में हुआ । अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रोफेसर श्रीवास्तव ने बताया कि पशु चिकित्सा के साथ समाज एवं परिवार में महिला पशु चिकित्सकों का अहम योगदान है पशु चिकित्सक महिलाएं शिक्षक, वैज्ञानिक, चिकित्सा, सैन्य अधिकारी, प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ परिवार में मां, बहन तथा बेटी की अहम भूमिका निभा रही है । स्वस्थ तथा समृद्ध समाज के विकास के लिए संतुलित आहार उपलब्ध कराना अत्यंत महत्वपूर्ण है।
जिसमें पशुधन का अहम योगदान है। पशुओं के विभिन्न उत्पादों का स्वच्छ तथा संतुलित होना अत्यंत आवश्यक है । जिसके लिए पशुधन का स्वास्थ्य होना अत्यंत आवश्यक है क्योंकि पशुओं से विभिन्न प्रकार की बीमारियां मानव शरीर में भी फैल सकती हैं। जिन्हें हम जूनोटिक बीमारियां कहते हैं । जिसमें ट्यूबरक्लोसिस, ब्रूसेलोसिस और लिस्टिरिओसिस अत्यंत महत्वपूर्ण है।
अतः हमें अपने पशुओं के स्वास्थ्य एवं संवर्धन पर विशेष ध्यान देना चाहिए। जिससे पशुधन से प्राप्त होने वाले उत्पाद स्वच्छ तथा स्वास्थ्यवर्धक हो। राष्ट्रीय संगोष्ठी की मुख्य अतिथि प्रोफेसर आशु रानी, कुलपति, भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा में बताया कि विकसित भारत में महिला पशु चिकित्सक की अहम भूमिका है महिला पशु चिकित्सक ग्रामीण स्तर पर महिलाओं को पशुपालन तथा उनके उत्पादों से आर्थिक स्वावलंबन को बढ़ावा देने हेतु प्रेषित कर, ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। संगोष्ठी के विशिष्ट अतिथि, डॉ. मनीष कुमार चेटली, निदेशक, केंद्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान, मखदूम, मथुरा ने बताया कि बकरी पालन से गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बना सकते हैं। राष्ट्रीय संगोष्ठी में तमिलनाडु पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय चेन्नई की तृतीय वर्ष की छात्रा तुलसीमथी मुरुगेशन को पेरिस पैराओलंपिक, 2024 में बैडमिंटन में सिल्वर मेडल जितने पर सर्वश्रेष्ठ महिला पशु चिकित्सक पुरस्कार से सम्मानित किया गया । डॉ. मुरुगेशन युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा की स्रोत है जो पढ़ाई के साथ-साथ खेल के क्षेत्र में हुए उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं। इस अवसर पर भारत की प्रथम महिला पशु चिकित्सक डॉ. आशा रजनी को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर पशु चिकित्सा, सैन्य सेवाओं में प्रथम लेडी कैप्टन डॉ. हर्षिता राघव को भी सम्मानित किया गया। संयोजक समिति के अध्यक्ष, प्रोफेसर विकास पाठक, अधिष्ठाता पशु चिकित्सा एवं पशुपालन महाविद्यालय ने आगंतुकों का स्वागत करते हुए बताया कि महिला पशु चिकित्सक, पशु चिकित्सा के क्षेत्र में अत्यंत सराहनी कार्य कर रही है । जिससे ग्रामीण परिवेश में पशुपालन को बढ़ावा मिल रहा है । भारतीय महिला पशु चिकित्सा संगठन की अध्यक्ष डॉ. मधु स्वामी ने संगठन की स्थापना, कार्यशैली तथा योगदान के बारे में चर्चा की । इस अवसर पर संगठन के महासचिव डॉ .राजेश्वरी आर. ने संगठन की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की । इस अवसर पर विश्वविद्यालय की प्रथम महिला श्रीमती सुरभि श्रीवास्तव, प्रोफेसर अर्चना पाठक, अधिष्ठाता, परास्नातक; प्रोफेसर रश्मि सिंह, अधिष्ठाता, डेरी साइंस महाविद्यालय; डॉ. नित्यानंद पांडे, अधिष्ठाता मत्स्यिकी महाविद्यालय; प्रोफेसर आर. पी. पांडे, अधिष्ठाता, बायोटेक्नोलॉजी महाविद्यालय; प्रोफेसर अरुण कुमार मदन, कुलसचिव; प्रोफेसर विजय पांडे, प्रोफेसर संजय पुरोहित, प्रोफेसर देश दीपक सिंह, प्रोफेसर अरविंद त्रिपाठी, प्रोफेसर बृजेश यादव, प्रोफेसर अमित सिंह सहित विश्वविद्यालय के समस्त अधिकारी, कर्मचारी तथा परास्नातक छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे आयोजक सचिव डॉ. बरखा शर्मा ने आगंतुकों का धन्यवाद ज्ञापित किया।




